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Aligarh| अध्यापन शास्त्र को रचनात्मक बनाने के लिए नवोन्मेष आवश्यक: प्रो. मूर्ति

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- मंगलायतन विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

अलीगढ मीडिया न्यूज़ ब्यूरो, अलीगढ| मंगलायतन विश्वविद्यालय शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मुक्त और दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसके लिए शनिवार को प्राध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ दूरस्थ शिक्षा, स्ट्राइड इग्नू के प्रो. सीआरके मूर्ति, इग्नू के सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन के सहायक निदेशक डा. आशीष के. अवधिया, प्रति कुलपति प्रो. सिद्दी वीरेशम, कुलसचिव ब्रिगे. समरवीर सिंह व डायरेक्टर ओडीएल डा. मसूद परवेज ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया।

प्रथम सत्र में डेवलपमेंट ऑफ सेल्फ लर्निंग मैटेरियल फॉर द ओडीएल एंड डीएल लर्नर्स विषय पर आयोजित कार्यशाला की रूपरेखा प्रो. मसूद परवेज ने प्रस्तुत की। तकनीकी सत्र में प्रो. सीआरके मूर्ति ने कहा कि अध्यापन शास्त्र को रचनात्मक बनाने के लिए नवीन परिवर्तन की आवश्यकता है। किसी भी कारणवश बच्चे की पढ़ाई बंद होने पर दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से वो उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वप्रथम यूनाइटेड किंगडम जैसे विकसित देश ने 1969 में ओपन यूनिवर्सिटी की शुरुआत की थी। उन्होंने पत्राचार, ओपन, दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा की विविधता और भिन्नताओं के साथ इन पाठ्यक्रमों की आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

डा. आशीष के. अवधिया ने मुक्त ऑनलाइन कोर्स (मूक्स) की प्रक्रियाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर इस प्लेटफार्म पर कोर्स किए जाते हैं।  उन्होंने तकनीकी और ऑनलाइन शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि इस शिक्षा की पहुंच एक साथ हजारों विद्यार्थियों तक होती है। कोविड- 19 महामारी के समय ऑनलाइन शिक्षा ने लोगों के मध्य अपनी महत्वपूर्ण जगह बना ली है।

प्रतिकुलपति ने कहा कि गुणवत्तापरक पाठ्य सामग्री को विकसित करना ही इस कार्यशाला का उद्देश्य है ताकि ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी को घर बैठे बेहतर शिक्षा सुलभ हो सके। कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय जल्द ही दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखने जा रहा है। नेक ग्रेड प्राप्त करने के बाद दूरस्थ व ऑनलाइन शिक्षा विश्वविद्यालय की एक और बड़ी उपलब्धि होगी। द्वितीय तकनीकी सत्र में दोनों वक्ताओं ने शिक्षकों से शिक्षण कार्य के दौरान किये जाने वाले सुधारों पर चर्चा की। संचालन समन्वयक असिस्टेंट रजिस्ट्रार डीडीओई डा. सोनी सिंह ने किया। संयोजक डायरेक्टर सीआईक्यूए डा. राजेश उपाध्याय व समन्वयक असिस्टेंट डायरेक्टर डीडीओई लव मित्तल रहे। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. प्रमोद शर्मा, प्रो. अनुराग शाक्य, डा. अशोक उपाध्याय, डा. संतोष गौतम, डा. हीरा फातिमा, डा. प्रभात बंसल, डा. दीपशिखा सक्सेना, डा. शगुफ्ता परवीन, डा. अरवाब हुसैन, अभिषेक गुप्ता, मनीषा उपाध्याय आदि थे।

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