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| (फाईल फोटो: अलीगढ मीडिया डिजिटल) |
अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़ । छर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार रात को 14 साल की किशोरी के साथ दो लोगों ने शर्मनाक वारदात की। 50 रुपये और मोबाइल का लालच देकर आरोपी किशोरी को अपने घर ले गए, जहां बर्बरता से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी चीखती रही। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो किशोरी बेहोशी की हालत में मिली। पुलिस ने गंभीर हालत में उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। उधर, दोनों आरोपी भी नशे में धुत थे। लोगों ने मौके से दबोचकर उनकी पिटाई करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।
रविवार को दोनों को जेल भेज दिया गया। कस्बा छर्रा के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम करीब पांच बजे उनकी 14 साल की बेटी घर से सब्जी लेने के लिए बाजार गई थी। जो रात तक लौटकर नहीं आई। तलाश की गई तो एक राहगीर ने बताया कि एक बच्ची को दो लोग दूसरे गांव की तरफ ले गए हैं।
सोमवार को एसएसपी ने मीडिया को बयान जारी करके कहा कि रात्रि करीब 9 बजे थाना छर्रा पुलिस को यूपी 112 के माध्यम से एक सूचना प्राप्त हुई कि 02 व्यक्ति (किशनगोपाल व संजू निवासी थाना क्षेत्र छर्रा) एक नाबालिग बच्ची को ले गए है तथा उसे शराब पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है, स्थानीय पुलिस द्वारा दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर कल मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था । वर्तमान में दोनों अभियुक्त जिला कारागार में निरुद्ध हैं । बच्ची का तत्काल मेडिकल कराया गया तथा बच्ची का उपचार जेएनएमसी में चल रहा है । डॉक्टर द्वारा बच्ची की स्थिति खतरे से बताई गई है, शीघ्र ही उसे डिस्चार्ज कर दिया जायेगा । प्रकरण में साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है तथा अतिशीघ्र मा0 न्यायालय में चार्जशीट प्रेषित की जायेगी एवं इस केस की सघन पैरवी कर दोनों अभियुक्तों को कठोरतम दण्ड दिलवाया जायेगा
भारतीय न्याय संहिता 2023 व पॉक्सो एक्ट के अन्तर्गत लैंगिक अपराध व दुष्कर्म से सम्बन्धित पीड़ित/पीड़िता की पहचान उजागर करना दण्डनीय अपराध है
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कुछ व्यक्तियों द्वारा थाना छर्रा क्षेत्र की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर की जा रही है एवं उसका वीडियो वायरल किया जा रहा है ।* इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित/पीड़िता की पहचान उजागर करना, उनका वीडियो, फोटो अथवा अन्य किसी प्रकार की सामग्री सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से साझा करना, प्रसारित करना अथवा वायरल करना *भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है* जो लोग सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर कर रहे हैं उनके विरुद्ध नियमानुसार बीएनएस व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है ।
_अलीगढ़ पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि किसी व्यक्ति ने ऐसे किसी वीडियो, फोटो अथवा पोस्ट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है, तो उसे तत्काल हटा दें तथा भविष्य में इस प्रकार की किसी भी सामग्री को साझा, फॉरवर्ड अथवा प्रसारित न करें अन्यथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियामानुसार विधिक कार्यवाही करते हुए बीएनएस व पॉक्सो एक्ट के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही की जायेगी । अलीगढ़ पुलिस सभी नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने तथा पीड़ित/पीड़िता की गरिमा, निजता एवं विधिक अधिकारों का सम्मान करने की अपील करती है ।

