सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत चालकों-परिचालकों का फर्स्ट रेस्पान्डर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ:  सड़क सुरक्षा सप्ताह के छठे दिवस 29 सितम्बर कोे संभागीय परिवहन कार्यालय, के सारथी भवन हॉल में सेव लाइफ फाउण्डेशन के सहयोग से बस, ट्रक, टैम्पो, ऑटो, ई-रिक्शा चालकों-परिचालकों को फर्स्ट रेस्पान्डर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रोडवेज के चालकों-परिचालकों सहित कुल 70 लोगों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सेव लाइफ फाउण्डेशन द्वारा बताया गया कि दुर्घटना का प्रमुख कारण नींद और थकान है। नींद और थकान पर काबू पाने के लिये पर्याप्त सोना, पानी का सेवन करते रहना, विश्राम करना, यात्रा के दौरान पेटभर खाने के स्थान पर अल्पाहार लेना तथा व्यायाम करना शामिल है। दुर्घटना का दूसरा कारण वाहन का असुरिक्षत होना है, इसके लिये टायर का दबाव, ब्रेक पैड, इंजन ऑयल और कूलेन्ट, टायर की दशा आदि का ध्यान रखना जरूरी है। दुर्घटना की तीसरा कारण अन्य वाहन चालकों, रोड यूजर के व्यवहार को पहचानना है। इसलिये मुड़ने से पहले रियर व्यू मिरर के साथ-साथ अपने दायें और बायें भी देखना चाहिए, अचानक रोकना या मोड़ना नहीं चाहिए। दुर्घटना का चौथा कारण खराब सड़कें एवं मौसम है। धुन्ध, कोहरा, वर्षा, आँधी वाले मौसम में धीमी गति से गाड़ी चलानी चाहिए। अन्धे मोड़ पर हॉर्न बजाना चाहिये। दुर्घटना का पाँचवा कारण है नशा करके वाहन चलाना। एक पैग पीने से दुर्घटना की आशंका दो गुना बढ़ जाती है, 2 पैग पीने से दुर्घटना की आंशका तीन गुना और 4 पैग पीने से दुर्घटना की आशंका 7 गुना तक बढ़ जाती है। दुर्घटना का छठां कारण ओवरस्पीडिंग है। ओवरस्पीडिंग करने से वाहन को रोकने का रेस्पान्स टाइम कम हो जाता है, जिसके कारण वाहन अचानक रूक नहीं पाती और दुर्घटना घटित होती हैं।

फरीदउद्दीन, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वारा बताया गया कि हमारे देश में पूरे विश्व के केवल 2 प्रतिशत वाहन हैं, लेकिन पूरे विश्व की 11 प्रतिशत दुर्घटनाएं भारत में होती है तथा 80 प्रतिशत दुर्घटना चालकों की गलती के कारण होती है। अतः चालक द्वारा सावधानीपूर्वक वाहन चलाकर एवं यातायात नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं की संख्या में बहुत बड़ी कमी जा सकते हैं। देश में सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ लाख व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। प्रत्येक 4 मिनट पर एक व्यक्ति, प्रत्येक घंटे में 16 व्यक्ति तथा प्रत्येक दिन लगभग 400 व्यक्तियों की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हो जाती है। इससे होने वाला आर्थिक नुकसान बहुत ज्यादा है जो कि देश के कुल सकल घरेलू उत्पादन का 3-5 प्रतिशत है।

अमिताभ चतुर्वेदी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) द्वारा बताया गया कि चालक द्वारा बरती जाने वाली सबसे बड़ी लापरवाही ओवरस्पीडिंग किया जाना है तथा ओवरस्पीडिंग के कारण ही लगभग 60 प्रतिशत दुर्घटनायें होती हैं। सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक 40 प्रतिशत दोपहिया चालक ही प्रभावित होते हैं। बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय आई.एस.आई मानकयुक्त गुणवत्ता के हेलमेट ठीक ढंग से पहना जाये, तो सिर पर चोट लगने से होने वाली मृत्यु को कम किया जा सकता है। इसी प्रकार सीटबेल्ट सुरक्षा की गांठ है अतः चार पहिया चलाते समय हमें सीटबेल्ट लगाना कभी भी भूलना नहीं चाहिए। नशा करता दुर्दशा, अतः शराब पीकर या नशा करके कभी भी वाहन को नहीं चलाना चाहिए। भारत में सड़क दुर्घटनाओं में प्रत्येक वर्ष 42,000 व्यक्तियों की मृत्यु केवल हेलमेट न लगाने के कारण और 17,000 व्यक्तियों की मृत्यु केवल सीटबेल्ट न लगाने के कारण हो जाती है।

