प्रो0 समदानी ने भारत में प्रतियोगी परिक्षाओं का महत्व एंव उसकी तैयारी विषय पर दिया व्याख्यान

अलीगढ़ मीडिया ब्यूरो,अलीगढ: विधि विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ शिक्षक प्रोफेसर शकील समदानी ने ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम एकेडमी, कुल्टी, आसनसोल, पश्चिम बंगाल में द्विशताब्दी में भारत में प्रतियोगी परिक्षाओं का महत्व एंव उसकी तैयारी नामक विषय पर व्याख्यान दिया। प्रो0 समदानी ने कहा कि आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है और जो प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाता है वो पीछे ही होता चला जाता है। आज़ादी के बाद देश के बहुत ही निर्धन, पिछड़े और कमजो़र वर्ग के छात्रों ने अपने कठिन परिश्रम और लगन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में वो तरक्की हासिल की है जिसकी मिसाल मुशकिल से दी जा सकती है। भारत में प्रशासनिक सेवाओं में काबिल एंव योग्य प्रतिभागियों का चयन करने के लिए लोक सेवा आयोग की स्थापना की गई जिसके कारण देश की प्रशासनिक और न्यायिक सेवाओं में योग्य उम्मीदवारो का चयन करके देश के विकास को प्रगति दी है।
प्रो0 शकील समदानी ने आगे कहा कि देश के कमजो़र तबकों विशेषकर दलितों एंव अल्पसंव्यकों को प्रशासनिक एंव न्यायायिक सेवाओं में भारी संख्या में हिस्सा लेना चाहिए। परन्तु आवेदन करने से पहले अपनी योग्यता का भी आँकलन करना चाहिए, यदि ऐसा नहीं किया गया तो आगे चल कर निराशा का सामना करना पड़ सकता हैं उन्होंने छात्र-छात्राओं को आगाह किया कि समय एक रबर की तरह है इसको जितना खींचा जाएगा उतना ही इससे फायदा उठाया जा सकता है। सोशल मीडिया में भागीदारी अति आवश्यक है परन्तु प्रतियोगिता परिक्षाओं में भाग लेने वाने उम्मीदवारो को केवल अपनी तैयारी के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहिए और बाकी चीज़ो से दूर रहना चाहिए।
अन्त में प्रो0 समदानी ने ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम एकेडमी की संस्थापक एंव आसनसोल की डिम्टी मेयर ने तबस्सुम आरा द्वारा बिना किसी धार्मिक भेदभाव के छात्रों को मुफ्त कोचिगं देने के लिए धन्यवाद दिया एंव आशा की कि एकेडमी दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करेगी। प्रोग्राम की अध्यक्ष्ता आसनसोल की डिप्टी मेयर श्रीमती तबस्सुम आरा ने की।