दुग्ध उत्पादन एवं झींगा मछली, कुक्कुट व बकरी पालन कर आमदनी बढ़ायें किसान

अलीगढ मीडिया न्यूज़, आगरा/अलीगढ :आयुक्त सभागार में आगरा एवं अलीगढ़ मण्डल की मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2019 सम्पन्न हुई। जिसमें दोनों मण्डलों से सम्बन्धित अधिकारी, प्रगतिशील किसान तथा कृषि वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर एक कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन प्रमुख सचिव, पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य श्री सुधीर महादेव बोबड़े ने किया। प्रदर्शनी उद्घाटन अवसर पर आयुक्त, आगरा मण्डल श्री अनिल कुमार भी उपस्थित थे।
गोष्ठी को मुख्य अतिथि प्रदेश के प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद ने सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों की आमदनी दोगुनी किए जाने हेतु यह जरूरी है कि खेती की लागत घटे, उपज बढ़े तथा किसान को उपज का सही मूल्य मिल सकें, इस तरह की तकनीकी खेती में अपनानी होगी। किसानों को उत्पादों का सही मूल्य मिल सकें, इससे उन्हें बाजार की मांग के अनुसार फसलों का विविधिकरण करना होगा। कृषि को खेती के साथ ही साथ बागवानी, पशुपालन तथा एग्रोफारेस्ट्री चार भागों में विभाजित कर करना होगा। इसके अतिरिक्त फसलों के उत्पादन के साथ ही साथ उनके प्रसंस्करण पर भी ध्यान केन्द्रित करना होगा, जिससे खेती के लाभकारी होने से नौजवान पीढ़ी कृषि को वैज्ञानिक तरीके से करने हेतु आकर्षित होगी। उन्होंने कहा कि अब प्रगतिशील किसान खेती के साथ ही साथ प्रोसेसिंग प्लांट व फिल्टर प्लांट लगाकर अपने उत्पादों की पैकेजिंग स्वयं करने लगे हैं और उन उत्पादों का अपने ब्राण्ड से मार्केटिंग करके खेती से अधिकाधिक मुनाफा अर्जित कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेती में भी अब “फेमिली फार्मर“ अवधारणा का उपयोग करके अपने उत्पादों का विपणन कर रहें हैं, जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है।
प्रमुख सचिव कृषि ने कहा कि मण्डी अधिनियम के अन्तर्गत व्यापक संशोधन किए गए हैं। अब मण्डियां 15 सदस्यीय समिति के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिसमें 09 सदस्य किसान होंगे। इन्ही किसानों में से मण्डी समिति के सभापति व उप सभापति का चयन किया जाएगा। किसान अपने उत्पाद को देश के किसी भी मण्डी में बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि किसान अपना उत्पाद सीधे उपभोक्ता को बेचता है तो उस पर कोई मण्डी शुल्क नहीं लगेगा।
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में कहीं भी खाद व बीज की उपलब्धता की कोई समस्या नहीं है। वर्तमान समय में 5 लाख मी0 टन यूरिया एवं 04 लाख मी0 टन पोटाश अग्रिम रूप से क्रय कर स्टाॅक की व्यवस्था की गयी है, ताकि प्रदेश में कहीं भी खाद की कमी न होने पाये। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जिप्सम की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाएगी।
प्रमुख सचिव कृषि ने सामूहिक फसल बीमा योजना में आ रही दिक्कतों की बात किसानों द्वारा बताये जाने पर कहा कि किसान भाई 31 जुलाई के पहले अपने से सम्बन्धित बैंक में अपनी बोयी फसल की सूचना दे दें कि उनकी इसी फसल का बीमा किया जाय, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न आये। उन्होंने किसान भाईयों से अपील की है कि वे अपनी फसलों में कीटनाशक दवाओं का प्रयोग दूकानदारों के सुझाव पर न करके कृषि विभाग के अधिकारियों व कृषि वैज्ञानिकों के सुझावों पर करें, अन्यथा दूकानदार अपने लाभ के लिए कीटनाशक बेचने के उद्देश्य से फसलों में अधिक से अधिक कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करा देंगे जिससे खेती में लागत बढ़ने के साथ ही, उत्पाद भी प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि किसान पाठशालायें आगामी 10 से 13 जून व 17 से 20 जून के मध्य चलायी जाएगी।