विजयादशमी

हरदुआगंज। असत्य पर सत्य की विजय, धू धू कर जला रावण का पुतला

न्याय की अन्याय पर, सदाचार की दुराचार पर, धर्म की अधर्म पर, गर्व की अहंकार पर, अच्छाई की बुराई पर, सत्य की असत्य पर और …

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