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एएमयू गर्ल्स स्कूल में कैरियर काउंसलिंग सत्र में हुआ जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह का उद्बोधन

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ 16 सितंबरः अलीगढ के जिलाधिकारी, श्री इंद्र विक्रम सिंह (आईएएस) ने अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं से जीवन में एक पूर्ण कैरियर के लिए ऊँचे सपने देखने और अपने सपने को पूरा करने के लिए परिश्रम के साथ कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया। व्यक्तित्व को बेहतर बनाने में मानविकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीवन में एक अच्छे करियर के निर्माण के साथ महान नैतिक मूल्यों का पालन करना और एक अच्छा इंसान बनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

श्री सिंह विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कार्यालय (सामान्य) और एएमयू गर्ल्स स्कूल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘कानून और मानविकी में करियर‘ विषय पर कैरियर परामर्श सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षाओं के छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने छात्रों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यवस्थित अध्ययन के लिए अच्छी योजनाएँ बनाने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।

अपने संबोधन के बाद उन्होंने एक इंटरैक्टिव सत्र के दौरान छात्रों के प्रश्नों के उत्तर भी दिये।

मानद अतिथि प्रो. एस. अली नवाज जैदी और विशिष्ट अतिथि डॉ. गौरव वार्ष्णेय ने कानून के क्षेत्र में करियर की व्यापक संभावनाओं पर बात की और युवा छात्रों से अपनी रुचि और क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए जीवन में करियर का चयन समझदारी से करने का आग्रह किया।

इससे पूर्व, श्री साद हमीद (टीपीओ) ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनकी क्षमता को पहचानने और जीवन में करियर का अच्छा विकल्प चुनने के लिए जागरूक बनाना है।

स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती आमना मलिक ने स्कूल के इतिहास पर एक संक्षिप्त टिप्पणी दी और छात्रों को एक सफल करियर बनाने में मदद करने के लिए ऐसे परामर्श सत्रों के महत्व और आवश्यकता पर जोर दिया।

अखिल कौशल और जतिन वार्ष्णेय (छात्र समन्वयक, टीपीओ जनरल) ने कार्यक्रम का संचालन किया जबकि श्री साद हमीद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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महिला एवं बाल शिक्षा पर व्याख्यान आयोजित

अलीगढ़ 16 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक की पॉली सोसाइटी द्वारा जी20 के लिए यूनिवर्सिटी कनेक्ट प्रोग्राम के अंतर्गत और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए ‘महिला और बाल शिक्षा‘ विषय पर एक व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

अपने व्याख्यान में, एएडब्ल्यूएफ और ब्राइट ब्रेन्स प्ले स्कूल की संस्थापक निदेशक श्रीमती तलत जावेद ने महिलाओं और बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सरकारी गैर-सरकारी नीतियों और योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से परिचित होने और समाज में हाशिए पर रहने वाले वर्ग की महिलाओं और बच्चों के बीच शिक्षा के प्रसार में मदद करने का आग्रह किया।

इससे पूर्व, अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के प्राचार्य प्रोफेसर अरशद उमर ने कहा कि व्याख्यान आयोजित करने का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण के बारे में छात्रों और कर्मचारियों के बीच जागरूकता पैदा करना है।

अपने उद्घाटन भाषण में, अनुप्रयुक्त विज्ञान और मानविकी अनुभाग की समन्वयक, सुश्री सैय्यदा फहीम ने महिलाओं और बच्चों की शिक्षा में निवेश करने की आवश्यकता पर जोर दिया, और सभी से आगे आने और देश में शैक्षिक नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी साझा करने का आग्रह किया।

पॉली सोसाइटी के प्रभारी डा एस. कलीम अफरोग जैदी ने कहा कि इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की विभिन्न धाराओं के छात्रों ने व्याख्यान और वक्ता के साथ इंटरैक्टिव सत्र में भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन डिप्लोमा इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर की छात्रा रिफा खानमा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. फिरदौसी बेगम ने किया।

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एएमयू शिक्षक ने सर्बियाई विश्वविद्यालयों का दौरा किया और व्याख्यान प्रस्तुत किया

अलीगढ़ 16 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के गणित विभाग के डा जाविद अली ने हाल ही में राष्ट्रीय उच्च गणित बोर्ड (एनबीएचएम) और परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई), भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से सर्बिया के विश्वविद्यालयों में कई शैक्षणिक गतिविधियों को अंजाम दिया।

डा अली ने सर्बिया के क्रागुजेवैक विश्वविद्यालय द्वारा व्रंजक्का बंजा में आयोजित ‘विश्लेषण, अनुमान और अनुप्रयोगष् पर अंतर्राष्ट्रीय गणितीय सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने ‘फिक्स्ड प्वाइंट एल्गोरिदमः कन्वर्जेंस, स्थिरता और डेटा निर्भरता परिणामष् पर एक व्याख्यान भी दिया। बाद में, उन्होंने सहयोगात्मक शोध कार्य के लिए नोवी पजार स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रो. सेमल डोलिकैनिन और निस विश्वविद्यालय, सर्बिया की प्रो. वेस्ना वेलिकोविक से मुलाकात की और स्नातकोत्तर और शोध छात्रों के लिए वार्ता प्रस्तुत की।

उन्होंने निस विश्वविद्यालय में प्रख्यात शोधकर्ताओं, प्रोफेसर व्लादिमीर राकोसेविक और प्रोफेसर एबरहार्ड मालकोव्स्की से भी मुलाकात की और उनके साथ कुछ शोध समस्याओं पर चर्चा की।

स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ नोवी पजार और यूनिवर्सिटी ऑफ निस, सर्बिया ने उन्हें स्थानीय आतिथ्य प्रदान कियज्ञं

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एएमयू कोर्ट की सदस्य नामित

अलीगढ़ 16 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एएमयू गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल, श्रीमती आमना मलिक को स्कूलों के प्रिंसिपलों के बीच वरिष्ठता के आधार पर, तीन वर्ष की अवधि के लिए या संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल का पद संभालने तक, एएमयू कोर्ट का सदस्य घोषित किया गया है।

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एएमयू शिक्षकों की ढाका विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता

अलीगढ़ 16 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के डा आमिर रियाज और डॉ. शाहिदुल हक ने दारुल इरफान रिसर्च इंस्टीट्यूट (डीआईआरआई) द्वारा विश्व धर्म और संस्कृति विभाग, ढाका विश्वविद्यालय, बांग्लादेश के सहयोग सेआयोजित ‘सूफीवाद का समाजशास्त्र, परिपूर्ण मानवता और सामाजिक सद्भाव के लिए दिव्य खोज‘ विषय पर चैथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया।

‘सैय्यद हुसैन नस्र के संदर्भ में सूफीवाद और मनुष्य का एकीकरण‘ विषय पर पेपर प्रस्तुत करते हुए डॉ. आमिर रियाज ने एक आदर्श व्यक्ति के विचार और यह कैसे सामाजिक सद्भाव की ओर ले जाता है, इस पर नस्र के विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सूफीवाद एक उपकरण है जिसके माध्यम से हम समाज में शांति, सह-अस्तित्व, सार्वभौमिक भाईचारा और सहिष्णुता प्राप्त कर सकते हैं।

डॉ. शाहिदुल हक ने ‘द फोर्स ऑफ ट्रान्सेंडेंसरू फेनोमेनोलॉजी एंड द पॉसिबिलिटी ऑफ मिस्टिकल एक्सपीरियंस‘ विषय पर अपना पेपर प्रस्तुत किया और मीमांसात्मक अहम् पर चर्चा की और एक घटनात्मक परिप्रेक्ष्य के माध्यम से रहस्यमय अनुभव की व्याख्या की।

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सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया गया

अलीगढ 16 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जे.एन. मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह, 2023 को चिह्नित करते हुए एक सप्ताह के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसका विषय था ‘स्वस्थ आहार सभी के लिए किफायती हो‘। कार्यक्रमों में पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, वार्ता और अन्य जागरूकता संबंधी कार्यक्रम शामिल थे।

ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी), जवां में आयोजित पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता में डॉ. जवारिया तहरीम खान और डॉ. इस्ना रफत खान की टीम विजेता बनी, जबकि डॉ. इशिका वार्ष्णेय और डॉ. कहकसन परवीन की टीम उपविजेता बनी।

