#AMU:स्किल प्रशिक्षण तथा मूल्यांकन विषय पर आनलाइन कार्यशाला का आयोजन

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ: अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज के मेडिकल एजुकेशन यूनिट द्वारा भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट के लिए स्किल प्रशिक्षण तथा मूल्यांकन विषय पर एक आनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न आयामों के विशेषज्ञों ने कार्यशाला के सहभागियों को विशेष ज्ञान एवं प्रशिक्षण दिया।

मेडिसिन संकाय डीन प्रोफेसर राकेश भार्गव ने कहा कि ‘‘कौशल प्रशिक्षण और मूल्यांकन मेडिकल छात्रों के आवश्यक और प्रमाणित कौशल को सुधारने के लिए योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा का एक महत्वपूर्ण तत्व है। इन कौशल सत्रों की योजना उनके संबंधित चरणों के अनुसार बनाई जाती है’’।

स्वागत भाषण के बाद उन्होंने कौशल हासिल करने की प्रक्रिया के उचित दस्तावेजीकरण पर भी जोर दिया। प्रो एस मनजीर अली (बाल रोग विभाग) ने प्रतिभागियों को कौशल प्रशिक्षण की अवधारणा से परिचित कराया और उन्हें कौशल प्रशिक्षण की आवश्यक महत्वपूर्ण शब्दावली, परिभाषाओं और सिद्धांतों से अवगत कराया। प्रो सीमा हकीम (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग) और डाक्टर रूही खान (चिकित्सा विभाग) ने महत्वपूर्णता बनाम व्यवहार्यता मैट्रिक्स और कौशल प्रशिक्षण के विभिन्न माडलों की मदद से कौशल विकास कार्यक्रम के प्रमुख घटकों और संरचना को विस्तार से समझाया। उन्होंने संचार, साइकोमोटर, बौद्धिकता और टीम कौशल पर जोर दिया।

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प्रोफेसर शगुफ्ता मुईन (जैव-रसायन विभाग, जेएनएमसी), डाक्टर नसरीन नूर (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग) और डाक्टर फातिमा खान (सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग) ने कार्य प्रशिक्षण माड्यूल के विकास को चित्रित किया। उन्होंने रक्तचाप माप, मूत्र कैथीटेराइजेशन, बाल चिकित्सा आई.वी. के लिए कार्य प्रशिक्षण माड्यूल कैनुलेशन और कौशल प्रमाणन के लिए डिजाइन की गई चेकलिस्ट पर चर्चा की।

कौशल मूल्यांकन सत्र में एनएचएल म्यूनिसिपल मेडिकल कालेज, अहमदाबाद के डाक्टर सौरभ गांधी और डाक्टर शाइस्ता सैयद ने कौशल प्रशिक्षण मूल्यांकन के महत्व और मूल्यांकन टूल किट का उपयोग करके संज्ञानात्मक, साइकोमोटर और संचार कौशल के उपयोग पर विचार-विमर्श किया। डाक्टर शेहला जमाल (आरएमआरआई बरेली) ने शाक मैनेजमेंट पर ब्रीफिंग पर रोल प्ले प्रस्तुत किया और ब्रीफिंग और डीब्रीफिंग सत्रों के प्रभाव, इन सत्रों के लिए चेकलिस्ट और साझा मानसिक माडल पर चर्चा की।

कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों और संसाधन व्यक्तियों के परस्पर संवाद सत्र के साथ हुआ। डाक्टर सूफिया नसीम ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया, जबकि डाक्टर बुशरा सिद्दीकी ने कार्यशाला का संचालन किया।

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