रंजीत सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशा0) द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति के लिये दुर्घटना के बाद का 1 घंटे का समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। यदि सड़क दुर्घटना के पश्चात् 1 घंटे के भीतर दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समुचित प्राथमिक चिकित्सा और उसके बाद अन्य चिकित्सीय सहायता मिल जाती है तो उसके जीवित बचने एवं ठीक होने की संभावना काफी अधिक हो जाती है। दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा देने या अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को गुड सेमेरिटन (नेक व्यक्ति) कहा जाता है। दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने के बाद गुड सेमेरिटन को कोई समस्या न हो, इसके लिये मा0 उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर केद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन के हितों के रक्षार्थ कानून भी बनाये हैं। इसके अन्तर्गत गुड सेमेरिटन से पुलिस या अस्पताल को अपनी पहचान बताने अथवा अपने बारे में जानकारी देने के लिये बाध्य नहीं किया जायेगा तथा उससे घायल के इलाज में होने वाले किसी भी व्यय की मांग नहीं की जायेगी। अस्तपाल चाहे राजकीय हो अथवा निजी, वहाँ के चिकित्सक को अविलम्ब घायल का इलाज प्रारम्भ करना होगा।

कार्यक्रम के अन्त में समस्त चालकों/परिचालकों को अंगदान की शपथ दिलायी गयी। दुर्घटना में ब्रेन डेड होने की दशा में शरीर के अंगों के प्रत्यारोपण किसी अन्य मरीज को जीवनदान देने के लिये किया जा सकता है। ड्राइविंग लाइसेन्स के फार्म में भी अंगदान का विकल्प दिया गया है। अंगदान हेतु वेबसाइट ूूूण्वतहंदपदकपंण्वतह है तथा टोल फ्री नम्बर 18001203648 है तथा किसी भी जानकारी के लिये ई-मेल आई0डी0 पदवि/वतहंद पदकपंण्वतह एवं दूरभाष नम्बर 9650952810 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन अंगदान का फार्म भर दिया जाता है तो यह आवश्यक नहीं है कि उसको अंगदान करना ही होगा तथा यदि कोई व्यक्ति बूढा/बीमार है, परन्तु उसका अंग ठीक से कार्य कर रहा है तो वह भी अंगदान कर सकता है।

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…01 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक ईवीएम प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित करें
अलीगढ़ 29 सितम्बर 2021(सू0वि0) अपर जिलाधिकारी न्यायिक एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश पटेल द्वारा बताया गया है कि जनपद में कलैक्ट्रेट स्थित ईवीएम वेयर हाउस में ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी का कार्य ईसीआईएलके इंजीनियरों द्वारा ईवीएम प्रभारी एवं सहायक प्रभारी के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ईवीएम वीवीपैट की रैण्डम चैकिंग के लिए आरओ एवं एआरओ के साथ गत विधानसभा निर्वाचन 2017 एवं लोकसभा निर्वाचन 2019 में नियुक्त ईवीएम मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आगामी निर्वाचन के लिए जोनल, सेक्टर एवं पीठासीन अधिकारी के रूप में अभियंता, सहायक अभियंता एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के अध्यापक एवं 03 मास्टर ट्रेनर द्वारा नई दिल्ली में आयोग द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कराके आए कर्मी में से एक कर्मी अपने विभाग एवं अन्य विभाग के कर्मी को प्रतिदिन 30 अक्टूबर तक प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 02 बजे तक वेयर हाउस में अन्य कार्मिकों प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रधानाचार्य आईटीआई, अधिशासी अभियंता लोनिवि, सचिव एडीए, अधीक्षण अभियंता नलकूप, समस्त एआरओ, डीपीआरओ, नगर निगम, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका खैर एवं अतरौली और अधिशासी अधिकारी सिंचाई विभाग को निर्देशित किया है कि आप स्वयं अपने विभाग के अधिशासी एवं सहायक अभियंता और अपनी-अपनी तहसील के लेखपाल, कानूनगो, अमीनों, एडीओ पंचायत, पंचायत सेक्रेटरी की सूची मय पद नाम एवं मोबाइल नम्बर सहित जिला निर्वाचन कार्यालय को तत्काल उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिये कि 01 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक कलैक्ट्रेट स्थित ईवीएम वेयर हाउस में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का ईसीआईएल के इंजीनियरों के माध्यम से प्रतिदिन अपने-अपने विभाग के कर्मी को प्रशिक्षण प्राप्त किया जाना सुनिश्चित करें ताकि विधानसभा निर्वाचन 2022 में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

विकासखंड अतरौली, धनीपुर ,टप्पल, लोधा ,इगलास मैं आज पोषण कार्यशाला का आयोजन किया गया जहां पर जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में स्मार्टफोन का भी वितरण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किया गया। इगलास में माननीय विधायक श्री राजकुमार सहयोगी जी, अतरौली में माननीय राज्यमंत्री शिक्षा स्वास्थ्य वित्त श्री संदीप सिंह और ब्लाक प्रमुख तथा विकासखंड टप्पल में माननीय विधायक श्री अनूप प्रधान धनीपुर में माननीय विधायक श्री अनिल पाराशर की धर्मपत्नी एवं ब्लाक प्रमुख द्वारा विकासखंड लोधा में ब्लाक प्रमुख श्री हरेंद्र सिंह के द्वारा स्मार्टफोन का वितरण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किया गया।

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