बाद में, इंटर्न्स और रेसिडेंट्स की छह टीमों ने ‘फूड विदाउट फायरष् प्रतियोगिता में भाग लिया, जिनमें से डॉ. फैक रहमान, डॉ. फैसल खान और डॉ. केतुल हेमंत की टीम विजेता बनकर उभरी, उनके मेडिटेरेनियन सलाद में सूखे मेवे, कटी हुई सब्जियां, हुम्मस और ड्रेसिंग शामिल थी। दूसरा पुरस्कार डॉ. एन. हरप्रिया और डॉ. अबसार की टीम को मिला, जिन्होंने स्प्राउट सलाद और फ्रूट सलाद तैयार किया था।

कार्यक्रम की निर्णायक डॉ. उज्मा एरम और डॉ. सुबुही अफजल थीं। आरएचटीसी की सदस्य प्रभारी, डॉ. उज्मा एरम ने देश की आर्थिक समृद्धि और खाद्य उत्पादन के स्तर और पोषण अंतर को खत्म करने के बीच संबंध पर प्रकाश डाला। गृह विज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर छात्रों ने पोषण मेला में भाग लिया और मूंग अंकुरित सलाद, काला चना चाट, नमक पारा और पोहा सहित आयरन और प्रोटीन युक्त भोजन तैयार करने का प्रदर्शन किया।

डॉ. इस्ना और डॉ. जोवरिया द्वारा संचालित एक केंद्रित समूह चर्चा में, डॉ. केतुल हेमंत, डॉ. करण, डॉ. बिलाल, डॉ. हसन, डॉ. हार्दिक, फैजान, कहकसा और कौशिक सहित पैनलिस्टों ने पोषण संबंधी विषय, जिनमें मैक्रोन्यूट्रिएंट्स, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम शामिल हैं, से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। ।

शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (यूएचटीसी) में वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. मो. यासिर जुबैर ने इस अवसर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक वार्ता प्रस्तुत की।

डॉ. झिलमिल अग्रवाल ने ष्मातृ एवं शिशु पोषणष् पर एक स्वास्थ्य वार्ता दी, जिसमें स्तनपान, पूरक आहार और आहार विविधता के महत्व पर जोर दिया गया। उन्होंने दैनिक आहार में बाजरा शामिल करने के लाभों के बारे में भी बताया। डॉ. सुबूही अफजाल ने प्रश्न-उत्तर सत्र का संचालन किया।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जमालपुर में एक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. मनस्वी गुप्ता और डॉ. माधव शर्मा ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए पौष्टिक भोजन के महत्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. अबसार अहमद ने ‘आप वही हैं जो आप खाते हैं‘ विषय पर बोलते हुए लोगों से संतुलित आहार का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया।

समापन दिवस को ‘बाजरारू उभरते स्टेपल‘ विषय पर एक इंटरैक्टिव सेमिनार के साथ मनाया गया। डॉ. शिवांगी कुमारी के स्वागत भाषण के बाद, डॉ. तबस्सुम नवाब ने सप्ताह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों का अवलोकन प्रस्तुत किया और कृषि विज्ञान विभाग की डॉ. नाजिया तबस्सुम ने बाजरा के लाभों पर चर्चा करते हुए एक वार्ता प्रस्तुत की। विभिन्न प्रतियोगी स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र दिये गये।

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ओरियंटेशन कार्यक्रम आयोजित

अलीगढ़, 16 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग द्वारा नवप्रवेशित एमएसडब्ल्यू छात्रों को फील्ड वर्क और पाठ्यक्रम से परिचित कराने के लिए एक सप्ताह की अवधि का एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

28वें ओरिएंटेशन सत्र के दौरान, प्रशासन, शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों के संसाधन व्यक्तियों ने छात्रों को सामाजिक कार्य पेशे के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया, और उन्हें पाठ्यक्रम आवश्यकताओं, संतोषजनक प्रगति, संदर्भ सामग्री सहित शिक्षा से लेकर सामाजिक गतिविधियों तक विश्वविद्यालय जीवन के विभिन्न आयामों से परिचित कराया।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए, प्रोफेसर अब्दुल अलीम, डीन छात्र कल्याण और मुख्य सतर्कता अधिकारी, एएमयू ने सामाजिक कार्यकर्ताओं में क्षमता निर्माण के महत्व और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कार्यान्वयन पर जोर दिया जो कौशल और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है।

