अतरौली में जन्म प्रमाणपत्र का संकट गहराया: एसडीएम कोर्ट में 3000 आवेदन पेंडिंग, 1000 फाइलें जांच के बाद भी अटकीं, बच्चों के एडमिशन पर आफत

madan pal singh

 अतरौली में जन्म प्रमाणपत्र का संकट गहराया: एसडीएम कोर्ट में 3000 आवेदन पेंडिंग, 1000 फाइलें जांच के बाद भी अटकीं, बच्चों के एडमिशन पर आफत



*अतरौली (अलीगढ़)।* अतरौली तहसील में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। एसडीएम न्यायालय में करीब 3000 आवेदन पेंडिंग पड़े हैं, जिनमें एक हजार से अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनकी 30 सितम्बर से पहले ही सारी जांच पूरी हो चुकी है और बीडीओ व ईओ के हस्ताक्षर के बाद स्वीकृति के लिए एसडीएम कोर्ट में भेजे जा चुके हैं, लेकिन महीनों से उन पर कोई आदेश नहीं हो रहा है।

जन्म प्रमाणपत्र न बनने से सैकड़ों बच्चों के स्कूल एडमिशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लाभ अटके हुए हैं।

*जांच पूरी, फिर भी फाइलें लटकीं - कहां फंस रहा है पेंच?*

जन्म प्रमाणपत्र के लिए तहसील की प्रक्रिया ही इतनी लंबी है कि गरीब आदमी थक जाता है। आवेदन के साथ दो गवाह, पिता का शपथ पत्र, सभासद या ग्राम प्रधान और आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का सत्यापन लगाना पड़ता है। उसके बाद फाइल नगर क्षेत्र की है तो ईओ और गांव की है तो सचिव, एडीओ पंचायत और बीडीओ की रिपोर्ट लगती है।

लोग किसी तरह यह लंबी प्रक्रिया पूरी भी कर लेते हैं तो फाइल एसडीएम कोर्ट में आकर अटक जाती है। बताया जा रहा है कि शासन के नए नियम के अनुसार 1 अक्टूबर से दो साल से अधिक पुराने जन्म के मामलों की सुनवाई सिविल कोर्ट में होगी और एसडीएम स्तर पर केवल दो साल तक के ही आवेदन लिए जाएंगे। लेकिन अभी तक इस नियम की राज्य अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इसी असमंजस के चलते अगस्त-सितंबर में जमा हुए 3000 आवेदन आगे नहीं बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि शासनादेश आया भी नहीं और रोक पहले ही लग गई। 

*298 गांवों और 2 निकायों का बोझ एक ही कोर्ट पर*

पेंडेंसी की सबसे बड़ी वजह क्षेत्र का बड़ा दायरा है। अतरौली एसडीएम कोर्ट में तीन ब्लॉकों और दो निकायों के आवेदन आते हैं -

- *अतरौली ब्लॉक:* 104 गांव

- *बिजौली ब्लॉक:* 94 गांव

- *गंगीरी ब्लॉक:* 100 गांव

- *नगर पालिका अतरौली और नगर पंचायत छर्रा*

यानी कुल 298 गांवों के लोगों को एक ही कोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है।

*ग्रामीणों की जुबानी - "चक्कर काट-काट कर थक गए"*

*मलहपुर निवासी राजवीर सिंह* ने बताया - "मेरा नाती विद्यालय में पढ़ता है। सितंबर में सचिव, बीडीओ, एडीओ की पूरी रिपोर्ट लगवाकर आवेदन जमा कर दिया था, लेकिन तब से एसडीएम स्तर पर ही पेंडिंग पड़ा है।"

*कनोवी निवासी प्रीति* ने बताया - "बेटी के एडमिशन के लिए जन्म प्रमाणपत्र चाहिए। अगस्त में आवेदन किया था। रोज तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही।"

*एसडीएम बोले - पात्र आवेदनों को किया है स्वीकृत*

इस संबंध में *एसडीएम सौरभ कुमार गुप्ता* ने बताया, "मैंने पांच दिन पहले ही पात्र आवेदनों को स्वीकृत किया है। अब जो भी नए आवेदन आएंगे, वे शासन की नई गाइडलाइन के अनुसार ही जमा होकर बनेंगे।"


-एसडीएम स्तर पर जन्म प्रमाणपत्र पेंडिंग है। बच्चों के एडमिशन के लिए लोग चक्कर काट रहे हैं। हमने भी कई बार एसडीएम को फोन किया है, लेकिन उनका संतोषजनक रिस्पांस नहीं मिलता। यह जानबूझकर शासन की छवि खराब करने जैसा कृत्य हे इसकी शिकायत शासन में और उच्चाधिकारियों से की जाएगी।- *केहर सिंह राजपूत*, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अतरौली।