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एएमयू न्यूज़| अंग्रेजी विभाग में पांच दिवसीय जीआईएएन पाठ्यक्रम का उद्घाटन....पढ़िए सभी खबरें

 


अलीगढ मीडिया डॉट कॉम अलीगढ़, 2 नवंबरः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा ‘सबटाइटलिंग स्क्रीन डायलॉगः द प्रैग्मैटिक्स ऑफ ऑडियोविजुअल ट्रांसलेशन’ विषय पर ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (जीआईएएन) के अंतर्गत पांच दिवसीय ऑनलाइन कोर्स के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए पाठ्यक्रम की विदेशी रिसोर्स पर्सन और ऑडियो-विसुअल ट्रांसलेशन क्षेत्र की एक प्रख्यात विद्वान, प्रोफेसर मारा लोगाल्डो (आईयूएलएम, मिलान, इटली) ने पाठ्यक्रम के दौरान शामिल किये जाने वाले विषयों का सारांश प्रस्तुत किया। उन्होंने ऑडियो-विजुअल और मल्टीमॉडल अनुवाद, मौखिक और गैर-मौखिक तत्वों और अनुवादकों के सामने आने वाली सांस्कृतिक चुनौतियों की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अनुवाद में मानवीय हस्तक्षेप के महत्व पर बात की और भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता और ऑडियो-विजुअल अनुवाद के क्षेत्र में जानकारी प्रदान की।


अपने अध्यक्षीय भाषण में, मुख्य अतिथि, प्रो एम असदुद्दीन (अंग्रेजी विभाग, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली) ने भारत में अनुवाद का एक संक्षिप्त इतिहास प्रस्तुत किया और वर्तमान शैक्षणिक दुनिया में सबटाइटल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऑडियो-विजुअल अनुवाद में अंतर-अलौकिक अनुवाद और स्थानीयकरण के पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।


पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो मोहम्मद रिजवान खान ने कहा कि ऑडियो-विजुअल अनुवाद सामान्य अनुवाद से कठिन है। उन्होंने कहा कि फिल्मों में सबटाइटल के उपयोग के महत्व को समझने की जरूरत है और भाषाई और पैरा-लिंगुअल विशेषताओं का मिलान करना आवश्यक है ताकि अनुवाद अच्छा हो।


उन्होंने कहा कि जीआईएएन पाठ्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य भारतीय छात्रों के लिए उनके मानसिक क्षितिज का विस्तार करने के अवसर पैदा करने के लिए विदेशी शिक्षकों को आमंत्रित करना है।

कला संकाय के डीन प्रोफेसर आरिफ नजीर ने कहा कि ऑडियो विजुअल अनुवाद संस्कृत में नाटक के समान है। उन्होंने इस तथ्य पर भी प्रकाश डाला कि मौखिक माध्यम में अनुवाद अपने आप में एक बहुत ही कठिन कार्य है।


जीआईएएन के समन्वयक, प्रोफेसर एम जहांगीर वारसी ने विश्वविद्यालय में कई जीआईएएन पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अंग्रेजी विभाग की सराहना की।


अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष, प्रो एम आसिम सिद्दीकी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि फीचर फिल्मों को समझने के लिए सबटाइटलिंग बहुत महत्वपूर्ण है और मानवीय हस्तक्षेप जरूरी है।प्रो विभा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रो सीमीं हसन, प्रो. अब्दुल अलीम, प्रो. इफ्फत असगर, प्रो. जावेद एस. अहमद, प्रो. नाजिया हसन, प्रो. रुबीना इकबाल, डॉ रेहान रजा, डॉ फौजिया फरीदी, डॉ फौजिया उस्मानी, डॉ. दरख्शां जफर और कई शिक्षक और देशभर से छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन कार्यक्रम में भाग लिया।


कार्यक्रम का संचालन बुशरा अहमद और एस अनस अहमद ने संयुक्त रूप से किया। रिपोर्ट औनीसा बटूल, मोमिन अली और मीर मसूदुल हक ने तैयार की।


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टाइम्स हायर एजुकेशन ने एएमयू में सामाजिक विज्ञान के अध्ययन को 301-400 स्लॉट में स्थान दिया


अलीगढ़, 2 नवंबरः उत्कृष्टता के प्रमुख केंद्रों में से एक के रूप में अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को बरक़रार रखते हुए, विश्ववद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय को हाल ही में जारी टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2023 में 301-400 रैंक स्लॉट के तहत आने वाले शीर्ष विश्वविश्वविद्यालयों में शामिल किया गया है।


जीव विज्ञान संकाय को 401-500 स्लॉट में स्थान दिया गया और उसके बाद इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय को 501-600 श्रेणी में स्थान दिया गया है।