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए प्रमुख सचिव, पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य श्री सुधीर महादेव बोबड़े ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के निरीक्षण के दृष्टिगत जहां-जहां निराश्रित पशु आश्रय संचालित हो रहे हैं, उन स्थानों की जियो टैगिंग करायी जाय तथा संरक्षित पशुओं की ईयर टैगिंग भी हो। निराश्रित पशु आश्रय स्थलों का प्रतिदिन का लेखा-जोखा रखा जाय तथा नर पशुओं का बंध्याकरण किया जाय, जिसमें 06 माह से छोटे नर पशुओं का बंध्याकरण शत-प्रतिशत सुनिश्चत किया जाय। उन्होंने सभी मण्डलायुक्त व जिलाधिकारियों से अपेक्षा की कि पशुपालन विभाग के जो अधिकारी/कर्मचारी इन कार्यों को सुनिश्चित न करें, उनके विरूद्ध कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति कर दिया जाय। उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बताया कि कृषकों की आय दोगुनी करने में दुग्ध विकास का भी महत्वपूर्ण स्थान है। दुग्ध उद्यमिता विकास योजना के अन्तर्गत 02 से 10 पशुओं के लिए वित्तपोषण की व्यवस्था है। इसके साथ ही उन्होंने आगरा व अलीगढ़ मण्डल में खारे पानी व एन0सी0आर0 के निकटता के दृष्टिगत झींगा पालन किए जाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ कुक्कुट व बकरी पालन करके भी आमदनी में बढ़ोत्तरी की जा सकती है।
मण्डलायुक्त अलीगढ़ श्री अजय दीप सिंह ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए बताया कि अलीगढ़ मण्डल में 9 लाख 57 हजार से अधिक मृदा कार्ड जारी किये गये हैं, साथ ही किसानों को किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत किसानों को लाभान्वित किया गया है। अलीगढ़ मण्डल में किसानों को 18 घण्टे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। नलकूपों की स्थिति भी मण्डल में संतोषजनक है। इसके साथ ही नहरों द्वारा टेल तक पानी पहुॅचाया जा रहा है, हाथरस मंे आलू की पैदावार के दृष्टिगत पोटैटो प्रोसेसिंग हेतु भी योजना तैयार की जा रही है।
मण्डलायुक्त श्री सिंह ने बताया कि मण्डल में गेंहू खरीद की स्थिति भी संतोषजनक है, सभी गेंहू क्रय केन्द्रो पर किसानों द्वारा अपनी उपज को बेचा जा रहा है। ग्राम स्तर से लेकर तहसील स्तर तक अस्थायी गौशाला केन्द्रों का निर्माण किया गया है। एक दो माह पश्चात गौवंश सड़कों पर नजर नहीं आएंगे। उन्होंने बताया कि सामूहिक बीमा योजना के अन्तर्गत 4 करोड़ 21 लाख की धनराशि बीमा कम्पनियों को दिलाई गयी है।
जिलाधिकारी अलीगढ़ चन्द्र भूषण सिंह ने गोष्ठी में बताया कि जनपद अलीगढ़ में गौवंश की रक्षा के लिए व्यापक स्तर पर कार्यवाही की गयी है। यहां पंजीकृत एवं अपंजीकृत गौशालाओं के निर्माण के साथ सभी ग्राम सभाओं में पंचायत राज विभाग एवं नगर पालिकाओं द्वारा अपने-अपने क्षेत्र निराश्रित गौवंश के लिए गौआश्रय केन्द्र खोले गये हैं। गौवंश के भरण पोषण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गयी है।
संगोष्ठी में आये कृषि वैज्ञानिकों द्वारा उपस्थित किसानों को खरीफ फसलों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। इस अवसर पर किसानों ने मण्डलायुक्त अलीगढ़ अजय दीप सिंह, जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा को शाॅल उड़ाकर सम्मानित किया एवं अपनी समस्याओं की जानकारी दी, जिस पर उपस्थित अधिकारियों/कृषि वैज्ञानिकों द्वारा उसके निराकरण के सम्बन्ध में अवगत कराया गया।
गोष्ठी को जिलाधिकारी फिरोजाबाद सेल्वा कुमारी जे0, जिलाधिकारी हाथरस श्री प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य विकास अधिकारी आगरा श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ सहित आगरा व अलीगढ़ जनपद के मुख्य विकास अधिकारी आदि लोगों ने सम्बोधित किया। गोष्ठी का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया तथा आयुक्त आगरा श्री अनिल कुमार ने सभी का स्वागत किया। संयुक्त कृषि निदेशक श्री टी0पी0 चैधरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विशेष सचिव, सहकारिता, विशेष सचिव पंचायतीराज, अपर कृषि निदेशक, संयुक्त विकास आयुक्त श्री आशोक बाबू मिश्रा, वन संरक्षक आगरा श्री जावेद अख्तर सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण तथा आगरा व अलीगढ़ मण्डल के प्रगतिशील किसान व कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।

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