AMU News#डा.शाद अबकरी अमेरिका की पीआईसीएस फेलोशिप से सम्मानित

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में आनलाइन व्याख्यान श्रृंखला के अन्तर्गत वेदान्त दर्शन तथ अरब संस्कृति विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का शुभारम्भ पवित्र कुरान पाठ तथा वैदिकमन्त्रगान से हुआ।
इस अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अरबी विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद सनाउल्लाह ने वेदान्त दर्शन तथा अरब संस्कृति विषय पर अपने व्याख्यान में वेदान्त दर्शन और अरब संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर हिमांशु शेखर आचार्य ने अतिथि वक्ता का स्वागत किया तथा वेदान्त दर्शन के मौलिक सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रोफेसर सुधीर कुमार आर्य (संस्कृति विभाग जेएनयू, नई दिल्ली) की गरिमामयी उपस्थिति ने विभाग के छात्र व छात्राओं का उत्साह वर्धन किया।
कार्यक्रम के अन्त में डा. सारिका वार्ष्णेय ने अतिथियों तथा उपस्थितजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक, छात्र, छात्राऐं, शोधार्थी तथा पूर्वतन छात्र उपस्थित रहे।

…आईबीयू ने राष्ट्रीय संगोष्ठी की मेजबानी की
अलीगढ़, 6 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इंटरडिसीप्लीनरी बायोटेक्नालोजी यूनिट ने ‘टूल्स एण्ड टेक्निक्स फार प्रीडक्शन आफ ऐंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस’ पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी और कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. असद यू खान की डीबीटी अनुसंधान परियोजना ‘एक्सप्लोरिंग एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस बाई ओमिक्स एप्रोचेज’ शीर्षक के तहत किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर थे।
विशेष अतिथि प्रोफेसर वीएम कटोच (पूर्व सचिव, भारत सरकार और पूर्व डीजी, आईसीएमआर, नई दिल्ली) ने उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की और एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) की वैश्विक स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर काबू पाने की जरूरत है। प्रोफेसर कटोच ने कहा कि एएमयू एक अग्रणी विश्वविद्यालय है जो एएमआर के वैश्विक संकट से उबरने में मदद कर सकता है।
जीव विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर वसीम अहमद ने संकाय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि जैव प्रौद्योगिकी इकाई एक महत्वपूर्ण विभाग है और जीव विज्ञान संकाय की रैंकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने वैश्विक महामारी के दौरान इस संगोष्ठी के आयोजन पर संतोष व्यक्त किया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर असद यू खान ने अपने स्वागत भाषण में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के उभरते परिदृश्य और दवा प्रतिरोध संकट पर काबू पाने के लक्ष्यों को प्राप्त करने में विभाग की प्रगति का अवलोकन किया। डा. हिना यूनिस ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
तकनीकी सत्र की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलाजी विभाग के प्रख्यात विद्वान प्रोफेसर जे.एस. वायरेडी के मुख्य भाषण से हुई। उन्होंने बैक्टीरिया में एएमआर का पता लगाने के लिए प्वाइंट आफ केयर टेस्ट पर प्रकाश डाला। इटली के ला अक्विला विश्वविद्यालय के डा. एलेसेंड्रा पेक्रेली ने एंटरोबैक्टीरिया रोगाणुरोधी प्रतिरोध जीन का पता लगाने के लिए अगली पीढ़ी के अनुक्रमण पर चर्चा की। जबकि डा. मनीष कुमार, बायोफिज़िक्स विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय ने बैक्टीरिया में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के बारे में बात की।
संगोष्ठी में देश के विभिन्न भागों से सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। आईबीयू समन्वयक प्रो. वसीम सिद्दीकी ने आभार व्यक्त किया। रिसर्च स्कालर आयशा ज़ैनब बेग ने कार्यक्रम का संचालन किया।

…डा. शाद अबकरी अमेरिका की पीआईसीएस फेलोशिप से सम्मानित
अलीगढ़, 6 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर तथा नोडल अधिकारी, अंतःविषय पीडियाट्रिक कार्डिएक सेंटर, डा शाद अबकरी को रोगियों की देखभाल और नैतिक मूल्यों को अपनाने में विशेषज्ञता और कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) के न्यूनतम इनवेसिव उपचार में गहन अनुभव के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित पीडियाट्रिक एंड कंजेनिटल इंटरनेशनल कार्डियोवस्कुलर सोसाइटी (पीआईसीएस) की फेलोशिप से सम्मानित किया गया है।
पीआईसीएस के संस्थापक फेलो के रूप में डा. अबकरी जन्मजात हृदय देखभाल टीम के सदस्यों के लिए कैरियर के विकास के अवसरों को बढ़ावा देंगे, उनका विकास और मार्गदर्शन करेंगे, और उच्च गुणवत्ता युक्त देखभाल को बढ़ावा देंगे।

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