नियमित टीकाकरण को सफल बनाने के लिए गर्भवती महिलाओं व शिशुओं का टीकाकरण जरूरी: डॉ. एमके माथुर

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़ | जिले में गर्भवती महिलाओं व शिशुओं का टीकाकरण एवं स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस की ओर से लगातार कार्यक्रम भी किए जा रहें है। इसी क्रम में जिले में नियमित टीकाकरण को सफल बनाने के लिए शनिवार को ब्लाक गंगीरी के रामपुर गांव में शनिवार को नियमित टीकाकरण को लेकर चाई संस्था के सहयोग से राज्य यूपीपीएमयू से क्लिंटन हैल्थ एक्सेस इनिशिएटिव (चाई) संस्था के राज्य स्तर से आए कर्नल गौरव भाटिया, फैजान अली व जिला प्रतिनिधि - विजय कुमार गर्ग ने नियमित टीकाकरण को सफल बनाने के लिए आंगनवाड़ी सेंटर पर भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान पाया गया कि एएनएम, आशा व आंगनवाड़ी का छाया वीएचएनडी को लेकर समस्त तैयारीयां बेहतर समन्वय के साथ की गई थीं। साथ ही लाभार्थियों को बुलाने के लिए सत्र से पहले आशा का भ्रमण व बच्चों को टीका लगने के बाद बुखार से बचाव के लिए पैरासिटामोल सीरप का वितरण एवं सभी आवश्यक चार संदेश दिए जा रहे थे। जिससे समुदाय के वांछित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। 


इसके बाद टीम ने सीएचसी छर्रा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज मिश्रा को कार्यक्रम के दौरान संचालित की जा रही गतिविधियों को साझा किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने आकांक्षी ब्लाक के नियमित टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने के लिए चाई संस्था की टीम को भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया।


जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एमके माथुर ने बताया नियमित टीकाकरण का आयोजन जिले के सभी आगनवाड़ी एवं अतिरिक्त केन्द्रों पर किया जा रहा है। टीकाकरण कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गर्भवती माताओं को टीकाकरण की जरूरत तथा महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ अतिरिक्त केंद्रों पर भी आशा व एएनम के साथ अन्य मोबिलाइजरों द्वारा लाभार्थी को लाभान्वित किया जा रहा है।



गर्भवती और शिशु के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी:

डीआईओ ने बताया कि सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने एवं शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए समय पर नियमित टीकाकरण बेहद बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण के दौरान शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाते हैं और गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाता है। नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई गंभीर जानलेवा बीमारी से बचाव करता है।


इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ पंकज मिश्रा ने कहा कि नियमित टीकाकरण को सफल बनाने के लिए सीएससी छर्रा पर स्वास्थ विभाग व चाय संस्था के साथ अन्य संस्थाओं का भी सहयोग मिला है। जिले में संस्था द्वारा जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उसको लेकर टीकाकरण में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है।


सीएचसी छर्रा के ब्लाक गंगीरी के उपकेंद्र बुढ़िया की एएनएम सीनू पाल ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर आई हुई गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को स्तनपान की आवश्यकता तथा महत्व के बारे में जानकारी देना बहुत जरूरी है। आंगनबाड़ी सेंटर रामपुर की सुशीला शर्मा ने बताया कि शून्य से 6 माह तक के बच्चे को सिर्फ स्तनपान और छः माह के बाद शिशुओं को स्तनपान के साथ पौष्टिक ऊपरी आहार देना चाहिए। छः माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया के खतरे से बचाया जा सकता है। यूनीसेफ की बीएमसी सुरेखा ने बताया कि यूनिसेफ संस्था द्वारा प्रतिरोधी परिवारों को टीकाकरण करवाने के लिए ब्लाक स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से पूर्ण सहित किया जा रहा है। 



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