भारत में कोरोनरी आर्टरी डिजीज के मामलों में तेजी से हुई है बढ़ोत्तरी

अलीगढ़ मीडिया ब्यूरो,अलीगढ: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कॉलेज के कार्डियोलोजी सेंटर द्वारा भारत में कोरोनरी धमनी रोग समस्यायें और चुनौतियॉ विषय पर आयोजित प्रसार व्याख्यान को संबोधित करते हुए प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ एस्कार्ट हार्ट इंस्टीटयूट के चैयरमैन पदमश्री डॉक्टर अशोक सेठ ने कहा कि गत तीन दशकों में आम भारत में कोरोनरी आर्टरी डिजीज के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है और अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले 15 से 20 वर्षों में बड़ी आबादी दिल की बीमारी का शिकार हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं में भी हृदय रोग तेजी से पांव पसार रहा है और भविष्य में जब युवाओं की एक बड़ी संख्या देश में बढ़ेगी तो ऐसे में स्थिति और भी चिंता जनक हो सकती है। डॉ. सेठ ने कहा कि जहॉ हृदय रोग बढ़ने के धुम्रपान, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज या मोटापा आदि मुख्य कारण हैं। वही बढ़ते प्रदूषण के चलते भी हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उनहोंने कहा कि प्रदूषण के हानिकारक तत्व धमनियों को क्षतिग्रस्त कर देते हैं जिससे हृदय रोग की समस्या उत्पन्न हो रही है।
डॉक्टर अशोक सेठ ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में हृदय रोग के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। पूर्व में बड़े आपरेशन के द्वारा हृदय का उपचार होता था लेकिन अब 95 वर्ष आयु तक के लोगों का वाल्व आसानी से बदला जा सकता है और रोगी को लम्बे समय तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। यह मिनिमल इनवेंसेवेबिल तकनीक के चलते संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही नैनो तकनीक से हृदय रोगियों को उपचार सुविधा मुहैया हो सकेगी।
एएमयू में बिताये छात्र दिनों की यादों को ताजा करते हुए प्रोफेसर अशोक सेठ ने कहा कि वह आज जिस मुकाम पर हैं उसका श्रेय इसी संस्था को जाता है और वह हमेशा इस संस्था की सेवा के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने जेएन मेडीकल कॉलेज की कैथ लैब में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों की भी सराहना की।  एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि डॉ. अशोक के सहयोग के चलते ही जेएन मेडीकल कॉलेज में कैथलैब की स्थापना संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि प्रो. सेठ वर्ष 2020 तक जेएन मेडीकल कॉलेज में एडजेंक्ट फैकल्टी बने रहेंगे जो इस कॉलेज के लिए गौरव का विषय है। कुलपति ने कहा कि कैथलैब में यहॉ के चिकित्सकों द्वारा जटिल प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जा रहा है जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक को हमेशा अपडेट रहना चाहिए। कुलपति ने कहा कि कार्डियोलोजी सेंटर में डीएम (कार्डियोलोजी) कोर्स प्रारंभ किये जाने के प्रयास भी चल रहे हैं। जिसके बाद यहॉ रोगियों को और अधिक सुविधायें उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्डियोलोजी सेंटर के निदेशक प्रोफेसर आसिफ हसन ने कहा कि कैथलेब के प्रारंभ होने के 22 महीनों के भतीर लगभग 700 इंटरवेंशन्स केसों को सफतला पूर्वक अंजाम दिया जा चुका है और इस वर्ष की समाप्ति तक यह संख्या बढ़कर 2 हजार होने की उम्मीद है। प्रो. हसन ने बताया कि कैथलैब में प्रतिदिन 6 से 7 रोगियों के इंटरवेंशन्स हो रहे हैं और आज जेएन मेडीकल कॉलेज की कैथलैब देश के प्रमुख कैथलैब के मानचित्र पर आ गई है। अब रोगी को दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने सेंटर के चिकित्सकों प्रोफेसर एमयू रब्बानी, डॉ. मलिक एम अजहर उद्दीन और डॉ. रफी अनवर के कार्यों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया।
उपस्थितजनों का आभार डॉक्टर मलिक एम अजहरउद्दीन ने जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर शाद अबकरी ने किया। कार्यक्रम में मेडीसिन संकाय के डीन एवं प्रिन्सिपल प्रो. एससी शर्मा, प्रोफेसर एमयू रब्बानी व डॉक्टर रफी अनवर के अलावा बड़ी संख्या में मेडीकल के चिकित्सक मौजूद थे।व्याख्यान के बाद डॉक्टर अशोक सेठ ने कैथलैब में प्रो. आसिफ हसन, प्रो. एमयू रब्बानी, डॉ. मलिक एम अजहर उद्दीन, डॉ. रफी अनवर के साथ मिलकर जटिल कोरोनरी केसेज़ को अंजाम दिया।

...हमारी खबरों को अपने फेसबुक, ट्यूटर के जरिये दोस्तों को शेयर जरूर करें

Aligarh Media Group

www.aligarhmedia.com (उत्तर प्रदेश के अलीगढ जनपद का नंबर-१ हिंदी न्यूज़ पोर्टल) अपने इलाके की खबरे हमें व्हाट्सअप करे: +91-9219129243

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *