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ग्राम प्रधान एवं सचिव पूर्ण मनोयोग से जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा जनहित के कार्यों पर करें खर्च




ग्राम प्रधान ओडीएफ प्लस योजना को धरातल पर साकार करने के लिये नेतृत्व प्रदान करें- मिशन निदेशक, अनुज कुमार झा

ग्राम प्रधान एवं सचिव पूर्ण मनोयोग से जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा जनहित के कार्यों पर खर्च कर समय से लक्ष्यों को करें पूरा

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़ 07 नवम्बर 2022 (सू0वि0)| प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के द्वितीय चरण ओडीएफ प्लस के तहत 3750 ग्राम पंचायतों का चयन कर एसएलडब्लूएम के कार्य कराये जा रहे हैं। मण्डल के 163 ग्राम पंचायतों में 70.32 करोड़ की धनराशि व्यय कर कूड़ा-कचरा प्रबन्धन के लिये कार्य किये जाएंगे। इसमें आरआरसी सेन्टर, ई-रिक्शा, खाद के गड्ढे, प्लास्टिक बैंक, सोक पिट, सिल्ट कैचर, फिल्टर चैम्बर, लीच पिट का निर्माण कराये जाने के लिये 31 दिसम्बर तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन की मंशा है कि हमारे गॉव, शहरों की तरह दिखें ही नहीं बल्कि उनमें वह सभी सुविधाएं मौजूद हों, जिनकी एक परिवार उम्मीद करता है। प्रदेश सरकार द्वारा विकास एवं निर्माण कार्यों की दिशा में अहम निर्णय लेते हुए एसएलडब्लूएम के लिये कंसलटेंट इंजीनियर्स की प्रदेश भर में तैनाती की है, जिससे एमबी बनाये जाने के साथ ही विकास कार्य बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण ढ़ंग से करने में मदद मिलेगी।


          उक्त उद्गार मिशन निदेशक पंचायती राज अनुज कुमार झा ने ओडीएफ प्लस ग्रामों की मण्डल स्तरीय समीक्षा के दौरान जवाहर लाल नेहरू मेडिकल सभागार में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में लोगों की सोच में काफी परिवर्तन देखने कोे मिल रहा है। स्वच्छता एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने ओडीएफ प्लस योजना के उद््देश्यों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ऐसा गॉव जहां खुले में शौच पर पूर्ण पाबंदी के साथ ग्राम पंचायतों मंें कम से कम एक सामुदायिक शौचालय हो। इसके अलावा गॉव के सभी घरों, प्राथमिक विद्यालय, पंचायत घर, आंगनबाड़ी केन्द्र में शौचालय अनिवार्य रूप से हो। ओडीएफ प्लस गॉव में प्लास्टिक कलेक्शन सेन्टर बनाने के साथ ही सामुदायिक बायो गैस प्लांट होना भी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों और कम से कम 80 प्रतिशत घरों में अपने ठोस एवं तरल कचरे के प्रबंधन के साथ ही सामूहिक जगहों पर जैविक-अजैविक कूड़ा या नाले में पानी एकत्रित नहीं होना चाहिये।


          मिशन निदेशक श्री झा ने मण्डल के चारों जनपदों के ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिवों से स्वच्छ भारत मिशन के द्वितीय चरण ओडीएफ प्लस के सम्बन्ध में कार्य शुरू हो गया है या नहीं, शुरू हो रहे या कार्य की गुणवत्ता एवं भुगतान की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना में धन की कमी नहीं है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील करते हुए कहा कि वह ओडीएफ प्लस योजना को धरातल पर साकार करने के लिये नेतृत्व प्रदान करें। लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का एहसास दिलाएं, सोच में परिवर्तन से ही व्यवहार में परिवर्तन आयेगा। लोगों को यूजेज चार्जेज जमा करने के लिये भी प्रेरित करें। किसी एक के कार्य करने से गॉव स्वच्छ नहीं होगा बल्कि सभी मिलकर कार्य करें और सुनिश्चित करें कि कचरा प्रतिदिन उठाया जाए। तैयार की गयी कार्ययोजना के अनुसार जो भी सामग्री क्रय की जाए या निर्माण कार्य हो रहा है उसका समुचित सदुपयोग किया जाए।


