अलीगढ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन द्वारा निर्वाचन आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के ताजा स्पष्टीकरण के बाद SIR, फॉर्म-6 और चुनावी प्रक्रिया को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम पूरी तरह खत्म हो गया है। यह प्रेस वार्ता जिलाध्यक्ष चौ. कृष्णपाल सिंह लाला प्रधान के निर्देशन में आयोजित की गई।
मेयर प्रशांत सिंघल ने कहा - कांग्रेस आत्ममंथन करे
पत्रकारों को संबोधित करते हुए अलीगढ़ मेयर प्रशांत सिंघल ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक कमजोरी पर आत्ममंथन करना चाहिए। प्रशासनिक और संवैधानिक विषयों को राजनीतिक रंग देकर जनता में भ्रम पैदा करने की बजाय तथ्यों पर चर्चा होनी चाहिए।
निर्वाचन आयोग के संयुक्त बयान का उल्लेख
भाजपा ने बताया कि 26 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों डॉ. एस.एस. संधू और विवेक जोशी की बैठक के बाद आयोग ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया।
भाजपा के अनुसार वक्तव्य में साफ किया गया कि देशभर में चल रहा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सहित सभी प्रमुख निर्णय आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 24 जून 2025 के मूल आदेश और विभिन्न राज्यों के चरणबद्ध कार्यक्रमों का भी इसमें उल्लेख है।
कैबिनेट सचिव को पत्र पर सफाई
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र को SIR से जोड़कर पेश किया गया। निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण के अनुसार वह पत्र किसी नीतिगत निर्णय या IT विभाग से संबंधित नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक मामला था।
फॉर्म-6 को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप
भाजपा ने कहा कि फॉर्म-6 को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के संदर्भ में फॉर्म-6 की व्यवस्था तय है, जबकि गैर-SIR अवधि में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत पूर्ववर्ती प्रक्रिया लागू रहती है। इसमें मनमाना बदलाव का आरोप गलत है।
पात्र मतदाताओं को जोड़ने पर जोर
भाजपा ने कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना है। इसके लिए विशेष अभियान, छूटे हुए मतदाताओं तक पहुंच और BLO के माध्यम से घर-घर जाकर फॉर्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। मजदूरों, बेघर लोगों और वंचित वर्गों को मतदाता सूची में जोड़ना लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करना है।
राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख
प्रेस वार्ता में भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा EVM, निर्वाचन आयोग, न्यायपालिका और सेना से जुड़े विषयों पर दिए गए पुराने बयानों का भी जिक्र किया। पार्टी ने 2024 में EVM पर बयान, 2019 के राफेल विवाद, 2023 के कैम्ब्रिज और अमेरिका यात्रा के दौरान न्यायपालिका पर दिए गए बयानों के साथ-साथ 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2022 के तवांग विवाद पर दिए गए बयानों का उल्लेख किया।
संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की अपील
भाजपा ने कहा कि निर्वाचन आयोग, सर्वोच्च न्यायालय और अन्य संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ हैं। राजनीतिक दलों को आरोप लगाते समय तथ्य और प्रमाण सामने रखने चाहिए। SIR, फॉर्म-6 और चुनावी प्रक्रिया पर आयोग के स्पष्टीकरण के बाद स्थिति जनता के सामने स्पष्ट है।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अवध सिंह बघेल, जिला मीडिया प्रभारी जितेन्द्र गोविल, सह मीडिया प्रभारी रामकुमार शर्मा, श्याम कुमार शर्मा आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

