‘आज के युग में सरसैययद की प्रसंगिता’ विषय पर हुया ग्यारवां राष्ट्रीय सेमीनार

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम,अलीगढ: सरसैययद अवेयरनेज फोरम के द्वारा मुक्ताकाश मंच पर आज के युग में सरसैययद की प्रसंगिता नामक विषय पर ग्यारवां एक दिवसीय सैमीनार का आयोजन किया गया। जिसमें बोलते हुए मुख्य अतिथि अनिश अहमद अंशारी, आई0पी0एस0 कमाण्डेंट पी0ए0सी0 ने कहा कि किसी भी समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा एक जड़ की तरह काम करती है उन्होने कहा कि सरसैययद ने बहुत ही विपरीत परिस्थितियों में और मायुसी के दौर में रोशनी का चिराग जलाया। श्रीअंशारी ने आगे कहा कि समाज को सरसैययद की शिक्षा पर दुबारा गौर करने की जरूरत है अंत में उन्होने कहा कि देश में अनेकता में एकता के सिद्धांत को चलाने के लिए सबको साथ लेकर चलने की जरूरत है।उन्होने प्रो0 शकील समदानी को एक कामयाब सेमीनार करने के लिए बधाई दी।
मानद अतिथि लेफटीनेन्टजनरल ए0के0मिश्रा ने कहा कि हमें सरसैययद से तीन संदेश मिलते हैं, यानी बड़े सपने देखना उन सपनों को पूराकरने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति और स्वयं में अनुशासन रखना। यदि इन तीनों शिक्षाओं पर अमल किया जाए तो समाज और देश तरक्की कर सकता है। डाॅ0 स्वास्तीराॅव ने कहा कि अलीगढ़ आन्दोलन को कामयाब बनाने में महिलाओं ने परूषों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर साथ दिया।आज समस्या यह है कि लोगों के पास डिग्रीयां तो है पर आदर्श नही।उन्होंने कहा कि हमें इख्तलाफ तो करना चाहिए परन्तु मुखालिफत नही करना चाहिए।उन्होने प्रो0 समदानी को मुबारकबाद देने कोकहा कि इस प्रोग्राम की जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है उन्होने कहा कि हमारे लिए जितनी महत्वपूर्ण हिन्दी है उतनी ही महत्वपूर्ण उर्दू भी है, क्योंकि मजहब की कोई जुवान नहीं होती।

सेमीनार के संयोजक और विधि संकाय के अधिवसता प्रो0 शकीलसमदानी ने कहा कि मुक्ताकाश मंच पर फोर्म की तरफ से लगातार ग्यारहा वर्षों से सेमीनार किया जारहा है।और इसका उददेश्य सरसैययद के विचारों को सम्पूर्ण समाज ओैर देश के कौने-कौने में पहुँँचाना है उन्होने काहा कि सरसैययद महान शिक्षाविद्, विधि विशेषज्ञ, दार्शनिक लेखक, आर्किटेक्चर, और धर्म निरपेक्ष मूल्योंमें यकीन रखने वाले महान भारतीय थे।उन्होने ‘‘अस्बाव-ए-बगावत-ए-हिन्द’’ को लिखकर भारतीयों पर लगे दाग को हटाने की कोशिश की।जिसमें वो काफी हद तक कामयाब रहे उन्होने कहा कि समाज में फैले हुए अंधेरे को शिक्षा एवं विशाल हृदय से ही मिटाया जा सकता है।

उर्दू ऐकेडमी के डायरेक्टर डाॅ0 राहत अबरार ने कहा कि आज एक ऐतीहासिक दिन है और आज ही के दिन सरसैयद ने एक ड्रªामास्टेज किया था और एम0ए0ओ0 काॅलेज के लिए फन्ड इकट्ठाकरने के लिए किया गया था।सरसैयद ने अलीगढ़ की आबोहवा को देखतेहुए काॅलेज की स्थापना की थी।इससे पता चलता है किसरसैयद के विचार साइन्टिफिक थे।अलीगढ़ नुमाइश हमारीसंस्कृति की पहचान का हिस्सा है।
इस अवसरपर डाॅ0 नजमुद्दीन अंसारी और सारा समदानी ने भीअपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर एस0ए0एफ0 2020 अर्वाड प्रो0 तमकीनरब्बानी, प्रो0 शीलू शफीकसिद्दीकी, डाॅ नजमुद्दीन अंशारी, तारिक हसन अस्सिटेंटर जिस्ट्रªार, राहतअबरार, जीशान अहमद सहायक जनसम्पर्क अधिकारी, अकमल अंशारी सिविल जज उत्तराखण्ड कोविभिन्न क्षेत्रों मेंउत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गयाहै। प्रोग्राम का सफल संचालन छात्रा आयशा समदानी ने किया।तिलाव तेकुरान डाॅ0 उबैद इकबाल आसिम ने की।मेहमानों का स्वागत प्रोग्राम संयोजक खलील चैधरी ने किया तथा धन्यवादअ बदुल्ला ने किया। इस प्रोग्राम को सफल बनानेमें एवं चरम सीमा पर पहुँँचाने में शोएव अली महासचिव, असिसटेंट प्रोफसर हैदर अली समन्वयक का योगदानर हा। व अन्य में शेलजा सिंह, अनस , रजियाचैहान, फौजिया , उरूज फाातिमा, सौरव, अदील शेरवानी, ऐशवर्या सिंह, मल्लिका कपूर, चित्रान्शू, आफरीन, आदि ने योगदान दिया।

 

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