Aligarh| जेएनएमसी सर्जनों ने 34 वर्षीय मरीज के पेट से तीन किलो का ट्यूमर निकाला

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़ | अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की बीएससी, बीकॉम तथा बीए की प्रवेश परीक्षा तीन जुलाई 2022 (रविवार) को दो चरणों में संपन्न होगी। एएमयू परीक्षा नियंत्रक (प्रवेश अनुभाग) द्वारा जारी सूचना के अनुसार बीएससी और बीकॉम की प्रवेश परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। बीएससी की प्रवेश परीक्षा में 8385 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया है। जबकि बीकॉम की प्रवेश परीक्षा के लिये 3800 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया है। बीए (आनर्स) की प्रवेश परीक्षा अपरान्ह 4 बजे से सायं 6 बजे तक होगी। इस प्रवेश परीक्षा में 7884 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया है। बीएससी की प्रवेश परीक्षा अलीगढ़ में 11 परीक्षा केन्द्रों, बीकॉम की प्रवेश परीक्षा 7 परीक्षा केन्द्रों और बीए की प्रवेश परीक्षा 12 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होगी।

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एएमयू में सफलतापूर्वक आयोजित हुई फिल्म मेकिंग वर्कशॉप

अलीगढ़, 2 जुलाईः बीते हफ्ते एएमयू के यूनिवर्सिटी फिल्म क्लब ने फिल्म मेकिंग वर्कशॉप का आयोजन किया। इस पांच दिवसीय फिल्म मेकिंग वर्कशॉप के दौरान छात्रों को फिल्म बनाने से जुड़ी कलाएं और तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। केनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित इस वर्कशॉप में बॉलीवुड के एक्टर और डायरेक्टर मुजम्मिल भवानी ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और उन्हें फिल्म निर्माण की कला से रूबरू कराया।

गौरतलब है कि मुजम्मिल भवानी दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के पूर्व छात्र रह चुके हैं और साथ ही साथ लंदन के विश्व विख्यात रॉयल स्कूल ऑफ ड्रामाटिक आर्ट के भी एल्यूमिनी है। मुजम्मिल भवानी ने छात्रों के साथ फिल्म मेकिंग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और उन्हें सिनेमैटोग्राफी, साउंड वर्क, पोस्ट प्रोडक्शन लाइट जैसे फिल्मेकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलूओं के बारे में जानकारियां दी। मुजम्मिल भवानी ने छात्रों को बताया की उन्हें ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिकल और जिंदगी से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखकर फिल्म निर्माण क्षेत्र में घुसना चाहिए। वर्कशॉप के दौरान छात्रों को फिल्म निर्माण का एक बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए विभिन्न गतिविधियों और टास्क का हिस्सा भी बनाया गया।

कार्यक्रम के आयोजन में यूनिवर्सिटी फिल्म क्लब के सेक्रेटरी सैयद मोहम्मद सुहेब और अहमद मुदस्सिर सहित सभी मेंबर्स ने अहम भूमिका निभाई।

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जेएनएमसी सर्जनों ने 34 वर्षीय मरीज के पेट से तीन किलो का ट्यूमर निकाला

अलीगढ़, 2 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने 34 वर्षीय व्यक्ति के पेट से 3 किलो के ट्यूमर को निकालने के लिए एक दुर्लभ सर्जरी को अंजाम दिया।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी 34 वर्षीय मुकेश पेट रोग समस्या से ग्रस्त था और उसका पेट बढ़ रहा था तथा उसे खड़े होने, बैठने और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जेएनएमसी के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों द्वारा कराई गई एक जांच से पता चला कि उनके पेट के दाहिने हिस्से में तीन किलोग्राम वजन का एक दुर्लभ ट्यूमर है।

कुछ परीक्षणों के बाद, सर्जरी विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर अफजा़ल अनीस और डा याकूब वानी के नेतृत्व में सर्जनों की एक टीम ने रेजिडेंट डाक्टरों चित्रा, दीवांशु, अमरिंदर, प्रने और फिरदौस की मदद से एकखतरनाक ट्यूमर असामान्य सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

सर्जरी के बाद मुकेश को गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया और उसकी हालत में सुधार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जेएनएमसी सर्जनों ने कहा कि इतना बड़ा ट्यूमर बहुत दुर्लभ है। प्रोफेसर अफज़ल अनीस ने कहा कि ‘यह एक अनूठा मामला था क्योंकि हम शायद ही कभी तीन किलोग्राम वजन वाले ट्यूमर को निकालते। रोगी और उसके परिवार को सर्जरी के खतरों से अवगत कराया गया और जेएनएमसी में नवीनतम सुविधाओं में उनके विश्वास ने उन्हें सर्जरी के लिए मानसिक रूप से तैयार किया।

डाक्टर याकूब वानी ने कहा कि ‘ऐसे ट्यूमर दुर्लभ हैं। हमारे पास ऐसे कई मरीज हैं जिनके पेट या छोटी आंत में ट्यूमर है, लेकिन यह ट्यूमर बहुत अलग और बड़ा था।

प्रोफेसर अफज़ल और डा याकूब ने कहा कि सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते हैं लेकिन मुकेश का ट्यूमर खतरनाक था और अगर इसे हटाया नहीं जाता तो उसके जीवन को खतरा हो सकता था।

एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने सर्जनों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि जेएनएमसी गरीब मरीजों को सस्ती सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है जबकि निजी अस्पतालों में उन्हें उच्च शुल्क वहन करना पड़ता था।

