दोनों लोग जिस प्रकार से उर्दू भाषा और साहित्य के बड़े विद्वान थे: प्रो. आज़रमी

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम,अलीगढ: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविधालय के उर्दू विभाग में प्रख्यात लेखक एवं आलोचक प्रो. शम्सुर रहमान फारूकी और उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जफर अहमद सिद्दीकी के निधन पर समाजिक दूरी का पालन करते हुए एक शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा की अध्यक्षता करते हुए फारसी की विद्वान और फारसी शोध संस्थान की पूर्व निदेशक प्रो. आज़रमी दुख्त सफवी ने प्रो. फारूकी और प्रो. अहमद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह दोनों लोग जिस प्रकार से उर्दू भाषा और साहित्य के बड़े विद्वान थे उसी प्रकार इनका सम्बन्ध फारसी परम्परा से भी था। वह फारसी साहित्य के शास्त्रीय साहित्य से लेकर आधुनिक साहित्य से परिचित थे। उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद अली जोहर ने कहा कि प्रो. शम्सुर रहमान फारूकी को आलोचना के साथ इतिहास और फिक्शन पर पूरी तरह महारत हासिल थी। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण उनका उपन्यास ‘‘कई चांद थे सरे आसमां’’ है।
प्रो. जौहर ने कहा कि प्रो. जफर अहमद सिद्दीकी से उनका बड़ा ही भावुक सम्बन्ध था और वह न केवल एएमयू बल्कि इससे बाहर भी अपनी विद्वता के लिये जाने जाते थे। मास कम्यूनिकेशन विभाग के अध्यक्ष प्रो. शाफे किदवई ने प्रो. शम्सुर रहमान फारूकी के उपन्यास पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रो. शम्सुर रहमान फारूकी की पुस्तकों का हवाला देते हुए कहा कि केवल उनको देख कर अन्दाजा हो जाता है कि उनका कितना बड़ा महान व्यक्तित्व था।

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शोक सभा को प्रो. काजी जमाल हुसैन, प्रो. काजी अफजाल हुसैन, प्रो. अकील अहमद सिद्दीकी, अजमल इस्लाही ने भी सम्बोधित किया।
इससे पूर्व प्रो. जफर अहमद सिद्दीकी की पुत्री नायमा जफर ने कहा कि उनके स्वर्गीय पिता असाधारण व्यक्तित्व के मालिक थे और वह हर कार्य स्वयं ही करते थे।
प्रो. शम्सुर रहमान फारूकी से सम्बन्धित शोक प्रस्ताव प्रो. सैयद सिराज अजमली और प्रो. जफर अहमद सिद्दीकी से सम्बन्धित शोक प्रस्ताव डा. खालिद सैफुल्लाह ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शिक्षकों और शोधार्थियों के अलावा गैर शिक्षक कर्मी भी शामिल हुए।

…राज्यस्तरीय पोस्टर मेकिगं प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार
अलीगढ़, 12 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविधालय के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयं सेवक मोहम्मद समीर खान को राज्यस्तरीय पोस्टर मेकिगं प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। आनलाइन पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि मिनिस्थी एस नायर (आईएएस) आईजी रजिस्ट्रेशन एडं स्टैम्प्स शामिल हुईं। इस अवसर पर डा० अनशुमाली शर्मा विशेष कार्यअघिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना लखनऊ व डा० अशोक श्रोती क्षेत्रीय निदेशक भारत सरकार राष्ट्रीय सेवा योजना क्षे़़त्रीय निदेशलय ने बताया कि यह प्रतियोगितायंे युवा संवाद के अंतर्गत कैरियर व जीवन कौशल पर वेबिनार श्रृंखला का आरंभ और स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित की गई।
डा० अरशद हुसैन कार्यक्रम समन्वयक, ने बताया कि यह तीसरा अवसर है जब इस वर्ष राष्ट्रीय सेवा योजना अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविधालय अलीगढ़ के स्वयं सेवकों को जनपद स्तर व राज्यस्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आशा जताई कि इसी तरह से स्वयं सेवक राष्ट्रीय सेवा योजना अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविधालय अलीगढ का नाम रोशन करते रहेंगे।

…अंसार के निधन पर एक शोक सभा का आयोजन
अलीगढ़, 12 जनवरीः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविधालय के सर शाह सुलेमान हाल में एमटीएस के पद पर कार्यरत श्री अंसार के निधन पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता हाल के प्रवोस्ट प्रो. सलमान हमीद ने की।प्रो. सलमान हमीद ने शोक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय अंसार ने लगभग 11 वर्ष किचिन अटेंडेंट के रूप में अपने कार्य को पूरी ईमानदारी और कड़ी मेहनत के साथ अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि वह अपने कार्य के कारण ही हाल के सभी लोगों में बेहद लोकप्रिय थे। उन्होंने अपने पीछे पत्नी समेत 4 बच्चों को छोड़ा है।
शोक सभा में दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतृप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर हाल के समस्त वार्डन और हाल कर्मियों ने भी स्वर्गीय अंसार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी श्रृद्वांजलि अर्पित की।

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