अलीगढ़ जेल में पेड़ पर लटक कैदी ने लगाई फांसी, चोरी के इल्जाम में जेल में था कैद, हड़कंप

 

अलीगढ मीडियाडॉट कॉम, अलीगढ: उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ के जिले के जिला कारागार जेल में दिन निकलते ही एक सनसनीखेज खबर जेल के अंदर बंद कैदियों में फैल गई। जिस सनसनीखेज खबर के बाद जिला कारागार जेल महकमे के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जहां चोरी के इल्जाम में 24 सितंबर को जेल के अंदर बंद कोतवाली खेर गांव भनेरा निवासी 48 किलो वजनी कैदी ओमकार पुत्र होती लाल ने पेड़ के ऊपर चढ़कर गले में पहने कपड़े के गमछे से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली गई। जेल के अंदर 52 वर्षीय कैदी के द्वारा पेड़ पर फांसी लगाने की सूचना पर मौके पर पहुंचे जेल अधिकारियों ने देखा तो फांसी के फंदे पर उस विचाराधीन कैदी का शव लटक रहा था। विचाराधीन कैदी के द्वारा जेल के अंदर लगाई गई फांसी से जेल अधिकारियों और जेल में बंद कैदियों में हड़कंप मच गया। जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जेल के अंदर पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटके 52 वर्षीय विचाराधीन कैदी के शव को पेड़ से उतारकर फांसी के फंदे से शव को निकाल जमीन पर लिटाया गया। जिसके बाद जेल प्रशासन ने कैदी के आत्महत्या करने की सूचना कोतवाली सिविल लाइन पुलिस को दी गई। विचाराधीन कैदी के आत्महत्या करने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस भारी पुलिस फोर्स के साथ जेल पहुंच गए। तो वही पुलिस ने विचाराधीन कैदी के जेल में पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जबकि आत्महत्या की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। कैदी की मौत के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
म्रतक कैदी ओमकार के भाई बीरम ने कहा कि थानाध्यक्ष के द्वारा परिजनों को सूचना दी गई थी कि उसके भाई ओंकार ने जेल के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई। जबकि उसका भाई ड्राइवरी करने के साथ दारू पीने के चलते नशेड़ी था।जो नशा आदि और सिलेंडर चोरी करने का चलते थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कर 24 सितंबर को जेल भेजा गया था। परिवार के लोगों का आरोप है कि मृतक ओंकार जेल के अंदर अपने आप किसी भी कीमत पर फांसी नहीं लगा सकता। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। जबकि म्रतक के दूसरे भाई ने बताया कि कुछ दिन पहले जेल से उसके भाई ओमकार द्वारा घर पर फोन कर बात की गई और कहा था कि 4 तारीख को उसकी सुनवाई है। इसी दौरान कुछ पैसे पहुंचाने के लिए कहा था। सिलेंडर चोरी का इल्जाम में जेल पहुंचा था। जिसके जेल में हत्या की गई है। लेकिन उनका भाई फांसी नहीं लगा सकता हैं। जबकि जेल प्रशासन की तरफ से अभी तक पूरे प्रशासन को कुछ भी नहीं बताया गया केवल परिवार के लोगों को फांसी लगाना ही बताया है।

जेल में बंद कैदी की मौत के बाद जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार की सुबह 6 बजे के करीब जेल में बंद कैदियों को बैराको से फ्रेश होने के लिए खोला गया था। उसी दौरान कैदी बैरक के पीछे लगे पेड़ पर चढ़ गया और गले में पहने गमछे से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली गई। जिसके बाद जेलर द्वारा कोतवाली खेर प्रभारी से कैदी की मौत को लेकर बातचीत हुई। जानकारी के दौरान थाना अध्यक्ष के द्वारा बताया कि 19 सितंबर को जेल से छूटकर कैदी अपने घर पहुंचा था। जहां 24 सितंबर को साइकिल सिलेंडर चोरी करने के इल्जाम में दोबारा जेल पहुंचा था।जबकि नशेड़ी और चोरी की घटनाओं को देने के चलते हैं परिवार के लोगों द्वारा भी इस कैदी का साथ नहीं दिया गया था। इसके साथ ही जेल प्रशासन किसी भी लापरवाही से इनकार करते हुए अधीक्षक ने कहा कि वह नहीं मानते कि इसमें जेल प्रशासन की तरफ से कोई लापरवाही है। जबकि जेल प्रशासन जेल में 40 से 50 बंदियों के द्वारा जेल में बंद सभी कैदियों का ध्यान भटकाने के लिए प्रयास किया जाता है कि जिससे कोई जेल में बंद कैदी निराश ना हो। जबकि जिला जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश् ने लापरवाही के सवाल पर कहा कि उनके द्वारा जेल के अंदर बंद कैदी के गले में पड़ा गमछे को कैसे छीनले हम अगर ऐसे में कोई कहती फ्रेश होने के लिए जा रहा है तो उसका गमछा कोई कैसे छीन सकता है। मृतक के परिवार के लोगों द्वारा अगर जेल प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगाया जा रहा है। तो यह उनका अधिकार है।

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