टाइम्स हायर एजुकेशन ने एएमयू को बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स और क्लिनिकल एंड हेल्थ स्टडीज के अध्ययन के लिए 501-600 स्लॉट में रखा है जबकि कंप्यूटर साइंस स्टडीज और फैकल्टी ऑफ फिजिकल साइंस को 601-800 श्रेणी में स्थान दिया गया है।


कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि एक प्रमुख सार्वजनिक विश्वविद्यालय के रूप में, एएमयू का मिशन जनता की भलाई के लिए बदलाव लाना है। टाइम्स हायर एजुकेशन की वैश्विक विश्वविद्यालय विषयवार रैंकिंग में अमुवि को स्थान प्राप्त होना हमारे शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों के प्रतिस्पर्धात्मक प्रयासों को दर्शाता है।


एएमयू में ओपन स्विमिंग चौंपियनशिप 2022 संपन्न

अलीगढ़, 2 नवंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की गेम्स कमेटी के स्विमिंग क्लब द्वारा आयोजित इंटरहॉल और अलीगढ़ जिला आयु वर्ग एवं ओपन स्विमिंग चौंपियनशिप 2022 की पुरुष श्रेणी में अनिवासी छात्र केंद्र (एनआरएससी) के एस काशिफ हसन नकवी ने जीत दर्ज कराई जबकि वीएम हॉल के अब्दुल मन्नान दूसरे स्थान पर रहे।


जिला ओपन (पुरुष) वर्ग में मोहम्मद शोएब और शाहजेब खान क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहे; जबकि रम्शा फारूक और सानिया महिला ओपन प्रतियोगिता की विजेता और उपविजेता रहीं।अब्दुल हन्नान को ग्रुप 1 (ब्वायज) में विजेता घोषित किया गया, जबकि फैज़ अली दूसरे स्थान पर रहे; मोहम्मद अरसलान ने ग्रुप 2 (ब्वायज) में पहला पुरस्कार हासिल किया, जिसमें बिलाल काज़मी दूसरे स्थान पर रहे।


आहिल नवेद उस्मानी ने ग्रुप 3 (ब्वायज) वर्ग में जीत हासिल की जिसमें सैयद यूसुफ रिज़वी उपविजेता रहे और ग्रुप 4 (ब्वायज) प्रतियोगिता में अयान नासिर और आहिल सोहेल क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहे।


ग्रुप 1 (गर्ल्स) प्रतियोगिता में, फातिमा जायरा इमाम ने दूसरा स्थान सामिया खान के साथ प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। रिया अग्रवाल और इमान रिजवी ने ग्रुप 2 (गर्ल्स) में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया।


विजेताओं को मुख्य अतिथि, एएमयू रजिस्ट्रार, श्री मोहम्मद इमरान (आईपीएस) और मानद अतिथि, प्रो अफिफुल्ला खान (ओएसडी डवलपमेंट); प्रोफेसर एस अमजद अली रिजवी (खेल समिति सचिव) और डॉ फारूक अहमद डार (अध्यक्ष, स्विमिंग क्लब) ने पुरस्कार वितरित किये।


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इंजीनियरिंग कालिज में ‘एचवीएसी डिजाइन’ पर वेबिनार


अलीगढ़, 2 नवंबरः अशराऐ के वरिष्ठ सलाहकार, श्री आबिद हुसैन ने ‘एचवेक डिजाइन और सिस्टम’ पर आयोजित वेबिनार में हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (एचवीएसी) मानकों और एक इमारत के लिए कूलिंग और हीटिंग लोड के गणना चरणों पर प्रकाश डाला। वेबिनार का आयोजन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा अशराऐ एएमयू स्टूडेंट्स चौप्टर के सहयोग से किया गया था।


श्री हुसैन ने स्कूलों एवं अस्पतालों जैसे विभिन्न प्रकार के भवनों और विभिन्न उद्योगों के लिए कूलिंग लोड आकलन के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, उन्होंने आधुनिक भवनों के लिए कूलिंग लोड आकलन की पद्धति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए बिजली की खपत और पूंजीगत लागत पर भी चर्चा की।


उन्होंने बाष्पीकरणीय शीतलन प्रणालियों की भी व्याख्या की, और विभिन्न प्रकार के एचवीएसी सिस्टम जैसे वाटर कूल्ड, एयर कूल्ड, थर्मल स्टोरेज के साथ ठंडा पानी सिस्टम, रेडिएंट कूलिंग और हीटिंग, जियोथर्मल सिस्टम, वीआरवी सिस्टम, फ्लोर स्टैंडिंग पैकेज यूनिट और के बारे में विस्तार से बताया।


इससे पूर्व, प्रो. एम. मुजम्मिल (अध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग) ने अतिथि वक्ता का स्वागत किया और उनका परिचय दिया। उन्होंने एचवीएसी डिजाइन और प्रणालियों के महत्व पर भी जोर दिया।