          मण्डलायुक्त गौरव दयाल ने कहा कि प्रदेश भर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेहतर कार्य किये जा रहे हैं। गॉव स्वच्छ होने के साथ ही उनका स्वच्छ दिखना भी जरूरी है। प्रधानों एवं सचिवों को ओडीएफ प्लस योजना को सफल बनाने के लिये संवेदनशील होना होगा। उन्होंने कहा कि अनुज कुमार झा ने जब से मिशन निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला है, स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेहतर कार्य हो रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा मॉडल के रूप में 05 प्रतिशत ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। सरकार ओडीएफ प्लस योजना में भारी-भरकम धनराशि व्यय कर रही है। ग्राम प्रधान एवं सचिवों की जिम्मेदारी है कि वह पूर्ण मनोयोग से जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा जनहित के कार्यों पर खर्च करते हुए सौंपे गये लक्ष्य को समय से पूरा करें।


          उप निदेशक पंचायती राज एवं नोडल अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन एस0एन0 सिंह ने ग्राम सचिवों को तैयार कार्ययोजना के अनुसार तेजी से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जनपद को 25-25 कंसलटेंट इंजीनियर्स दे दिये गये हैं। कार्य में कोई समस्या नहीं होनी चाहिये। अभी काफी पात्र व्यक्ति हैं, ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन प्राप्त कर उनको शौचालय उपलब्ध कराए जाएं। आवश्यकता तत्परता दिखाने की है। उन्होंने जनपद अलीगढ़ की ग्राम पंचायत रामपुर शाहपुर में ओडीएफ प्लस योजना के तहत किये जाने वाले कार्यों के पूर्ण होने की जानकारी मिलने पर कहा कि कार्य तब तक सफल नहीं माना जाएगा जब तक यूजर चार्जेज प्राप्त न होने लगें। उन्होंने बताया कि अगला ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण ओडीएफ प्लस में कराए गये कार्यों के आधार पर ही तय किया जाएगा।


          समीक्षा बैठक के दौरान डीपीआरओ हाथरस ने बताया कि ओडीएफ प्लस योजना के द्वितीय चरण में 5000 से ऊपर की आबादी वाले 28 ग्रामों में 13.55 करोड़ से एसएलडब्लूएम के कार्य किये जा रहे हैं। जनपद हाथरस के ग्राम बिसावर, परसावा, कजरौठ, वसईं वावस, रूहेरी, मिढ़ावली, धांधऊ, वर्द्ववारी के ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव से ओडीएफ प्लस योजना के बारे में विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की गयी। ग्राम पंचायत वर्द्ववारी के ग्राम विकास अधिकारी एवं एडीओ पंचायत को शिथिल कार्य के लिये कड़ी फटकार लगाई गयी। व्यक्तिगत शौचालयों की समीक्षा में पाया गया कि अभी 420 लाभार्थियों को किश्त नहीं पहुॅची है, जिस पर जिला समन्वयक को समय से भुगतान न करने पर कड़ी फटकार लगाई गयी। इसी प्रकार गोबरधन योजना एवं सामुदायिक शौचालयों का भुगतान न होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी। सीडीओ हाथरस साहित्य प्रकाश मिश्रा ने मिशन निदेशक को विश्वास दिलाया कि उनके मार्गदर्शन में 31 दिसम्बर तक तैयार कार्ययोजना के अनुरूप कार्य कराया जाएगा।


