उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग नेजिलाधिकारी, जौनपुर से विस्तृत रिपोर्ट तलब की

Aligarh Media Desk

अलीगढ मीडिया डिजिटल, ब्यूरो रिपोर्ट| उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने जौनपुर में रवि यादव के कथित पुलिस एनकाउंटर मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने इस प्रकरण पर जिलाधिकारी, जौनपुर से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव की शिकायत के बाद की गई है।

अपनी शिकायत में अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि रवि यादव की पुलिस मुठभेड़ को लेकर विभिन्न समाचार माध्यमों, सामाजिक संगठनों और मृतक के परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने इस घटना को कथित फर्जी एनकाउंटर करार दिया है और दावा किया है कि रवि यादव को जीवित गिरफ्तार किया जा सकता था।


शिकायत में यह भी आरोप है कि रवि यादव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में जल्दबाजी की गई और परिवार को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। शिकायत में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हवाला दिया गया है, जो प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई तथा जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करते हैं। इसमें कहा गया है कि पुलिस मुठभेड़ जैसे मामलों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विधिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।


मामले पर विचार करते हुए, उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि लगाए गए आरोपों की प्रकृति को देखते हुए जिलाधिकारी, जौनपुर से टिप्पणी और जांच रिपोर्ट प्राप्त करना उचित है। आयोग ने जिलाधिकारी को 8 जुलाई 2026 तक आवश्यक जांच कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

आयोग ने यह भी निर्देशित किया है कि इस प्रकरण को अगली सुनवाई के लिए 9 जुलाई 2026 को सूचीबद्ध किया जाए।अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आयोग द्वारा मामले में संज्ञान लिए जाने का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा है कि मानवाधिकारों की रक्षा और कानून के शासन में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि आयोग के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा|