प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पालीमुकीमपुर व जिरौली धूमसिंह का जायजा लेते हुए CMO ने किया निरीक्षण

अतरौली/हरदुआगंज

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़: रविवार को आयोजित हुए मुख्यमंत्री अतरौली ब्लाक की पीएचसी पाली मुकीमपुर व जिरौली धूम सिंह में आरोग्य स्वास्थ्य मेले का जायजा लिया । इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजौली व हरदुआगंज का निरिक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने किया।  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन पाली मुकीमपुर एवं जिरौली धूमसिंह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लेते हुए उन्होंने कहा कि मेला कराने का उद्देश्य स्पष्ट है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित नहीं हो पा रहा था। फिलहाल खुशी की बात है कोविड प्रोटोकाल के साथ यह आयोजन हम दोबारा करने का प्रयास कर रहे हैं। कोरोना काल ने हमें यही सिखा दिया है कि स्वास्थ्य अब हमारी प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही हम सभी के लिए घातक होगी। इसलिए मेरी अपील है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोग मेले में आएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को शहरी व ग्रामीण इलाकों की नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को इलाज की सुविधा मिली है। मेले में आए लोगों को आयुष्मान भारत योजना, संक्रामक रोगों, स्वास्थ्य व कोविड की जांच एवं एनटीपीसीआर की जांच और चिकित्सा सेवाओं को लेकर लोगों को जागरूक किया गया है।

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, सीएचसी बिजौली के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन कुमार, डॉ. कुलदीप, डॉ. वर्मा एवं स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, आशा आशा कार्यकत्री व अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।

 

..मेला में मिलीं सुविधाएं —

मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में गोल्डन कार्ड बनवाने, गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श, पूर्ण टीकाकरण एवं परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार नि:शुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई गई। पीएचसी पर जो जांचें नहीं हो पाईं उन मरीजों को जांच के लिए सीएचसी अथवा जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

 

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