व्याख्यान के बाद प्रश्न-उत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया।


श्री तालिव हुसैन (संकाय सलाहकार, अशरे एएमयू छात्र अध्याय) ने अशराऐ एएमयू छात्र अध्याय की गतिविधियों का अवलोकन प्रस्तुत किया।


डॉ. मोहम्मद आसिफ (संकाय सह-सलाहकार, अशराऐ एएमयू छात्र अध्याय) ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


श्री तालिव हुसैन और डॉ मोहम्मद आसिफ ने कार्यक्रम का समन्वय किया।


कार्यक्रम में बुडापेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इकोनॉमिक्स हंगरी, यूनिवर्सिटी पुत्र मलेशिया, ढोफर यूनिवर्सिटी ओमान, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड साइंसेज शिनास ओमान, नजरान यूनिवर्सिटी नजरान केएसए, आईआईटी रुड़की, डॉ बी आर अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जालंधर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप और प्रबंधन तमिलनाडु, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ, यूएसएआर इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, के सी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, ठाणे, पीएसजी पॉलिटेक्निक कॉलेज, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र, जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद, के.के यूनिवर्सिटी नालंदा, अलिया यूनिवर्सिटी कोलकाता, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी मुरादाबाद, पेरियार यूनिवर्सिटी तमिलनाडु, एसडीएम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक, जेडएचसीईटी एएमयू, जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली, एलनहाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर, जीबी पंत डीएसईयू कैंपस नई दिल्ली, एनटीपीसी, ग्रीनोज़ कूलिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, और इंटरटेक प्रा लिमिटेड के शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया ।


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‘ड्रोसोफिला - ए रिसर्च मॉडल’ विषय पर एएमयू में कार्यशाला का आयोजन


अलीगढ़, 2 नवंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा ‘ड्रोसोफिला - ए रिसर्च मॉडल’ विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमे विशेषज्ञ स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को अनुसंधान के लिए फ्रूट फ्लाई का उपयोग करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। कार्यशाला विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी), विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है।


उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि, डॉ एम विष्णु वर्धन राव (निदेशक, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद-आईसीएमआर, राष्ट्रीय चिकित्सा सांख्यिकी संस्थान-एनआईएमएस, नई दिल्ली) ने कहा कि आनुवंशिकी और विकास के अध्ययन के लिए फलों पर बैठने वाली मक्खी या ड्रोसोफिला का उपयोग करना आदर्श है। फल मक्खी और मानव जीन के बीच का संबंध इतना घनिष्ठ है कि अक्सर नए खोजे गए रोग जीन सहित मानव जीन के अनुक्रमों का मिलान मक्खी में समकक्ष जीन के साथ किया जा सकता है।


उन्होंने जैविक और चिकित्सा अनुसंधान में जैव सांख्यिकी के उपयोग के महत्व पर भी बात की और राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रयोगशाला मैनुअल का विमोचन किया।


कार्यशाला के महत्व पर चर्चा करते हुए, प्रोफेसर मोहम्मद अफजाल (डीन, जीवन विज्ञान संकाय और अध्यक्ष, जंतु विज्ञान विभाग) ने कहा कि मनुष्यों में रोग पैदा करने वाले अधिकांश जीन फल मक्खी में भी पाए जाते हैं।


उन्होंने जीव विज्ञान संकाय और प्राणी विज्ञान विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों की उपलब्धियों को रेखांकित किया और अत्यधिक उद्धृत एएमयू जूलॉजी शोधकर्ताओं के कार्यों पर प्रकाश डाला।


स्वागत भाषण में, आयोजन अध्यक्ष प्रो मुख्तार अहमद खान ने फल मक्खी के अध्ययन के लिए समर्पित अनुसंधान के लंबे इतिहास के बारे में बात की।


संगठन सचिव, यासिर हसन सिद्दीक ने कहा कि छोटी अवधि के भीतर बड़ी मात्रा में मक्खियों के उत्पादन की अनुमति देने वाला एक छोटा जीवन चक्र, न्यूनतम संवर्धन आवश्यकताओं, आनुवंशिक कारकों और अन्य मार्करों के बीच शारीरिक विशेषताएं फल मक्खी को एक आदर्श मॉडल जीव बनाती हैं। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक शोध पर कार्यशालाों का आयोजन विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।


जेएन मेडीकल कालिज में श्वसन रोग पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन

अलीगढ़ 2 नवंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज, टीबी और श्वसन रोग विभाग द्वारा आयोजित श्वसन रोगों पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में डॉ शुभम चंद्र (जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर) और डॉ आर्य कृष्णन (आईएमएस, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी) ने प्रतियोगिता में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया।


विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राकेश भार्गव ने कहा कि अब वह उदयपुर (राजस्थान) में आयोजित होने वाली नेशनल कालिज आफ चैस्ट फिजिशियन्स (इंडिया) नेपकान 2022 में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में भाग लेंगे।


इस प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में देश भर के सात मेडिकल कॉलेजों के चौदह प्रतिभागियों ने भाग लिया।


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अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष कार्यक्रम श्रंखला में कृषि विज्ञान संकाय में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित


अलीगढ़ 2 नवंबरः राजना राकेश नायडू ने अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष, 2023 को चिह्नित करने के लिए, एक भरोसेमंद वैकल्पिक अनाज के रूप में बाजरा के उपयोग के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए, पौध संरक्षण विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार हासिल किया।


दूसरा पुरस्कार के. सुशी, टीवी चंद्रशेखर और राशिद हुसैन ने साझा किया, जबकि तीसरा पुरस्कार संयुक्त रूप से रोहित कुमार, जयजीविता एसआरएम और शेख सुषमा शरीन को दिया गया।


पौध संरक्षण विभाग के अध्यक्ष प्रो मुजीबुर रहमान खान ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए वर्तमान कृषि और जलवायु परिस्थितियों और इसके स्वास्थ्य लाभों में बाजरा के महत्व पर जोर दिया।


उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (आईवाईएम) के रूप में चिह्नित किया है, और बड़ी संख्या में 72 देशों ने एजेंडा का समर्थन किया है, जिसे बाद में खाद्य और कृषि संगठन द्वारा अनुमोदित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमें उत्साह से आईवाईएम समारोह में भाग लेना चाहिए।


इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में स्नातकोत्तर छात्रों और शोधार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला।

सर सैयद पर एसटीएस सकूल मे ंप्रो. अली का व्याख्या

अलीगढ़ 2 नवंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर आशिक अली ने छात्रों से ईमानदारी, आपसी सहयोग, नैतिकता और सुखद संचार कौशल जैसे अच्छे व्यक्तित्व गुणों को प्राप्त करने के प्रयास करने का आग्रह किया ताकि वह जीवन में बड़ी सफलताएं प्राप्त कर सकें।


उन्होंने उन्हें शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और सर सैयद के शैक्षिक आंदोलन को आधुनिक और तर्कसंगत ज्ञान के साथ हाशिए पर खड़े लोगों और वंचित समाज को सशक्त बनाने के लिए आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।


वह ‘सर सैयद और उनकी शैक्षिक पहल‘ पर सैयदना ताहिर सैफुद्दीन (एसटीएस) स्कूल, एएमयू के छात्रों को संबोधित कर रहे थे ।


उन्होंने कहा कि सर सैयद के पास अपने समुदाय को धर्म और विज्ञान दोनों में उत्कृष्टता हासिल करते हुए देखने की दृष्टि थी। सर सैयद का मानना था कि वैज्ञानिक ज्ञान को प्रोत्साहित करके ही समुदाय की स्थिति में सुधार किया जा सकता है।


अपने अध्यक्षीय भाषण में, एसटीएस स्कूल के प्रधानाचार्य, श्री फैसल नफीस ने छात्रों से समाज में शैक्षिक क्रांति की सर सैयद की विरासत के मशाल वाहक बनने का आग्रह किया। उन्होंने स्कूल के कुछ सफल पूर्व छात्रों के नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा छात्रों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के उदाहरणों का अनुकरण करना चाहिए।


कार्यक्रम का संचालन ज्योति कुसुमबल ने किया।


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पुनर्चक्रण पर वीमेन्स कालिज में प्रदर्शनी का आयोजन


अलीगढ़ 2 नवंबरः छात्रों को प्लास्टिक और पॉलीथिन के उपयोग के प्रतिकूल प्रभावों से अवगत कराने और उन्हें अपशिष्ट उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह करने के लिए, सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड करियर प्लानिंग, वीमेन्स कॉलेज, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने एक प्रदर्शनी का आयोजन किया और कचरे से बने उत्पादों की प्रतिस्पर्धा, 3आर्स पर जोर देने के लिए - पुनः उपयोग, कम करें और रीसायकल कार्यक्रम के बारे में बताया।


छात्र परामर्शदाता डॉ समरीन हसन खान ने बताया कि कार्यक्रम में 55 छात्राओं ने भाग लिया।उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी प्रतिभागियों को जटिल डिजाइन बनाने के लिए कौशल विकसित करने और अद्भुत और अद्वितीय डीआईवाई कढ़ाई सामग्री और पहनने योग्य कपड़े तैयार करने में मदद करेगी।अतिथि प्रशिक्षक, आंतरिक सज्जा पाठ्यक्रम, सुश्री शाजिया फहीम ने कार्यक्रम का समन्वयन किया।

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