“जिला शुल्क नियामक समिति” की बैठक में स्कूल संचालको के लिए जारी हुए दिशा-निर्देश

अलीगढ मीडिया ब्यूरो, अलीगढ: सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय सरकारी गजट उत्तर प्रदेश द्वारा प्रकाशित नियम के अनुसार ही विद्यालयों में शुल्क लेंगे तथा नियम के अनुसार ही शुल्कों में वृद्धि करेंगे। कॉशन मनी की धनराशि को टी0सी0 कटने के 30 दिन के अन्दर बैंक ब्याज सहित छात्र को वापस करेंगे। प्रत्येक विद्यालय रजिस्ट्रेशन एवं प्रवेश शुल्क एक ही बार लेगा जब किसी नये छात्र का विद्यालय में प्रवेश होगा।
यह विचार अपर जिलाधिकारी नगर एस0बी0 सिंह ने कलैक्ट्रेट सभागार में शुल्क नियामक समिति की बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि जो विद्यालय बच्चों से 20 हजार रूपये से अधिक वार्षिक शुल्क ले रहे हैं वह सभी विद्यालय एक्ट की परिधि में आते हैं और कोई भी विद्यालय अभिभावक से एक साथ शुल्क जमा करने का दबाव नहीं डालेगा। अभिभावक के सुविधानुसार शुल्क को मासिक, त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक के रूप में लिया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक विद्यालय की शुल्क संग्रह की प्रक्रिया खुली, पारदर्शी एवं उत्तरदायी होनी चाहिये।
श्री सिंह ने सभी विद्यालयों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी विद्यालय में 35 सीटर से बड़ी बस नहीं होनी चाहिए और बसों की स्थिति अच्छी हालत में हो तथा प्रत्येक बसों का संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा निर्गत फिटनेस प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय अपने स्कूल में रोड ट्रैफिक आफीसर बनाएं जो बसों की स्थिति एवं बच्चों की सुविधा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने चालक एवं परिचालक का पुलिस वेरीफिकेशन आवश्यक रूप से कराए जाने के भी निर्देश दिये।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि अनुज्ञात शुल्क वृद्धि मान्यता प्राप्त विद्यालय अपने विद्यमान छात्रों के लिए पूर्ववर्ती वर्ष के अध्यापन कर्मचारी वर्ग के मासिक वेतन में प्रति व्यक्ति वृद्धि के औसत के बराबर ही लिया जाएगा किन्तु यह 5 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला शुल्क नियामक समिति मान्यता प्राप्त विद्यालयों द्वारा शुल्क वृद्धि के सम्बन्ध में दिए गये प्रस्तावों और कारणों पर विचार करके प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है और कितने प्रतिशत शुल्क में वृद्धि हो इसको भी निश्चित कर सकती है।
श्री शर्मा ने बताया कि जो विद्यालय जिला शुल्क नियामक समिति के नियमों का उल्लंघन करेंगे उन्हें प्रथम उल्लंघन पर 1 लाख रूपये का अर्थ दण्ड, द्वितीय पर 5 लाख रूपये तथा तीसरी बार उल्लंघन पर मान्यता समाप्ति की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय 5 वर्ष से पूर्व अपने विद्यालय की यूनीफॉर्म नहीं बदलेगा एवं बच्चों तथा अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए दबाव नहीं डालेगा।

मान्यता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाइस्कूल व इण्टर कालेजों के द्वारा फीस वृद्धि के सम्बंध में जिला नियामक शुल्क समिति की हुई बैठक, एडीएम सिटी व डीआईओएस ने जारी किए दिशा-निर्देश।
शासन द्वारा जारी सरकारी गज़ट का पालन सुनिश्चित करने के लिए जनपद अलीगढ़ में संचालित मान्यता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाइस्कूल व इण्टर कालेजों के द्वारा फीस वृद्धि के सम्बंध में *डीएम अलीगढ़ श्री चन्द्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में “जिला नियामक शुल्क” समिति* का गठन किया गया है, जिसमें :-

1. जिला मजिस्ट्रेट – अध्यक्ष
2. डीआईओएस – सदस्य सचिव
3. एक्सईएन पीडब्लूडी- सदस्य
4. एसटीओ – सदस्य
5. प्रधनाचार्य,ओएलएफ – सदस्य
6. मनी गुप्ता सीए – सदस्य
7. चंद्र प्रकाश, अभिवावक एसोसिएशन – सदस्य।

