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निराश्रित गौवंश संरक्षण प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में है: मंडलायुक्त

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अलीगढ मीडिया न्यूज़ ब्यूरो, अलीगढ|  मंडलायुक्त नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में गौआश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन एवं प्रबंधन के संबंध में बैठक आहूत की गई। बैठक में जनपद स्तरीय समिति द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा, प्रबंधन में आड़े आ रही कठिनाइयों का निराकरण, स्थाई गौआश्रय स्थलों के लिए वित्तीय प्रबंधन एवं सहभागिता योजना के बारे में गहनता से विचार विमर्श किया गया।


मंडलायुक्त ने कहा कि निराश्रित गौवंश संरक्षण प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में है। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य न होगी। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केंद्रों का भुगतान समय से करने के साथ ही डाटा फीडिंग समय से की जाए। संरक्षण केंद्रों में रह रहे गौवंशों का टीकाकरण करने के साथ ही पेट के कीड़े मारने वाली दवाई भी समय से खिलाई जाए। उन्होंने कहा जो गोवंश खुले में घूम रहे हैं, उन्हें संरक्षित किया जाए। खाने-पीने की समुचित व्यवस्था के साथ हरे चारे के इंतजाम और पर्याप्त मात्रा में भूसा संग्रहण किया जाए।


मंडलायुक्त ने सोशल मीडिया पर प्रसारित ख़बर स्वामी रामतीर्थ गौधाम में 3 वर्षों से भरण-पोषण की राशि नहीं दिए जाने के मामले का संज्ञान लेते हुए अपर निदेशक पशुपालन डॉ योगेंद्र सिंह पवार को निर्देशित किया कि वह जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने प्रत्येक जनपद में कांजी हाउस संचालन के निर्देश देते हुए कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी जनपदों में कांजी हाउस का संचालन किया जाए। समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी हाथरस विजयवीर चंद्रयाल की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि वह कार्यशैली में सुधार लाकर विभागीय प्रगति लाएं।


अपर निदेशक पशुपालन डॉ0 योगेंद्र सिंह पवार ने बताया कि मंडल में 198 अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल, 13 कान्हा गौशाला, जनपद अलीगढ़ में तीन कांजी हाउस, मंडल में 11 वृहद गौ संरक्षण केंद्र, 20 पंजीकृत गौशालाएं और 29 अपंजीकृत गौशालाएं संचालित हो रहीं हैं। उन्होंने बताया कि जनपद कासगंज में 2 वृहद गौ संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित होकर कार्यदाई संस्था को धनराशि स्थानांतरित कर दी गई है। मंडलायुक्त ने अति शीघ्र कार्य आरंभ कराने के निर्देश दिए। हाथरस में एक वृहद गौ संरक्षण केंद्र निर्माण की स्वीकृति के सापेक्ष धनराशि का स्थानांतरण न होने पर मंडलायुक्त ने सीवीओ हाथरस के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह विभागीय योजनाओं में रुचि लें।


उन्होंने मण्डल में संरक्षित निराश्रित गौवंश के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अलीगढ़ में 36841, हाथरस में 16685, एटा में 6618 एवं कासगंज में 5742 समेत मण्डल भर में 65886 गौवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि गायों का दूध निकालकर गौवंश को छोड़ने वाले पशुपालकों का चिन्हांकन राजस्व, पुलिस, ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज के कार्मिकों द्वारा किया जाना है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों एवं निजी भूमि पर छोड़े जाने वाले गौवंशों के स्वामियों पर आर्थिक दण्ड रोपित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। मण्डलायुक्त ने सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया कि छुट्टा गौवशों के स्वामियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाए। जन सहभगिता योजना की समीक्षा में पाया गया कि सुपुर्दगी लक्ष्य 9605 के लक्ष्य के सापेक्ष गत माह तक 8342 गौवंश सुपुर्द कर 86.85 प्रतिशत प्रगति हुई है। अलीगढ़ एवं कासगंज में मार्च माह तक एवं हाथरस में अप्रैल एवं एटा में मई माह तक का भुगतान पशुपालकों को कर दिया गया है। एसएफसी के अन्तर्गत पूल धनराशि के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मण्डल में पंचायत द्वारा 182 गौसंरक्षण केन्द्र संचालित हैं जिसमें 29135 गौवंश संरक्षित हैं। पंचायतों द्वारा 96,17,748 रूपये गौसंरक्षण के लिए आरक्षित की गई है। भूसा संग्रहण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अलीगढ़ में 41.43 प्रतिशत, कासगंज में 58.10, एटा में 70.43, हाथरस में 51.49 प्र्रतिशत सहित मण्डल में अभी तक 49.18 प्रतिशत भूसा संग्रहित किया गया है। मण्डलायुक्त द्वारा अलीगढ़ की भूसा संग्रहण की प्रगति पर अंसतोष प्रकट कर प्रगति लाने के निर्देश दिये गये। उन्हांेंने कहा कि कृषकों को भूसा दान के लिए प्रेरित किया जाए।


पंचायतीराज विभाग को निर्देशित किया गया कि वर्षा ऋतु आरम्भ हो गई है नाले-नालियों में पानी जमा नहीं होना चाहिए। मुख्य मार्गों, गलियों में साफ-सफाई के साथ ही एंटी-लार्वा एक्टिविटी संचालित की जाएं, झाड़ियों को काटा जाए। उन्होंने कोरोना संक्रमण से सीख लेने की नसीहत देते हुए कहा कि यदि हम साफ-सफाई का ध्यान रखें तो बहुत सारी बीमारियां स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी। बैठक में नगर आयुक्त अमित आसेरी, अपर आयुक्त कंचन शरण, जेडीसी सर्वेश चन्द्र, उप निदेशक पंचायत अमरजीत, समस्त डीपीआरओ एवं पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।


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