इस रक्षाबंधन पर 11 घंटे 16 मिनट तक राखी बांध सकेंगी बहिनें, जानिए शुभमुहूर्त

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़। हमारे देश में रक्षाबंधन का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और ये त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है।इतना ही नहीं इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर लंबी उम्र की प्रार्थना करती है और इस त्योहार में भद्रा का विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है कि कहीं भद्रा का साया तो नहीं पड़ रहा है।वहीं इस सम्बंध में वैदिक ज्योतिष संस्थान के मुख्य स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने रक्षाबंधन पर्व के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन यानि श्रावणी पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 22 अगस्त रविवार को मनाया जा रहा है और पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 21 अगस्त को शाम 7 बजे से हो जाएगी और इसकी समाप्ति 22 अगस्त को शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगी।

एडी हेल्‍थ व सीएमओ से नाराज जिलाधिकारी अलीगढ़ ने लगाई फटकार Aligarhnews

गुरु जी के अनुसार रक्षाबंधन पर भद्रा सुबह 6 बजकर 15मिनट पर ही समाप्त हो रही है,इसलिए बहनें भाईयों को 22 अगस्त को सुबह 6बजकर15 मिनट से लेकर शाम 5बजकर 31मिनट तक यानी 11 घंटे 16 मिनट तक राखी बांध सकेंगी। स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि इस दिन प्रातः10बजकर 34 मिनट तक शोभन योग,धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा साथ ही इस बार रक्षा बंधन पर सिंह राशि में सूर्य,मंगल और बुध ग्रह एक साथ विराजमान होंगे।सिंह राशि का स्वामी सूर्य है और इस राशि में मित्र मंगल भी उनके साथ रहेगा वहीं शुक्र कन्या राशि में होगा जबकि ग्रहों का ऐसा योग बेहद शुभ और फलदायी रहने वाला है। उन्होंने कहा कि ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग 11 अगस्त 1547 के बाद लगभग 474 साल बाद बन रहा है जब शुक्र बुध के स्वामित्व वाली राशि कन्या में स्थित रहेंगे। इन योगों के साथ गुरु और चंद्रमा की इस युति से इस दिन गजकेसरी योग बन रहा है। यह योग लोगों को भाग्यशाली बनाता है और इससे लोगों की धन संपत्ति,मकान, वाहन जैसे सुखों की प्राप्ति होती है। गज केसरी योग बनने से राजसी सुख और समाज में मान-सम्मान की भी प्राप्ति होती है।ज्योतिष के अनुसार,घनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल है इसलिए इस नक्षत्र में रक्षाबंधन का पड़ना भाई-बहन के आपसी प्रेम को बढ़ाएगा।

...हमारी खबरों को अपने फेसबुक पेज, ट्यूटर & WhatsAap Gruop के जरिये दोस्तों को शेयर जरूर करें
error: Content is protected !!