मदरसा इस्लामिया अरबिया जमा मस्जिद ऊपरकोट के संचालन पर उठे सवाल, 4 कमरों में 15 कक्षाएं चलने का दावा
अलीगढ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़। मदरसा इस्लामिया अरबिया, जामा मस्जिद ऊपरकोट के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ राज्य मंत्री को शिकायत भेजकर मदरसे को उसके पंजीकृत मूल स्थान पर संचालित कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मदरसा बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के अपने पंजीकृत स्थान से करीब आठ किलोमीटर दूर दूसरे स्थान पर संचालित किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मदरसा वर्ष 1949 से संचालित है और वर्ष 1985 से सरकारी अनुदान प्राप्त कर रहा है। विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के समक्ष आईजीआरएस संदर्भ संख्या 60000260170593 और 60000260170599 के माध्यम से शिकायत की गई थी। इसके जवाब में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अलीगढ़ की जांच एवं निरीक्षण आख्या में मदरसे के पंजीकृत स्थान से इतर संचालन की बात सामने आने का दावा किया गया है।
शिकायत में उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ, अलीगढ़ मंडल की एक जून 2026 की जांच आख्या का भी हवाला दिया गया है। इसमें मदरसे के करीब आठ किलोमीटर दूर दूसरे स्थान पर तहखाने सहित चार कमरों में संचालित होने और वहां 15 कक्षाएं चलने का उल्लेख किए जाने की बात कही गई है।
पोर्टल पर दर्ज विवरण पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने विभागीय पोर्टल पर दर्ज विवरण और मौके पर मदरसे के संचालन की स्थिति में अंतर होने का आरोप लगाया है। पत्र के अनुसार, पोर्टल पर 10×15 फीट के 14 कमरों में 585 छात्र-छात्राओं की 15 कक्षाएं संचालित होना दर्शाया गया है। इसके अलावा कार्यालय, पुस्तकालय और प्रधानाचार्य कक्ष के लिए भी दो कमरे दर्ज होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने इसे वास्तविक स्थिति से अलग बताते हुए जांच की मांग की है।
मंत्री से कार्रवाई की मांग
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने राज्य मंत्री से जनहित में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि गरीब, मजदूर और असहाय अभिभावकों के बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए मदरसे को कथित अवैध संचालन स्थल से हटाकर उसके पंजीकृत मूल स्थान जामा मस्जिद ऊपरकोट पर संचालित कराने के लिए उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ, अलीगढ़ मंडल तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अलीगढ़ को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।

