चिकित्सा विभाग जेएन मेडिकल कालेज में दो नई ओपीडी एवं अन्य आधुनिक सुविधा शुरू

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग में नई उपचार सुविधाओं की आवश्यकता को समझते हुए दो नई ओपीडी और अन्य आधुनिक सुविधाएं शुरू की गई हैं। इसमें जेरियाट्रिक या वरिष्ठ नागरिकों के लिये सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी और हेमेटोलाजी सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी शामिल हैं। मैडिसन ओपीडी भवन में ईसीजी सेवाएं, मेडिकल आईसीयू के लिए डा हुसैनी एस हैदर मेहदी द्वारा दान किया गया वीडियो लैरींगोस्कोप, मेडिकल आईसीयू में तीन पीएम केयर वेंटिलेटर और पेशेंट ट्रांसपोर्ट मल्टी-चैनल वाइटल मानिटर सुविधाएं शामिल हैं।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो शाहिद अली सिद्दीकी ने प्रो. राकेश भार्गव (डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन), प्रो. हारिस एम. खान (चिकित्सा अधीक्षक), प्रो. मुहम्मद आफताब (अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक) और विभिन्न विभागों के अध्यक्षों तथा वरिष्ठ शिक्षकों के साथ इन सुविधाओं का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं रोगों के निदान और बेहतर उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने जेएन मेडिकल कालेज द्वारा मरीजों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न अन्य सुविधाओं का उल्लेख किया।
मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अंजुम एम. चुगताई ने कहा कि बुजुर्ग लोग सांस की बीमारियों, विभिन्न प्रकार के कैंसर, थैलेसीमिया, रक्त रोगों आदि से ग्रस्त हो जाते हैं, इसलिए अलग-अलग जेरियाट्रिक ओपीडी और हेमटोलॉजी सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी बहुत उपयोगी साबित होंगे।
एनेस्थीसियोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एहसान काज़ी ने मेडिकल आईसीयू में वीडियो लैरींगोस्कोप के उपयोग का प्रदर्शन किया, जबकि प्रो. शहजाद एफ हक ने विशेष रूप से कोविड-19 के दौरान चिकित्सा विभाग के प्रदर्शन और प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
———————–
प्रोफेसर एन आर माधवा मेनन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिलने पर अमुवि में खुशी
अलीगढ़, 20 नवंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक और भारत में आधुनिक कानूनी शिक्षा के अग्रदूत प्रोफेसर एनआर माधवा मेनन को भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किये जाने पर अमुवि में हर्ष का वातावरण देखने को मिला। प्रो. मेनन की पत्नी सुश्री रीमा देवी ने भारत गणराज्य के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद के हाथों से पुरस्कार स्वीकार किया।
इस अवसर पर एएमयू के कुलपति प्रो तारिक मंसूर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एएमयू समुदाय के लिए यह बहुत खुशी और सम्मान की बात है कि हमारे पूर्व शिक्षक और छात्र को प्रतिष्ठित पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्रोफेसर मेनन न केवल एएमयू के एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर थे, जिन्होंने कानून की शिक्षा को एक नई दिशा एवं गति दी, बल्कि उन्हें देश में आधुनिक कानून शिक्षा प्रणाली का जनक भी कहा जाता है। प्रोफेसर मेनन ने ही पांच साल के एकीकृत बीएएलएलबी पाठयक्रम का प्रस्ताव रखा था।
कुलपति ने कहा कि प्रोफेसर मेनन एक महान शिक्षक और विद्वान थे, जो नेशनल ला स्कूल आफ इंडिया यूनिवर्सिटी और नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी भोपाल के संस्थापक निदेशक थे। वे वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी आफ जूरीडिकल साइंसेज के संस्थापक कुलपति भी रहे तथा भारतीय सांख्यिकी संस्थान के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाऐं दी।
प्रोफेसर मेनन ने एएमयू से एलएलएम और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की और 1960 में शिक्षक के रूप में अमुवि में शामिल हुए। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में भी पढ़ाया। उन्होंने कानून शिक्षा, कानूनी पेशा, कानूनी सहायता, न्यायिक प्रशिक्षण और न्याय प्रशासन आदि विषयों पर एक दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखीं। 2003 में, उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
प्रोफेसर मेनन का निधन 8 मई, 2019 को हुआ था।
———————–
एएमयू के दो छात्रों का साफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में चयन
अलीगढ़, 20 नवंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दो बीटेक (कंप्यूटर इंजीनियरिंग) छात्रों लक्ष्य सेठी और लक्ष्मींद्र सिंह को एक आनलाइन भर्ती अभियान के दौरान बैंगलोर स्थित कंपनी डोवर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा साफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में चयनित किया गया है।
जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, एएमयू के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी श्री मोहम्मद फरहान सईद ने कहा कि भर्ती टीम ने एएमयू की शिक्षा की गुणवत्ता और यहां के छात्रों की क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि चयनित छात्रों को 8 लाख रुपये प्रति वर्ष के पैकेज की पेशकश की गई है।
—————————
बैर के 38 पेड़ों और 3 बेल पत्थर के पेड़ों का नीलाम
अलीगढ़, 20 नवंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बाटनीकल गार्डन किला के अन्दर बैर के 38 पेड़ों और 3 बेल पत्थर के पेड़ों के फलों का नीलाम 23 नवम्बर 2021 दिन मंगलवार को सुबह 10ः30 बजे होगा।
बाटनी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर गज़ाला परवीन ने बताया कि बोली से पहले खरीदार को मुबलिग एक हज़ार रूपये बतौर जमानत जमा करने होगें तभी बोली बोलने की इजाज़त होगी। जमानत की रकम मूल्य खरीदार के अलावा बाकी लोगों को नीलामी समात्प होने के बाद वापस कर दी जायेगी।
उन्होंने कहा है कि खरीदार को नीलाम की पूरी रकम नीलाम समाप्त के बाद उसी समय अदा करनी होगी तथा खरीदार को आधार कार्ड की फोटो कापी भी साथ लानी होगी।

...हमारी खबरों को अपने फेसबुक पेज, ट्यूटर & WhatsAap Gruop के जरिये दोस्तों को शेयर जरूर करें
error: Content is protected !!