लखीमपुर की घटना पर किसान संगठनों का प्रदर्शन, तीन घंटे कलेक्टेरेट पर काम बंद

अलीगढ

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़: लखीमपुर खीरी में किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान चार किसान और एक पत्रकार के शहीद होने से आक्रोशित किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा की घोषणा के अनुसार किसान सुबह 10 बजे से अंबेडकर पार्क में जुटने लगे। डेढ़ घंटे देरी से किसानों की पदयात्रा शुरू हुई। देरी होने के पीछे भारी पुलिस बल की तैनाती और रास्ते में किसानों रोकना बताया गया।  पदयात्रा की अगुवाई जिले के संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेता भाकियू के जिलाध्यक्ष ओ. पी. कमांडो, पूर्व जिलाध्यक्ष विमल तोमर, चौधरी नबाव सिंह, क्रांतिकारी किसान यूनियन की जिलाध्यक्ष कमलेश यादव, किसान सभा के जिलाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, भाकियू अम्बावता के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह, नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष मनोज सिसौदिया, एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र आर्य, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के प्रो अशोक प्रकाश ने संयुक्त रूप से की।
पदयात्रा में शामिल किसानों की दीवानी के सामने, तस्वीर महल चौराहे पर, कलेक्टेरेट के सामने कई बार झडप हुई।उन्हें कलेक्टेरेट जाने से रोका गया। आखिरकार नारेबाजी करते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी किसान कलेक्टेरेट परिसर में प्रवेश कर गये। किसानों के विरोध के रहते कलेक्टेरेट में तीन घंटे तक कामकाज ठप्प रहा।
किसानों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को तत्काल बर्खास्त करने और उनके विरुद्ध हत्या और दंगे कराने की साजिश रचने के आरोप में सजा देने की मांग की।
मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू और उसके साथी गुंडों पर तुरंत 302 का मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तारी की मांग की है। घटना की न्यायिक जांच करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इस घटना पर भड़काऊ भाषण दिए जाने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उनके पद से बर्खास्त करने की मांग भी की।
सिंघु बॉर्डर से जिले के संयुक्त किसान मोर्चा के नेता शशिकान्त ने जानकारी दी कि देशव्यापी किसान आंदोलन के दबाव में सरकार झुकी है। पुलिस द्वारा केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के खिलाफ 120 बी और उसके बेटे के खिलाफ 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज हो गई।एक सप्ताह में दोषियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है। शहीद किसानों व पत्रकार के परिवार को 45 लाख और घायलों को 10 लाख आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। साथ ही
घटना की न्यायिक जांच होगी।
विरोध प्रदर्शन में इनके अलावा डा हरचरन सिंह, इरफान अंसारी, चौधरी गजेन्द्र सिंह, गोकुल करन, राजपाल, बाबू सिंह, सत्यवीर सिंह, बाबा राधेसिंह, ओमवीर सिंह, जितेन्द्र सिंह, बाबा राधेसिंह, विजेन्द्र सिंह, प्रेमपाल, वीरकरन सिंह आदि प्रमुख किसान नेता शामिल रहे। उधर सिंघु बार्डर पर लखीमपुर की घटना पर प्रतिरोध रैली का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों किसानों ने काले झंडों के साथ तीन किमी लंबी पैदल मार्च किया गया। पैदल मार्च में अलीगढ से संयुक्त किसान मोर्चा की राज्य इकाई के प्रमुख नेता शशिकान्त शामिल रहे।

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