नगर पालिका अतरौली में 10 लोगों पर आवंटन घोटाले के गंभीर आरोप, शिकायतकर्ता को जान का खतरा

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम,अतरौली: नगर पालिका अतरौली की दुकानों के आवंटन में गबन की सूचना मिलने पर अंशुल भारद्वाज ने लोकहित प्रकट करते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के माध्यम से दुकान संख्या 27 के अपने पक्ष में नियमानुसार आवंटन हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया. पटल प्रभारी नानक चंद ने इस प्रार्थना पत्र को छिपाकर, उपकरण द्वारा दुकान को इस प्रार्थना पत्र से पहले ही आवंटित किया जाना दर्शा दिया, जब पहले ही हो चुके आवंटन से प्राप्त धनराशि की जमा की रसीद मांगी गई तो बैंक जमा पर्ची के बजाए एक अन्य रसीद फार्म 5 खुरच कर तारीख बदल कर जन सूचना अधिकारी/तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी नगर पालिका अतरौली गिरीश कुमार सागर और नानक चंद ने दिनांक बदल कर दे दी। इस मामले की कई शिकायतें तहसील दिवस में की गई, लेकिन आरोपियों अथवा उनके अधीनस्थों से पहले से जांच में प्रमाणित आरोपों की जांच ही कराई गई और कार्यवाही नहीं की गई.

तहसील दिवस में शिकायतकर्ता को धमकाकर तत्कालीन उपजिलाधिकारी अतरौली ललित कुमार ने मौके पर ही लिखवा लिया की कार्यवाही से संतुष्ट हूं, जबकि कोई कार्यवाही नहीं की अंशुल भारद्वाज का आरोप है कि जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उजागर किया गया तो गबन में शामिल और गबन को छिपा रहे उप जिलाधिकारी अतरौली रहे ललित कुमार ने अंशुल को धमकाते हुए जेल भेजने की बात कही, इसके बाद अंशुल भारद्वाज के अनुसार तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक थाना अतरौली शत्रुघ्न उपाध्याय ने अंशुल को कॉलेज रोड से बिना किसी लिखा पढ़ी के जबरदस्ती उठा कर थाना ले जाकर मारा पीटा रुपए लूट लिए और नगर पालिका में कानूनी कार्यवाही न करने के लिए धमकाया और फर्जी दस्तावेजों असली की तरह प्रयोग करते हुए शांति भंग की आशंका की फर्जी रिपोर्ट के साथ तत्कालीन उप जिलाधिकारी अतरौली कुमार की अदालत में गिरफ्तारी का समय स्थान तारीख और गिरफ्तारी की सूचना किसी परिजन को दिए जाने, और गिरफ्तार सुधा अंशुल से किसी प्रकार की बरामदगी का कोई साक्ष्य प्रस्तुत किए बिना न केवल पुलिस ने स्वयं ही गिरफ्तार लिखकर पेश किया।

गिरफ्तारी का कोई दस्तावेजऔर शांति भंग की आशंका का कोई साक्ष्य न होते हुए भी पत्रावली पर न होते हुए भी उप जिलाधिकारी अतरौली ललित कुमार ने अंशुल से अब तक की सबसे अधिक ₹500000 मूल्य की तीन जमानत, कुल 15 लाख की जमानत मांगी, तत्काल जमानत दिए जाने के बाद भी जमाना तो के सत्यापन के नाम पर नगर पालिका में कानूनी कार्यवाही करने के लिए धमकाते हुए जेल भेज दिया। अब मामले की शिकायत प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय सतर्कता आयुक्त, अलीगढ़ मंडलायुक्त अलीगढ़, सतर्कता अधिष्ठानदर्जनों सरकारी एजेंसियों को की गई है और शासन से अभियोग चलाने हेतु आवश्यक कानूनी स्वीकृति अंतर्गत 197 दंड प्रक्रिया संहिता हेतु भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में अनेक जांच कमेटियां गठित कर दी गई हैं। अंशुल भारद्वाज के अनुसार उन्हें जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। कार्यवाही लगातार लंबित है और लोकहित प्रकट करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं पर गंभीर दबाव बनाया जा रहा है।

….10 लोगों के खिलाफ हैं आवंटन घोटाले गंभीर आरोप
1. रेखा शर्मा पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, अतरौली
2. गुलशन सूरी तत्कालीन अधिकारी नगर पालिका परिषद अतरौली
3. साजिदा बेगम पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद अतरौली
4. चंद्रिका प्रसाद मिश्रा, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद अतरौली आवंटन घोटाले और कूटकरण के आरोपी
5. नानक चंद आवंटन पटल प्रभारी नगर पालिका परिषद, अतरौली
6. गिरीश चंद सागर तत्कालीन कार्यपालक अधिशासी अधिकारी अवर अभियंता (सिविल) नगर पालिका परिषद, अतरौली
, जनरेटर के रखरखाव और डीजल घोटाले के आरोपी-
7. नवीन जैन, लिपिक नगर पालिका परिषद, अतरौली. भैंसा चारा भत्ता के कूट रचित मद में धन निकासी के आरोपी
8. नरेंद्र कुमार तत्कालीन सफाई निरीक्षक नगर पालिका परिषद अतरौली
उपरोक्त घोटाले का खुलासा रोकने के लिए लोकहित प्रकटन करता फर्जी दस्तावेजों के आधार पर को जेल में भेज कर प्रताड़ित करने के आरोपी
9. ललित कुमार तत्कालीन उपजिलाधिकारी अतरौली (प्रताड़ना और लूट के आरोपी)
10. शत्रुघ्न उपाध्याय तत्कालीन निरीक्षक थाना अतरौली

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