अलीगढ| जिला कृषि अधिकारी की हवाई दलील, किसानो को दुकानों पर लम्बी लाईने

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ: जिला कृषि अधिकारी रामप्रवेश ने जनपद के सभी किसान भाइयों को जनपद में डीएपी एवं अन्य उर्वरक की उपलब्धता के बारे में सूचित किया है कि 08 नवम्बर तक 2964 मीट्रिक टन डीएपी, 701 मीट्रिक टन एनपीके एवं 136 मीट्रिक टन एसएसपी उर्वरक उपलब्ध था। 09 नवम्बर को एनएफएल डीएपी 400 मीट्रिक टन, 10 नवम्बर को इण्डोरामा एनपीके (14ः28ः00) मात्रा 800 मीट्रिक टन, 12 नवम्बर को महाधन एनपीके (20ः20ः0ः13) 800 मीट्रिक टन उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि 15 नवम्बर को आईपीएल डीएपी 1100 मीट्रिक टन की रैक एवं 16 नवम्बर को आरसीएफ डीएपी 1300 मीट्रिक टन की रैक लगेगी। जनपद में डीएपी एवं एनपीके उर्वरक लगातार आता रहेगा। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता अकिंत मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक का विक्रय करता है या अन्य कम प्रचलित उर्वरक या अन्य उत्पाद जबदस्ती टैग करता है तो उसकी शिकायत कन्ट्रोल रूम के दूरभाष संख्या-0571-2742581 पर करें। सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं को सूचित किया जाता है कि अपना स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर अनिवार्य रूप से प्रत्येक समय पूर्ण रखें। उर्वरक का विक्रय खतौनी एवं आधार कार्ड के अनुसार ही करें एवं अपने बिक्री रजिस्टर में किसान की भूमि एवं आधार का अकंन करें।

जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जनपद में किसान भाइयों द्वारा उर्वरकों का अत्यधिक मात्रा में प्रयोग किया जा रहा है, जिसके कारण फसलों की लागत बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरक क्षमता पर भी बुरा प्रभाव पड रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार 1 एकड आलू फसल उत्पादन के लिए दो बोरी यूरिया, दो बोरी डीएपी और 68 किलोग्राम एमओपी अथवा दो बोरी यूरिया, 132 किलोग्राम एनपीके एवं 34 किग्रा0 एमओपी की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त कैल्शियम नाइट्रेट 25 किलोग्राम, सल्फर दानेदार 10 किलोग्राम, जिंक सल्फेट 33.5 किलोग्राम प्रति एकड़ देने से भरपूर आलू का उत्पादन प्राप्त होता है।

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