अपने विकास व साकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान देना चाहिए छात्रों को

अलीगढ मीडिया डॉट काम, अलीगढ़. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशानुसार नये छात्र व छात्राओं के लिये परिचय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया तथा उन्हें संस्था के इतिहास, संस्कृति, नियमों तथा पाठ्यक्रम से परिचित कराया गया।
मनोविज्ञान विभाग में आयोजित चार दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम में विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर रोमाना एन सिद्दीकी ने बीए तथा एमए के छात्र व छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि वह अपनी शिक्षा में रूचि का प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि छात्र अपने बर्ताव पर ध्यान आकर्षित करें क्योंकि इससे उनकी, विभाग की तथा विश्वविद्यालय की भी छवि स्थापित होती है। उन्होंने छात्रों का इस जिम्मेदारी का भी बोध कराया कि वह समाज के निर्बल वर्गों का ख्याल करें। उन्होंने कहा कि मनोविज्ञान के छात्र निजी एवं समाजी बर्ताव का हर पहलु से अध्ययन करते हैं इसलिये छात्रों को अपने विकास व साकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान आकर्षित करना चाहिये।
समाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर अकबर हुसैन ने विभाग के इतिहास तथा नामचीन अध्यापकों की चर्चा करते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें उच्च स्तरीय चरित्र का प्रदर्शन करने के लिये प्रोत्साहित किया। जबकि प्रो. आसिया ऐजाज तथा प्रो. मुसद्दिक जहाँ ने अलीगढ़ की परम्पराओं पर चर्चा की।
डा. एसएम खान, डा. रेशमा जमाल, डा. निशीद इम्तियाज़ तथा अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम क दूसरे दिन वीमेन्स कालिज की प्रधानाचार्य प्रो. नईमा खातून ने अपने सम्बोधन में कहा कि छात्र समय नष्ट करने से बचें तथा शिक्षा पर ध्यान आकर्षित करें क्योंकि अच्छी शिक्षा ही उनके विकास का पथ प्रशस्त करेगी।
यूजीसी एचआरडी केन्द्र की उपनिदेशिका डा. फायजा अब्बासी ने अमुवि संस्थापक सर सैयद अहमद खां के जीवन तथा उनकी सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की। चार दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रो. अकबर हुसैन ने मनोविज्ञान के छात्रों के लिये उपलब्ध उच्च शिक्षा तथा नोकरी के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। दूसरी ओर अमुवि के महिला अध्ययन केन्द्र में छ दिवसीय परिचय कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों ने महिला अध्ययन के पाठयक्रम तथा अमुवि के इतिहास पर चर्चा की। इस दौरान छात्र व छात्राओं को महिला अध्ययन में भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम के पहले दिन दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. फरहत हसन ने महिला अध्ययन पर चर्चा करते हुए वर्ग, जात-पात तथा लिंग के बीच रिश्तों को स्पष्ट किया। दूसरे दिन पूर्व निदेशिका प्रो. शीरीं मूसवी ने महिला अध्ययन केन्द्र की स्थापना के इतिहास तथा समस्याओं पर चर्चा की।
तीसरे दिन नामचीन इतिहासकार प्रो. ऐमेरेटस इरफान हबीब ने महिलाओं को प्राप्त अधिकारों पर चर्चा करते हुए पूर्वकाल में अलीगढ़ में लड़कियों की शिक्षा की स्थिति तथा विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अमुवि में उच्च शिक्षा यानि स्नातकोत्तर में पहली छात्रा का प्रवेश अर्थशास्त्र विभाग में हुआ जबकि इतिहास विभाग में स्वतंत्रता के बाद पहली महिला अध्यापिका की नियुक्ति हुई। कार्यक्रम के चैथे दिन छात्र व छात्राओं ने अपने विचार प्रकट किये तथा पाचवे दिन पूर्व निदेशिका प्रो. जकिया सिद्दीकी ने अपने अनुभव साझा किये। छठे दिन समापन समारोह का आयोजन हुआ जिसमें मुख्य अतिथि डा. हमीदा तारिक ने भाग लिया। उन्होंने महिला अध्ययन की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए व्यवसायिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए छात्र व छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में बीए तथा एमए के छात्र व छात्राओं ने हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। समन्वयक डा. शिवांगनी टंडन तथा डा. शाह आलम ने केन्द्र की निदेशिका प्रो. अजरा मूसवी के सहयोग से कार्यक्रम को सफल कराया। उधर वीमेन्स पालीटेक्निक में नव प्रवेशी छात्राओं के लिये इंडक्शन ‘‘दीक्षारंभ’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें उन्हें पालीटेक्निक के इतिहास के अलावा पाठ्यक्रम और वहाँ के नियमों से अवगत कराया गया। उद्घाटन उद्बोधन में वीमेन्स पालीटेक्निक की प्रिन्सिपल डा. सलमा शाहीन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा शुरू किये गये दीक्षारंभ कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे छात्राओं को पाठ्यक्रम संरचना और नियमों के बारे में अपेक्षित जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि अमुवि जैसी महान संस्था में नव प्रवेशी छात्राओं को हर प्रकार की जानकारी से परिचित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की अपनी अलग संस्कृति और परम्पराऐं हैं जिनको समझना बहुत आवश्यक है।
जनसंपर्क अधिकारी उमर सलीम पीरजादा ने अमुवि के मदरसे से लेकर इसके विश्वविद्यालय बनने तक की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस संस्था के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की सेवाओं का स्मृण करते हुए छात्राओं से कहा कि वह उनके सपनों को पूरा करने के लिये कठिन परिश्रम कर इस संस्था के नाम को गौरवान्वित करें। जनसंपर्क अधिकारी ने सर सैयद अहमद खान को उदृत करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव नैतिकता, उदारता तथा वैज्ञानिक चिंतन का पाठ पढ़ाया। यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक में एसोसिएट प्रोफेसर डा. जहांगीर आलम ने पालीटेक्निक के बारे में प्रजेंटेशन दिया। सुश्री आमरा मरियम ने कार्यक्रम का संचालन किया। इंडक्शन कार्यक्रम में लगभग 150 छात्राऐं शामिल हुई।

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