छात्रों को संबोधित करते हुए, मुख्य अतिथि, एएमयू के वित्त अधिकारी प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन खान ने सामाजिक कार्यकर्ताओं की वर्तमान परिदृश्य की चिंता और समाज के साथ उनके विमर्श पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा व्यक्तियों और समाज को प्रदान की जाने वाली सेवाओं के संदर्भ में सच्चाई अवश्य सामने आनी चाहिए।

मानद अतिथि प्रोफेसर बृज भूषण सिंह, शारीरिक शिक्षा विभाग और प्रोवोस्ट, एनआरएससी हॉल, ने एमएसडब्ल्यू और शारीरिक शिक्षा दोनों पाठ्यक्रमों का एक उद्देश्य यानि समाज की सेवा करना करार दिया। उन्होंने छात्रों को अपने करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

सामाजिक कार्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर नसीम अहमद खान ने विभाग के दृष्टिकोण और मिशन के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि विभाग के छात्रों को पिछले कुछ वर्षों में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, यूनिसेफ, जिंक इंडिया लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड, आजीविका मिशन (यूपी और राजस्थान) और सामाजिक न्याय मंत्रालय जैसे प्रतिष्ठित संगठनों में लगभग 100ः प्लेसमेंट मिला है।

उन्होंने ओरिएंटेशन कार्यक्रम के लिए अपना बहुमूल्य समय निकालने के लिए अतिथियों को धन्यवाद भी दिया।

इससे पहले, समाज कार्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद आरिफ खान ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने सामाजिक कार्य पेशे के मूल्यों को रेखांकित किया जो सेवा, सामाजिक न्याय, व्यक्ति की गरिमा और मूल्य, मानवीय रिश्तों का महत्व और क्षमता पर आधारित हैं।

समाज कार्य विभाग के डॉ. मोहम्मद ताहिर ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर अजरा मुसावी, निदेशक, एडवांस्ड सेंटर फॉर वीमेन स्टडीज, डॉ. सलीम मोहम्मद खान, निदेशक, एसओसीएच एनजीओ, श्री साद हमीद, टीपीओ-जनरल, एएमयू, डॉ. कुरतुल ऐन अली, डॉ. शायना सैफ और डॉ. समीरा खानम भी उपस्थित थीं।

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अलीगढ़ 16 सितंबरः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संकृत विभाग द्वारा प्रकाषित ऐतिहासिक एवं साहित्यक रूप से प्रसिद्ध वार्षिक मूल्यांकिता शोध पत्रिका ‘प्राच्यप्रज्ञा‘ का विमोचन कला संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर आरिफ नज़ीर द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्कृत विभागाध्यक्ष एवं पत्रिका के प्रधान सम्पादक प्रोफेसर हिमांशु शेखर आचार्य, सम्पादक प्रोफेसर मोहम्मद शरीफ़ एवं डा सारिका वाष्र्णेय, सह सम्पादक डा हेमबाला तथा सहायक आचार्य डा ज़फर इफ्तेखार आदि उपस्थित रहे।

पत्रिका के विषय में प्रधान सम्पादक ने बताया कि प्राच्यप्रज्ञा संस्कृत साहित्य की एक अत्यन्त महत्वपूर्ण तथा ऐतिहासिक शोध प.ित्रका हैै जिसका प्रकाशन विभाग द्वारा विगत वर्षाे से रिरन्तर रूप से किया जा रहा है। यह इसका 35वां अंक है जिसमें देश के महत्वपूर्ण विद्वानों तथा शोधार्थियों के शोधपरख लेख मुल्यांकन के उपरांत प्रकाशित होते हैं। उन्होंने पत्रिका के विमोचन हेतु समय देने के लिए कला संकाय के अधिष्ठाता तथा प्रकाशन में सहयोग हेतु सहयोगियों का और अपने शोधपरक लेख हेतु समस्त विद्वानों का आभार व्यक्त किया।


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