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एएमयू में मनाया गया राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस

अलीगढ़, 2 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मेडिसिन संकाय के डीन प्रो. राकेश भार्गव को राष्ट्रीय चिकित्सका दिवस के अवसर पर उनकी चिकित्सा सेवाओं के लिये नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा इंस्पायरिंग पल्मोनोलॉजिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय द्वारा प्रदान किया गया।

एक पल्मोनोलॉजिस्ट के रूप में, प्रो राकेश भार्गव ने एक इंटरैक्टिव सम्मेलन में भाग लिया और डॉक्टरों के समक्ष आने वाली चुनौतियों, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और नवीनतम विकास के बारे में चर्चा की।

उल्लेखनीय है कि प्रसिद्ध चिकित्सक और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. बिधान चंद्र राय के जन्मदिन पर देश में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है।

इस बीच जेएनएमसी के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में डॉक्टर्स डे समारोह को संबोधित करते हुए विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुहम्मद यासीन ने कहा कि डॉक्टर हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जीवन बचाने के लिए उनका समर्पण और जुनून उन्हें हमारे समाज का एक वास्तविक नायक बनाता है।

समारोह में जेएनएमसी के विभिन्न विभागों के डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और पैरामेडिकल स्टाफ ने भाग लिया।

इस अवसर पर प्रो. यासीन ने अन्य शिक्षकों के साथ प्रो. अरशद हफीज खान (पूर्व अध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी विभाग) को बधाई दी, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे।

प्रोफेसर हफीज ने कहा कि मुझे खुशी है कि स्वास्थ्य विभाग ने मुझे निस्वार्थ रूप से मानवता की सेवा करने और जेएनएमसी में मरीजों की मदद करने और उनकी पीड़ा को कम करने का अवसर दिया है।

प्रो. इमरान अहमद ने डॉक्टरों की भूमिका और महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि कैसे डॉक्टर महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने के लिए लगातार काम कर रहे थे।

डॉ मुहम्मद फहद खुर्रम ने कहा कि यह डॉक्टरों के निस्वार्थ कार्य, दृढ़ नेतृत्व और रोगियों को राहत देने के समर्पण और उनके दृढ़ संकल्प का जश्न मनाने का दिन है।

वहीं डॉ. जेडए डेंटल कॉलेज में मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (एमडीएस) कर रहे छात्रों को ‘कोविड-19 वारियर’ सर्टिफिकेट से नवाजा गया। प्रिंसिपल प्रोफेसर आरके तिवारी ने कहा कि प्रमाण पत्र प्राप्त करने वालों में फरहीन खानम (पीरियोडॉन्टोलॉजी), शुभम (पीरियोडॉन्टोलॉजी), ऐश्वर्या जी (ऑर्थाेडॉन्टिक्स), नबीला इब्राहिम (ऑर्थाेडॉन्टिक्स), प्रांशु वार्ष्णेय (पेडोडोंटिक्स) मैरीमुथु पी (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), रिजवान अहमद (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), वसीम अहमद (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), अबिरामी एस (प्रोस्थोडॉन्टिक्स), शिवानी यादव (प्रोस्थोडॉन्टिक्स), लावन्या ए (कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री) लैंगदोह (कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री) , नीलोफर (पीरियोडॉन्टोलॉजी), एस आलम खरबुली (पीरियोडॉन्टोलॉजी), सुमैरा परवीन (पीरियोडॉन्टोलॉजी), सलमान अंजुम (ऑर्थाेडॉन्टिक्स), उषा नंदनी (ऑर्थाेडोंटिक्स), सना फातिमा, फायजा जमील (बाल रोग), अनु प्रिया एल (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), कामरान अहमद जैदी (ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी), ज़ेबा नाज़ (प्रोस्टोडॉन्टिक्स), इस्मत फातिमा (कंज़र्वेटिव डेंटिस्ट्री) और शर्मिला एस (कंज़र्वेटिव) शामिल हैं।

महामारी के दौरान उनकी सेवाओं के लिए प्रोफेसर तिवारी को भी सम्मानित किया गया।

डॉक्टर्स दिवस कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष प्रो. एन डी गुप्ता ने कहा कि 53 से अधिक रोगियों ने हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से डॉ. जेडए डेंटल कॉलेज के डॉक्टरों को धन्यवाद दिया। मरीजों ने फैकल्टी सदस्यों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।

कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक प्रोफेसर नेहा अग्रवाल ने कहा कि कड़ी मेहनत, लंबे काम के घंटे और व्यक्तिगत बलिदान डॉक्टरों को देवता बनाते हैं। आज हमें महामारी के दौरान उनकी मेहनत और प्रयासों की सराहना करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम समन्वयक डॉ अरबाब अंजुम, डॉ प्रमोद कुमार यादव और डॉ सैयद अमान अली ने याद किया कि किस प्रकार डॉक्टरों ने कोविड के दौरान कई मरीजों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी थी। ऐसा करने में, डॉक्टरों ने देश को इस स्थिति से बाहर निकालने की जिम्मेदारी ली और वे काफी हद तक सफल रहे।

सीनियर रेजीडेंट डॉ सना शादाब और जूनियर रेजिडेंट डॉ ऐश्वर्या ने डेंटल क्लीनिक और अस्पतालों के प्रति उचित रवैया अपनाने का आह्वान किया।


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