श्रीकृष्ण कथा के दूसरे दिन भावपूर्ण प्रसंगों से भक्त हुए भावविभोर
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्ति का कथा व्यास ने किया मार्मिक वर्णन, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
अतरौली। कस्बे के बाद बाजार स्थित मनकामेश्वर मंदिर परिसर में श्री राधे-राधे युवा मंडल के 39वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर चल रही नौ दिवसीय श्रीकृष्ण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा व्यास योगेश प्रभाकर जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े भावपूर्ण प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माता यशोदा के वात्सल्य, गोकुल की भक्ति और भगवान के भक्तों के प्रति प्रेम का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, करुणा, धर्म और भक्ति का संदेश देती हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि भगवान की भक्ति के साथ मनुष्य को अपने कर्मों और व्यवहार में भी सद्भाव बनाए रखना चाहिए।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का प्रसंग सुनते ही पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास के भजनों और मधुर वाणी पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। समय-समय पर राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा कथा पंडाल गूंज उठा।मुख्य यजमान के रूप में विमल वार्ष्णेय ने परिवार सहित आरती व्यास पूजन किया
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे कथा श्रवण करने पहुंचे। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के बैठने और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। मौसम ख़राब होने के बाद भी देर रात तक कथा में श्रद्धालुओं ने भक्तिरस में डूबकर श्रीकृष्ण कथा का आनंद लिया।
इस अबसर पर - अध्यक्ष सतेंद्र कसेरे,राधे श्याम वार्ष्णेय,अमित माहेश्वरी,सतीश कपूर,अनिल ज्वेलर्स,देवेंद्र कसेरे,पुनीत महरोत्रा,शुभम वार्ष्णेय,दीपक कुमार,अमित वार्ष्णेय,कन्हिया वर्मापंडित राकेश मुखराइयाँ,सोनू कसेरे,गगन सोनी,दीपक वर्मा,विमल वार्ष्णेय,सतीश वार्ष्णेय,मनोज गुप्ता,नीटू बंसल विजय,नीरज माहेश्वरी,संकर धायल माहेश्वरी आदि थे



