डिजिटल जनसुनवाई का घोर मज़ाक: मुख्यालय के आदेश को ठेंगा दिखा रहा अलीगढ़ विद्युत विभाग, 11 बार दिया 'रोबोटिक' जवाब मामला: ग्राम पनेहरा (अतरौली, अलीगढ़) का भयंकर बिजली संकट : संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा
अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़, 18 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी एवं डिजिटल जनसुनवाई नीति की अलीगढ़ के स्थानीय विद्युत अधिकारियों द्वारा खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्राम पनेहरा (अतरौली) में पिछले कई दिनों से व्याप्त गंभीर बिजली संकट और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के बैनर तले ग्रामीणों ने 15 जुलाई को जिलाधिकारी अलीगढ़ को ज्ञापन सौंपा था, जिसकी 3 दिन की समय-सीमा आज समाप्त हो गई है। इस जनहित के मुद्दे को क्षेत्र के प्रमुख समाचार पत्रों ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था।मुख्यालय के आदेश की अवमानना और डिजिटल धोखाधड़ी:मामला सोशल मीडिया (X) पर गर्माने के बाद आज दिनांक 18-07-2026 को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) मुख्यालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए विशेष विधिक ट्रैकिंग ID #dvvnlhq180726 जारी कर स्थानीय अलीगढ़ टीम को त्वरित समाधान के कड़े निर्देश दिए। परंतु, प्रशासनिक अराजकता की पराकाष्ठा देखिए कि धरातल पर काम शुरू करने या पीड़ित उपभोक्ताओं से संपर्क करने के बजाय, अलीगढ़ विद्युत विभाग (@dvvnlaligarh) के सोशल मीडिया हैंडल ने उपभोक्ताओं और मुख्यालय को गुमराह करने के लिए एक के बाद एक लगातार 11 बार हूबहू एक ही कंप्यूटर जनित (रोबोटिक) 'कागजी' संदेश कॉपी-पेस्ट कर दिया। हद तो तब हो गई जब एक ही मिनट में दो-दो बार वही रोबोटिक जवाब चिपकाया गया।बिना काम किए बंद कमरों में 'खेद' का खेल:संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के संस्थापक जितेन्द्र शर्मा ने स्थानीय टीम के इस विधिक फर्जीवाड़े का स्क्रीनशॉट के साथ भंडाफोड़ करते हुए कहा कि स्थानीय अधिकारी एसी कमरों में बैठकर केवल 'रोबोटिक सॉफ्टवेयर' के पीछे छिप रहे हैं, जबकि ग्राम पनेहरा की जनता इस भीषण गर्मी में अंधकार में नरकीय जीवन जी रही है। वैध शिकायत करने पर स्थानीय उपकेंद्र के स्टाफ द्वारा ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की मौखिक धमकियां दी जा रही हैं, जो सीधे तौर पर विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 43 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं का उल्लंघन है।
संगठन की अंतिम चेतावनी: मोर्चा के पदाधिकारियों (जितेन्द्र शर्मा, फरमान खान, अरमान खान) ने स्पष्ट किया है कि हमने कानून का सम्मान करते हुए आज कोई उग्र घेराबंदी या तालाबंदी नहीं की है, लेकिन विभाग की इस घोर अनुशासनहीनता और 11 बार की डिजिटल धोखाधड़ी के विधिक साक्ष्य सीधे ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तथा विद्युत लोकपाल को भेज दिए गए हैं। यदि अगले 24 घंटे में ग्राम पनेहरा में उच्च क्षमता का नया ट्रांसफार्मर धरातल पर चालू नहीं हुआ, तो स्थानीय अधिशासी अभियंता (EE) और दोषी कनिष्ठ अभियंता (JE) के विरुद्ध माननीय न्यायालय एवं उपभोक्ता फोरम में व्यक्तिगत नाम से विधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

