परिवार कल्याण कार्यक्रमों में आशा कार्यकर्ता सुनीता की भूमिका अव्वल, पढ़िए… क्यों?

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ: परिवार नियोजन के स्थाई साधन नसबंदी को अपनाने से जहां अमूमन पुरुष कतराते हैं वही आशा कार्यकर्ता सुनीता देवी ने पुरुषों को जागरुक व प्रेरित करते हुए एक ही दिन में छह पुरुष नसबंदी का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है । यह छह पुरुष नसबंदी मंगलवार (28 सितंबर) को जिले के खैर ब्लॉक के सामदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर हुई, जबकि उनसे प्रेरित होकर गत 21 सितंबर को लगाए गए कैंप में दो अन्य पुरुषों ने भी नसबंदी की सेवा अपनाई थी । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैर पर नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें गांव शिवाला कला की आशा कार्यकत्री सुनीता देवी ने पुरुष नसबंदी के लिए घर – घर जाकर पुरुषों को जागरूक किया । उनके इस प्रयास से एक ही दिन में छह पुरुष नसबंदी की सेवा प्राप्त करने के लिए राजी हो गए और शिविर में जाकर नसबंदी की सेवा प्राप्त की । इससे पहले भी सुनीता ने अपने गांव के दो पुरुषों को प्रेरित कर नसबंदी करा चुकी हैं।

खैर ब्लाक के शिवाला कला गांव की सुनीता देवी का वर्ष 2006 में आशा कार्यकर्ता के रूप में चयन हुआ था। उनके बेहतर कार्यो को देखते हुए 2017 और 2018 में आशा सम्मेलन में सम्मानित किया जा चुका है। वह अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा संगिनी को भी उनके काम में सहयोग प्रदान करने के साथ ही परामर्श भी देती हैं। उनके दस्तावेजीकरण कार्य में उन्हें सहयोग भी प्रदान करती है ।

सुनीता देवी का कहना है कि ग्रामीण परिवेश में नसबंदी पर बात करना बहुत मुश्किल भरा काम होता है। किसी पुरुष से परिवार नियोजन पर बात करने में ही कम सहयोग मिलता था। हमने पहले लोगों को छोटा-खुशी परिवार की खूबियां बताना शुरू किया। सभी योग्य महिला व पुरुष की काउंसिलिग की । उसका नतीजा रहा कि 15 साल में अब तक उन्होंने 20 – 25 पुरुष को नसबंदी के लिए राजी किया और जिले पर अस्पताल ले जाकर 20 पुरुषों की नसबंदी भी कराई। शुरू में थोड़ी समस्या थी, लेकिन जागरूकता बढ़़ने के साथ ही परिवार नियोजन के साधन अपनाने में अब लोग ज्यादा सहयोग कर रहे हैं। आशा कार्यकर्ता के सहयोग से समुदाय व जिला स्तर पर 122 महिलाओं ने भी नसबंदी सेवा का लाभ प्राप्त किया है। आशा कार्यकर्ता सुनीता देवी के कार्य सराहनीय है। विभागीय कार्यक्रमों व बैठकों में अधिकारी अब सुनीता के काम को मिसाल के रूप में पेश करते हैं।

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समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ राहुल शर्मा का कहना है कि सुनीता अपना कार्य पूरी लगन के साथ करती हैं । घर – घर जाकर पुरुषों को नसबंदी के लिए जागरूक करती हैं और छोटे परिवार के बड़े फायदे बताती हैं । मंगलवार को इन्होंने खैर ब्लॉक पर छह पुरुष नसबंदी करा कर मिसाल पेश की है । इससे कुछ दिन पहले भी उनसे प्रेरित होकर दो पुरुषों ने नसबंदी की सेवा अपनाई थी ।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसपी सिंह ने कहा – परिवार नियोजन का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है । इसके अलावा जनसँख्या स्थिरता से ही सीमित साधनों का समुचित उपयोग कर सभी को बेहतर जीवन प्रदान किया जा सकता है । उन्होंने पुरुष व महिलाओं से अपील की है कि वह अपने व बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दो बच्चों के जन्म में तीन साल का अंतर जरूर रखें और परिवार जब पूर्ण हो जाए तो नसबंदी की सेवा का लाभ जरूर उठायें ।

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-वरिष्ठ परिवार नियोजन विशेषज्ञ ने कहा – सुनीता देवी के अच्छे कार्य को देखते हुए इस वर्ष भी उनको उनको जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जिससे सभी आशाएं प्रोत्साहित होकर वह भी परिवार नियोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें और पुरुष व महिलाओं को भी ज्यादा से ज्यादा परिवार नियोजन के साधनों के लिए जोड़ सकें ।

 

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