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अलीगढ| बिल घोटाले की 15 दिन में जांच के आदेश, उपभोक्ताओं से दोबारा बिल वसूली नहीं होगी




अलीगढ़ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़| जमा बिजली बिल घोटाले और नलकूपों पर मीटर लगाने के विरोध में मुख्य अभियंता कार्यालय पर किसान-मजदूर पंचायत हुई। संयुक्त किसान मोर्चा की अपील पर किसान नेताओं के अलावा प्रभावित उपभोक्ता पंचायत में शामिल हुए। निर्धारित समय सुबह दस बजे किसान-मजदूर उपभोक्ताओं ने जुटना शुरू कर दिया। पंचायत में शामिल प्रदर्शनकारियों ने  बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की|


 करीब दो बजे मुख्य अभियंता एस के अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता प्रथम अनिल अरोरा एवं अधिशासी अभियंता तृतीय पी. के. सागर पंचायत स्थल पर किसानों एवं उपभोक्ताओं के बीच आए। किसान संगठनों की ओर से प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत में पधारे अधिकारियों के सामने बिन्दुवार समस्याऐं एवं मांग रखी। वार्ता में किसान संगठनों की ओर से क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रदेश प्रभारी शशिकांत, किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, इदरीस मोहम्मद, भारतीय किसान यूनियन के सुभाष शर्मा, सुरेशचन्द्र गांधी, गजेन्द्र चौधरी शामिल रहे। 

वार्ता के उपरांत विभाग की ओर से लिखित समाधान प्रस्तुत किया गया। समाधान के अनुसार आगामी 15 दिन में मामले की जांच पूरी कर ली जाएगी। मुख्य अभियंता ने जांच टीम में शामिल अधिकारी से फोन पर 15 दिन में जांच पूरी करने के लिए पाबंद किया, साथ ही समय पर जांच पूरी न होने पर जांच टीम में शामिल अधिकारियों के खिलाफ  कार्यवाही के लिए आगाह किया। प्रभावित उपभोक्ताओं के विवादित बिलों के अलावा बकाया बिल किस्तों में जमा कराने का लिखित आश्वासन भी दिया। 

...मामला क्या था

फरवरी 2021 में जिले के तीनों सर्किलों में 700 से अधिक किसानों के जमा बिल का घोटाला सामने आया। पिछले दो साल से इन उपभोक्ता से बिल की पूरी रकम लेकर फर्जी रसीदें थमायी जा रही थी। इतना ही नहीं उपभोक्ता के बहीखाते में जीरो बेलेन्स भी दर्शाया गया। 1 .85 करोड़ से अधिक का घोटाला कर विभाग के क्लर्कों और अधिकारियों के बीच बंदरवाट हो गया। विभाग के खाते में एक रूपया जमा नहीं हुआ। कार्यवाही के नाम पर क्लर्कों को जेल भेज दिया गया। उपभोक्ता से दोबारा वसूली का आदेश जारी कर उसके खाते में जुलाई में बकाया दर्शा दिया गया। पीड़ित उपभोक्ताओं पर बीस हजार से एक लाख तक अचानक बिल बकाया हो गया। विभाग ने कनैक्शन काटने की कार्यवाही की, कई महीने बिना बिजली के रहने के बाद मजदूरी में एक बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने दोबारा भी बिल जमा करा दिए हैं। पिछली साल दिसंबर में एमडी आगरा ने जांच का आदेश किया, लेकिन पिछले छह महीने से जांच शुरू भी नहीं हुई। 


 ...पांच हजार के अड़तीस हजार

 अमरौली गांव की मायादेवी का 5500 रूपये विवादित बिल था जो 31 मई तक 38678 पहुँच गया। विभाग विवादित बिल पर हर महीने सरचार्ज, ब्याज के अलावा कनैक्शन काटने-जोड़ने का खर्चा और कानूनी कार्रवाई का खर्चा इन पीड़ित उपभोक्ताओं से वसूल रहा है। 

पोहीना के श्रीनिवास पर 16310 विवादित राशी बकाया थी जो आज 60239 रूपये हो गई है। मदनपुर छबीला के संजय गौड पर 60 हजार से अधिक बकाया है। जमालपुर के सत्यवीर पर 37465 रूपये बकाया है। इसके अलावा जुलाई 2021 के बाद से विभाग आगे का बिल जमा नहीं कर रहा है। ऐसे में इन उपभोक्ताओं पर लाख रूपयों से अधिक बिल का बोझ हैं। इतनी बड़ी रकम जमा कराना अब मुश्किल हो गया है। 

     

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