जानिए,…जन्माष्टमी पर ऐसे करें कृष्णा जी की पूजा-अर्चना

अलीगढ़ मीडिया ब्यूरो, अलीगढ़। श्री कृष्णा जन्माष्टमी की पूजा मे किन चीजो का उपयोग करें जिससे हमें मिले पूजा का शत प्रतिशत लाभ इस बारे में (ज्योतिषाचार्य )गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा ने बताया कि श्री कृष्णा जन्माष्टमी की पूजा और व्रत का अपना ही एक अलग महत्व है। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की पूजा में इन वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए,
*आसन* भगवान कृष्ण की मूर्ति को स्थापित करने के लिए एक सुंदर आसन का प्रयोग करना चाहिए। आसन लाल, पीले या कैसरिया जैसे रंगों का होना चाहिए, जिस पर  बेलबूटों से सजावट की हुई हो।
*पाद्य* भगवान कृष्ण के चरणों को धोने के लिए सोने, चांदी या तांबे के किसी पात्र में शुद्ध पानी भरकर, उसमें फूलों की पंखुड़ियां डालना चाहिए।
*मधुपर्क या पंचामृत* पंचामृत शहद, घी, दही, दूध और शकर- इन पांचों को मिलाकर तैयार करना चाहिए। फिर शुद्ध पात्र में उसका भोग भगवान को लगाएं।
*अनुलेपन* पूजा में उपयोग में आने वाले दूर्वा, कुंकुम, चावल, अबीर, सुगंधित फूल और शुद्ध जल को अनुलेपन कहा जाता है। इन सबके साथ-साथ पूजा में चंदन और कस्तूरी का भी प्रयोग करना चाहिए।
*आचमनीय* आचमन के लिए प्रयोग में आने वाला जल आचमनीय कहलाता है। इसे सुगंधित वस्तुओं और फूलों के तैयार करना चाहिए।
*स्नानीय* भगवान कृष्ण के स्नान के लिए आंवले का चूर्ण उपयोग में लेना चाहिए।
*पुष्प* भगवान कृष्ण की पूजा में सुगंधित,शुद्ध और ताजे फूलों का ही प्रयोग करना चाहिए।
*नैवेद्य* जन्माष्टमी की पूजा के लिए बनाए जा रहें नैवेद्य में शकर, मिश्री, ताजी मिठाइयां, ताजे फल, लड्डू, खीर, गुड़, शहद, ताजा दही आदि जैसे अन्य मीठे पदार्थों को शामिल करना चाहिए।
*धूप* जन्माष्टमी की पूजा में शुद्धधूप का प्रयोग करना  चाहिए।
*दीप* पूजा में चांदी, तांबे या मिट्टी के बने दीए में घी या तेल डालकर भगवान की आरती अगरबत्ती की जगह इसी दीपक से करनी चाहिए।

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