एलोपैथिक फेल हो जाती है वहां आयुर्वेदिक यूनानी सफल होती है

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम,अलीगढ। चिकित्सा पद्धति इंटीग्रेटेड सिस्टम मेडिसन ही सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति होनी चाहिए क्षेत्र के हिसाब से जहां जैसी जरूरत हो। ऐसी चिकित्सा पद्धति का उपयोग होना चाहिए और सबसे ज्यादा फायदा रोग को समाप्ति में होता है । एसीएमओ डॉ दुर्गेश कुमार ने कहा कि चिकित्सा चाहे आयुर्वेदिक यूनानी से हो या एलोपैथी से मरीज को लाभ मिलना चाहिए। जब एलोपैथिक फेल हो जाती है वहां आयुर्वेदिक यूनानी सफल होती है, इस अवसर पर एक वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका विषय था आयुष में आकस्मिक चिकित्सा की आवश्यकता जिसमें जेडी आयुर्वेदिक कॉलेज की छात्रा इकरा हमन को तृतीय स्थान साई आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलज की छात्रा पल्लवी सक्सेना को दृतीय परुस्कार एवं जीवन ज्योति आयुर्वेदिक कॉलेज की छात्रा शुभाविजय श्री को प्रथम पुरस्कार दिया गया।

डॉ पन्नालाल जी का जीवन परिचय डॉटर अदीब के द्वारा दिया गया । विश्व यूनानी दिवस पर प्रोफेसर ए के शिरानी ने अपने विचार दिया नीम भवन निर्माण से सम्बंधित एक डॉक्यूमेंट्री डॉ अमितेश गर्ग ने दिखाइए। कार्यक्रम का संचालन डॉ शिल्पी गुप्ता डॉ नुजहत अख्तर ने किया इस अवसर पर डॉ देवेंद्र कुमार डॉ अदिबुल आफरीन डॉ वाई०के० गुप्ता डॉ विश्वामित्र आर्य डॉक्टर काजल सिंह डॉ पवन गौड़ डॉ वाई के सिंह डॉ वीरेंद्र चैधरी डॉ बी एम सिसोदिया डॉ रमित जादोन डॉ खान मुन्नवर हूसेन,डॉ इंशाद मौ० डॉ शाहिद मालिक,डॉ शेलेन्द्र माथुर डॉ संतोष पाठक,डॉ अमन शर्मा,डॉ मेराज अली,आदि अनेक चिकित्सक थे

...हमारी खबरों को अपने फेसबुक पेज, ट्यूटर & WhatsAap Gruop के जरिये दोस्तों को शेयर जरूर करें

Aligarh Media Group

www.aligarhmedia.com (उत्तर प्रदेश के अलीगढ जनपद का नंबर-१ हिंदी न्यूज़ पोर्टल) अपने इलाके की खबरे हमें व्हाट्सअप करे: +91-9219129243 E-mail: aligarhnews@gmail.com