“इम्बाईबिंग प्रोफेशनल स्किल्स अमंग ला प्रैक्टिशनर्स” विषय पर हुयी अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़ 14 सितम्बरः “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने बंग्लादेश के विकास में बहुत योगदान दिया है, क्यों कि यहाॅ अध्ययन करने वाले कई छात्र बांग्लादेश के इतिहास में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाया। इस विश्वविद्यालय को पूरे बांग्लादेश में बड़े सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है”, यह बात श्री हबीबुल इस्लाम (पूर्व एसोसिएट प्रोग्राम क्वालिटी डायरेक्टर, डिस्ट्रिक्ट 41 टोस्टमास्टर्स इंटरनेशनल, बांग्लादेश) ने ला सोसायटी, फैकल्टी आफ ला, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पांचवे अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल कान्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में “इम्बाईबिंग प्रोफेशनल स्किल्स अमंग ला प्रैक्टिशनर्स” विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कही।
श्री हबीब ने कहा कि कानूनी पेशेवर के लिए व्यक्तित्व विकास के लिये आवश्यक कौशल का होना अनिवार्य हैं। इनमें मानव मनोविज्ञान की समझ, दबाव में काम करने की क्षमता और उत्कृष्ट संचार और बातचीत के कौशल का विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि कानूनी पेशा के क्षेत्र में सफलता के लिये दूसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी के उत्कृष्ट ज्ञान का होना अनिवार्य है।
प्रो0 शकील समदानी (डीन, फैकल्टी ऑफ लॉ) ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि व्यवसायिक कौशल आमतौर पर पाठ्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं, हालांकि व्यक्तित्व विकास में इनका मौलिक महत्व है। उन्होंने कहा कि लीगल प्रैक्टिस करने वालों के लिए कुछ विशेषताओं का होना आवश्यक है जिनमें संचार कौशल, समय की पाबंदी, अनुसंधान, रचनात्मकता और निर्णय लेने की क्षमता, तनाव प्रबंधन तथा विवरण को समझने की योग्यता शामिल है। प्रो0 समदानी ने कहा कि ला सोसायटी वेबिनार आभासी सम्मेलनों के माध्यम से कानून के छात्रों की शैक्षणिक क्षमताओं को बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन हैं।

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मुख्य वक्ता, डा० अन्ना सी० बोकार (पूर्व समन्वयक, सामाजिक विज्ञान विभाग, ला सालले विश्वविद्यालय, ओजामिज सिटी, फिलीपींस) ने दुनिया भर के 10 शीर्ष वकीलों के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लीगल पे्रक्टिस की सफलता के लिए किन विशेषताओं की आवश्यकता होती है। उन्होंने लिखित रूप में इन सिद्धांतों को व्यक्त करने की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए कि कैसे उन्होंने कानून के क्षेत्र में अपनी परास्नातक की डिग्री प्राप्त की।
मान्द अतिथि सुश्री श्रीजाना राय (पूर्व छात्र नेता, रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान और सीनियर ऑडिट एसोसिएट, रिनजिंग फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड, भूटान) ने कहा कि एक वकील के लिए भाषण कला में पारंगत होना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई वकील जो विभिन्न देशों के राष्ट्र प्रमुख बने उनके अन्दर जबरजस्त वाक कला थी।
उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वह अपने पाठ्यक्रम के अतिरिक्त किसी कला में दक्षता अवश्य प्राप्त करें। जो व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है। प्रो0 मोहम्मद अशरफ ने आभार व्यक्त किया जबकि श्री अब्दुल्ला समदानी (सचिव, लॉ सोसायटी) ने कार्यक्रम का संचालन किया। डा0 शाद अहमद खान (यूनिवर्सिटी ऑफ बुराइमी, ओमान) ने प्रश्नोत्तर सत्र का संचालन किया। सुश्री शैलजा सिंह और सुश्री समरा हाशिम ने मेहमानों का परिचय कराया जबकि सुश्री आयशा अलवी ने मेहमानों का स्वागत किया।

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