Update News: ई-डिस्ट्रिक्ट मेनेजर की ओर से दी गयी सफाई, ब्लैकमेलर है शिकायतकर्ता तीनों भाई

अलीगढ़ मीडिया  डॉट कॉम, अलीगढ़। अलीगढ मीडिया डॉट कॉम पर ई डिस्ट्रिक्ट मेनेजर मनोज राजपूत और  वयमटैक प्रभारी नरोत्तम के खिलाफअवैध वसूली के आरोप की खबर चलाए जाने के बाद ई डिस्टिक मैनेजर की ओर से अपना पक्ष रखा गया है। और कहा गया है किस चलाई गई खबर पूरी तरह बेबुनियाद हैं। तथा मनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर एक तरफा है। उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए शनिवार की भिजवाये गए अपने पक्ष में कहा कि उनके खिलाफ जो शिकायत जन कमिश्नर को भेजी गई है वह गलत है। शिकायतकर्ता तीनों तीन भाई हैं तीनों ही ब्लैकमेलर किस्म के व्यक्ति हैं इनके खिलाफ पूर्व में कई जांच हो चुकी है, जिसमें वह दोषी भी पाया जा चुके हैं पढ़िए ई डिस्टिक मैनेजर की ओर से भेजा गया पत्र और उनके द्वारा भेजे गए तथ्य-

 

आदरणीय मीडिया बंधु,
सादर नमस्कार,

आपको सादर अवगत कराना है कि मेरे संज्ञान में आया है कि जनसेवा केंद्र संचालक कमल सिंह वर्मा निवासी शेखूपुर, तहसील अतरौली के द्वारा आज मीडिया बंधुओं को मेरे बारे में गलत तथ्यों के साथ कुछ जानकारी दी गई है।

इस संबंध में आपके संज्ञान में लाना है कि जनसेवा केंद्र संचालक कमल सिंह वर्मा के द्वारा गलत तथ्यों के साथ मेरी एक शिकायत कमिश्नर साहब के यहाँ की गई थी जिसकी सुनवाई आज एडीएम प्रशासन साहब ने की। मेरी छवि को खराब करने के उद्देश्य से सुनवाई के उपरांत कमल सिंह वर्मा ने मीडिया बंधुओं को कॉल करके मेरे बारे में गलत जानकारी उपलब्ध कराई है। इस प्रकरण के बारे में जो सच है वह मैं आपके संज्ञान में ला रहा हूं। कृपया उसका संज्ञान लेने का कष्ट करें।

कमल सिंह वर्मा निवासी गांव शेखूपुर तहसील अतरौली एक जनसेवा केंद्र संचालक है जो तहसील अतरौली पर जनसेवा केंद्र चलाता है। *नवम्बर 2019 में एक प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर 3000 रुपये लेने का इसका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसकी शिकायत जिलाधिकारी जनता दर्शन में हुई थी। वायरल वीडियो में ये कह रहा है कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम और एडीएम को पैसा जाता है इसलिए इतने रुपये देने पड़ेंगे। वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि यह 20 रु. आवेदन शुल्क की जगह लोगों से 3 हज़ार रुपये ले रहा है। वीडियो को *6 मिनट के बाद ध्यान से सुनें। वैसे पूरा वीडियो आप देखेंगे तो आपको स्पष्ट हो जाएगा।

इस वीडियो और शिकायतकी जांच निवर्तमान *एसडीएम अतरौली ने कराई जिसमें यह सही पाया गया और इसके खिलाफ एफआईआर हुई तथा एसडीएम ने इसका केंद्र निरस्त करा दिया। इससे परेशान होकर एसडीएम अतरौली और ईडीएम को मानसिक रूप से दवाब में लेने के लिए इस केंद्र संचालक ने एसडीएम अतरौली की शिकायत मुख्य सचिव उ प्र को की जिसमें वह शिकायत निराधार पाई गई।

उसके बाद इस केंद्र संचालक ने अब फिर से *कमिश्नर साहब के यहां ईडीएम की झूठी शिकायत की। जिसकी आज सुनवाई एडीएम प्रशासन साहब के द्वारा की गई। सुनवाई के दौरान शिकायत में लगाये गए आरोपों को लेकर यह केंद्र संचालक कोई साक्ष्य नहीं दे पाया। कमल सिंह वर्मा, आकाश राजपूत, गगन राजपूत ये तीन भाई हैं और यही ब्लैकमेलिंग का काम करते हैं। झूठी शिकायत का दवाब बनाकर यह ईडीएम को दवाब में लेकर पैसे की मांग करते हैं* तथा किसी भी कार्यालय में जाकर ऑडियो या वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं जिसे एक नया रूप देकर सभी के सामने प्रस्तुत करते हैं या शिकायत करते हैं।

इस केंद्र संचालक का इसी माह का एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें 46 हज़ार रुपये का आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ये 3 हज़ार रुपये मांग रहा है और 2800 रुपये में ग्राहक से सौदा तय करके 300 रुपये एडवांस लेता हुआ दिख रहा है।* इस ताजा वीडियो में यह लेखपाल को भी कॉल कर रहा है। यह वीडियो मिलते ही आपको उपलब्ध करा दिया जाएगा। अपनी अवैध रूप से उगाही करने पर कोई कार्यवाही न हो इसके लिए दवाब बनाने को इसने पहले से मेरी झूठी शिकायत कमिश्नर साहब के यहां की है जिसकी जांच एडीएम प्रशासन साहब कर रहे हैं। आप भी इसकी सच्चाई इन रिपोर्ट में और वीडियो में देख सकते हैं। आपको जो तथ्य बताए गए होंगे उसका सच ये है।*

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