          डीपीआरओ अलीगढ़ ने बताया कि योजना में 26.82 करोड़ से जनपद के 67 ग्रामों में कार्य हो रहा है। रामपुर शाहपुर में कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मिशन निदेशक ने गौमत, साथिनी, धनसारी, हरदुआगंज देहात, ऊमरी, महगौरा एवं जरारा के ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिवों से संवाद कर जानकारी प्राप्त की गयी। डीपीआरओ ने बताया कि पूर्व में चयनित 30 ग्राम पंचायतों में यूजर चार्जेज मिल रहा है। पात्र परिवारों को शौचालय न देने पर, धनराशि का समुचित व्यय न होने पर एवं जियो फैंसिंग गेटवे एवं सीएससी के तहत निर्धारित कार्यों अपेक्षा के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी नराजगी प्रकट की गयी। मुख्य विकास अधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने बताया कि ओडीएफ के प्रथम चरण में बेहतर कार्य हुआ है, द्वितीय चरण में भी कार्य को निर्धारित अवधि में पूरा कराया जाएगा। बैठक में अलीगढ़ में हुए विकास कार्यों को लघु फिल्म के माध्यम से दिखाया गया।


          मिशन निदेशक अनुज कुमार झा ने जनपद कासगंज के नदरई, खुशकरी, मानपुर नगलिया, मोहनी मामूरगंज, संनौड़ी खास, सरावल, मझोला, देवरी प्रहलाद पुर एवं पंचगाई के ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिवों से वार्ता कर एलएसडब्लूएम के तहत निर्माण कार्यों की हकीकत जानी। डीपीआरओ ने कहा कि जनपद कासगंज में 30 ग्रामों का चयन किया गया जिनमें 13.19 करोड़ से कार्य कराये जाने हैं। मिशन निदेशक ने तैयार कार्ययोजना के अनुरूप निर्धारित अवधि में कार्य करने के साथ ही 1109 लाभार्थियों को प्रथम किश्त आवंटित करने, गोबरधन योजना में एजेंसी का चयन करने एवं सामुदायिक शौचालयों के संचालकों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिये। ग्राम सचिव मझोला के विरूद्ध कार्यवाही करने, सनोढ़ी खास में कार्य में तेजी लाने के साथ ही कार्ययोजना को बदले जाने एवं मोहनी मामूरगंज में सोकपिट मानक के न बनाये जाने पर कड़ी नाराजगी प्रकट की गयी। सीडीओ कासगंज सचिन ने विश्वास दिलाया कि यह सच है कि शासन की अपेक्षा के अनुसार जनपद में बहुत अधिक कार्य कराया जाना है। समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुरूप निर्धारित कार्यों को समयावधि में पूर्ण कराना सुनिश्चित करेंगे।


          जनपद एटा में 16.76 करोड़ से 39 ग्राम पंचायतों का योजना के तहत चयन किया गया है। समीक्षा के दौरान रोहिना मिर्जापुर, जिरसमीं, अवागढ़ देहात, बरई, अलीपुर, धुमरी, रफतनगर सैंथरा, गहतू के ग्राम प्रधान एवं सचिवों से वार्ता की गयी। मिशन निदेशक एवं उप निदेशक पंचायती राज ने पीपीटी में दिखाए जा रहे विकास कार्यों में ग्राम रफतपुर सैंथरा में प्रयुक्त हो रही ईंटों की गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए डीपीआरओ को चेतावनी एवं एडीओ पंचायत को एडवर्स एंट्री देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ओडीएफ प्लस योजना पैसा खपाने की स्कीम नहीं है। उन्होंने उप निदेशक पंचायत लखनऊ को टीम भेजकर जांच कराने के निर्देश दिये। जनपद में गोबरधन योजना में एजेंसी का चयन न होने और 676 लाभार्थियों को प्रथम किश्त आवंटित न होने, 1677 के सापेक्ष 857 की क्रेडिट लिमिट का निर्धारण करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी। सीडीओ एटा अवधेश कुमार ने कहा कि निःसंदेह जनपद कई बिन्दुओं में पीछे है। जल्द ही ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिवों के साथ बैठक कर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराए जाएंगे।


          इस अवसर पर राज्य सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन संजय सिंह चौहान, तुहीना राय, उप निदेशक अमरजीत, एसएलडब्लूएम के कंसलटेंट इंजीनियर्स, एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव उपस्थित रहे।

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