डीएम अलीगढ़ श्री सिंह के निर्देश पर आज कलेक्ट्रट सभागार में मान्यता प्राप्त सभी स्कूल व कालेजों के साथ *जिला शुल्क नियामक समिति* की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का संचालन डीआइओएस श्री धर्मेंद्र शर्मा ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह ने सभी स्कूल व कालेजों के प्रधानाध्यापकों/प्रतिनिधयों को सरकारी गज़ट की विस्तृत जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि :-

1. A – किसी विद्यालय में शुल्क संग्रह की प्रक्रिया खुली पारदर्शी और उत्तरदाई होगी जिसमें:-
१- विवरण पुस्तिका एवं रजिस्ट्रीकरण शुल्क यह केवल छात्र द्वारा रजिस्ट्रीकरण के समय देय होगा।
२- प्रवेश शुल्क विद्यालय में नवीन प्रवेश के समय प्रथम बार लिया जाएगा।
३- परीक्षा शुल्क सिर्फ परीक्षाओं के लिए ही देय होगा।

४- संयुक्त वार्षिक शुल्क प्रति वर्ष एकल शीर्षक वार्षिक आवर्ती शुल्क ही देय होगा।

*B – वैकल्पिक शुल्क संगठक- विद्यालय द्वारा उपबंधित वैकल्पिक क्रियाकलापों तथा सुविधाओं हेतु देय विभिन्न शुल्क* निम्नलिखित होंगे:-

१- परिवहन
२- बोर्डिंग
३- मेस या डायनिंग
४- शैक्षिक भ्रमण
५- कोई सामान क्रियाकलाप

2 – प्रत्येक मान्यता प्राप्त विद्यालय शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व समिति को आगामी शैक्षणिक वर्ष के दौरान शुल्क का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करेगा।

3- विद्यालय प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष प्रवेश प्रारंभ होने के 7 दिन पूर्व अपनी वेबसाइट पर शुल्क का विवरण अपलोड करेगा एवं सूचना पट्ट पर प्रकाशित भी करेगा।
3- विद्यालय यह भी स्पष्ट करेगा कि शुल्क मासिक या त्रैमासिक या अर्ध वार्षिक किस्तों में किया जाएगा।
4- कोई विद्यालय समिति की पूर्व स्वीकृत के सिवाय शैक्षणिक सत्र के दौरान शुल्क से अधिक कोई शुल्क अधिक नहीं लेगा।
5- प्रत्येक मान्यता प्राप्त विद्यालय यह सुनिश्चित करेगा कि कोई कैपिटेशन शुल्क न लिया जाए।
6- छात्र से लेने वाले प्रत्येक शुल्क या प्रभार के लिए रसीद जारी की जाएगी।
7- किसी छात्र को पुस्तकें, जूते, मौजे व यूनिफॉर्म आदि किसी दुकान से क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
8- विद्यालय द्वारा पांच निरंतर शैक्षणिक वर्षों के भीतर विद्यालय पोशाक में परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
9- विद्यालय प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश प्रारंभ होने के साठ दिन पूर्व अपने सूचना पट्ट/वेबसाइट पर निम्नलिखित विवरण प्रकाशित करेगा और विवरण पुस्तिका छात्रों को प्रवेश पत्र सहित उपलब्ध कराई जाएगी:-
१- मान्यता प्राप्त विद्यालय के संबंध में सामान्य जानकारी प्रत्यायन एवं संबद्धता।
२- प्रवेश नीति।
३- पूर्ववर्ती वर्ष ,चालू वर्ष और आगामी वर्ष के लिए शुल्क एवं निधि संरचना का विवरण।
४- छात्रावास खेल पाठ्यचर्या संबंधी क्रियाकलापों और अतिरिक्त पाठ्यचर्या संबंधी क्रियाकलापों सहित सुविधाओं का विवरण।
५- विद्यार्थी स्थान अनुपात एवं विद्यार्थी अध्यापक अनुपात का विवरण।
६- शैक्षणिक वर्ष 2015-16, 2016-17 और 2017-18 में अध्यापकों का वेतन विवरण।
७- मान्यता प्राप्त विद्यालय द्वारा छात्रों हेतु संपूर्ण शैक्षणिक वर्ष के दौरान आयोजित किए जाने वाले प्रमुख कार्यक्रमों का कैलेंडर।
८- मान्यता प्राप्त विद्यालयों द्वारा अध्यापक प्रशिक्षण और कर्मचारी वर्ग विकास कार्यक्रम हेतु संपूर्ण शैक्षणिक वर्ष के दौरान आयोजित किए जाने वाले प्रमुख कार्यक्रमों का कलैंडर।

 

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