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जी20 शिखर सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता के उपलक्ष में वेबिनार आयोजित। AMU न्यूज़

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम अलीगढ़ 11 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पश्चिम एशियाई और उत्तरी अफ्रीकी अध्ययन विभाग द्वारा ‘भारत की जी20 अध्यक्षताः समकालीन विश्व के लिए निहितार्थ’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता, अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संकाय, एएमयू, के पूर्व डीन, प्रो. जावेद इकबाल ने विषय पर बोलते हुए भारत की जी20 की अध्यक्षता के दुनिया के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसने भारत को भविष्य के लिए वैश्विक एजेंडे को आकार देने और आर्थिक प्रभाव, भू-राजनीतिक प्रभाव, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, व्यापार, वाणिज्य और अन्य विकास सम्बन्धी  पहलों सहित महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करने का अवसर प्रदान किया है।


अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में, वेबिनार के संरक्षक, अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन प्रोफेसर मुहम्मद अजहर ने विषय के महत्व पर जोर दिया और सदस्य देशों के लिए प्रमुख चिंता के मुद्दों पर चर्चा की। संयोजक प्रो. रखशंदा एफ. फाजली ने अपने समापन भाषण में वेबिनार में बहस में उठाये गए विषयों का सारांश प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वेबिनार जी20 में भारत की भूमिका और समकालीन दुनिया पर इसके प्रभाव पर गहन चर्चा के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। इम्तियाज अहमद ने वेबिनार का संचालन किया, जबकि आयोजन सचिव, मुहम्मद उबैद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


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एएमयू में पोषण-सप्ताह से संबंधित गतिविधियां आयोजित

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम अलीगढ : राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के तहत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा विभागाध्यक्ष डॉ. सबा खान की देखरेख में जी20 से संबंधित कार्यक्रमों की श्रृंखला में सप्ताह भर की पोषण संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो फरजाना अलीम ने सप्ताह का उद्घाटन किया।


इरम फातिमा (बीएससी तृतीय सेमेस्टर) ने पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि विभाग के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के विभिन्न समूहों ने ‘एक घंटे के न्यूट्री-कैंटीन’ कार्यक्रम में भाग लिया और कम लागत वाले पोषक व्यंजन तैयार किए, एवं डा. इरम असलम के मार्गदर्शन में उनके द्वारा बनाये गये खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाये गये। विजेता ग्रुप को प्रमाण पत्र दिये गये।


एम.एससी. (प्रथम सेमेस्टर) की छात्राओं द्वारा ‘कम दाम में उचित पोषण’ शीर्षक से ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र, जवां में एक पोषण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें आरएचटीसी में आने वाले मरीजों के लिए कम लागत वाले आयरन और प्रोटीन युक्त व्यंजन तैयार किए और वितरित किए गए। बाद में, गृह विज्ञान विभाग में स्कूल जाने वाले बच्चों की माताओं के लिए घरेलू उपचार पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ताकि उन्हें अपने बच्चों के आहार में पोषण स्तर को बनाए रखने के बारे में जागरूक किया जा सके।


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एएमयू में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यक्रम

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम अलीगढ। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के तहत काम करने वाले यूनिवर्सिटी फिल्म क्लब (यूएफसी) द्वारा मनोविज्ञान विभाग की साइकोलॉजिकल सोसायटी के सहयोग से ‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ को चिह्नित करते हुए समाज में आत्महत्या की रोकथाम के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक पैनल चर्चा और फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।


प्रो. असमा परवीन (अध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग), डॉ. मोहम्मद रियाजुद्दीन (मनोचिकित्सा विभाग, जेएनएमसी), प्रो. आयशा मुनीरा रशीद (अंग्रेजी विभाग) और डॉ. सारा जावेद (मनोविज्ञान विभाग) ने कैनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित पैनल चर्चा में भाग लिया।


पैनल में शामिल विशेषज्ञों ने आत्महत्या और इसकी रोकथाम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और कहा कि आत्महत्या एक गंभीर सार्वजनिक मुद्दा है और लोगों, विशेषकर युवाओं को आत्मघाती प्रवृत्ति विकसित करने के खिलाफ शिक्षित करने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने किसी भी प्रकार के मानसिक और भावनात्मक तनाव से गुजर रहे युवाओं की सामाजिक परामर्श और सहकर्मी-आधारित निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।


प्रोफेसर असमा परवीन ने मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के बीच संबंध का वर्णन किया और कहा कि सामाजिक कारक अकसर इस कृत्य को करने का प्रमुख कारण होते हैं। डॉ. रेयाजुद्दीन ने जैविक कारकों पर जोर दिया और आत्महत्या के चिकित्सीय पहलू और संबंधित व्यक्ति में चेतावनी के संकेतों के विकास पर चर्चा की।


डॉ. सारा जावेद ने मानसिक तनाव अथवा अस्वस्थ मनोदशा से जुड़े कलंक पर चर्चा की जो बड़े पैमाने पर आत्महत्या के मामलों के आसपास घूमता है और सम्बंधित लोगों को मदद मांगने से रोकता है। प्रोफेसर आयशा मुनीरा रशीद ने साहित्य में आत्महत्या के वर्णन समेत आत्महत्या और आत्म-नुकसान जैसे संवेदनशील विषयों से निपटने में फिल्म निर्माताओं की जिम्मेदारी पर बात की।


क्लब के सचिव अहमद मुदस्सिर ने पैनलिस्टों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। क्लब सदस्य शीजा शुएब ने कार्यक्रम का संचालन किया, आभार क्लब अध्यक्ष मोहम्मद अनस ने जताया।


बाद में नितेश तिवारी की फिल्म ‘छिछोरे’ प्रदर्शित की गई, जो आत्महत्या की रोकथाम और सकारात्मक मानसिक कल्याण के महत्व पर जोर देती है। कार्यक्रम के आयोजन में मदीहा दानिश, अकबर सिद्दीकी, तैय्यब अहमद आदि का सहयोग रहा।


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चंद्रयान-3 उत्सव के अंतर्गत स्केच प्रतियोगिता आयोजित

अलीगढ़ 11 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भाषाविज्ञान विभाग द्वारा चंद्रयान-3 उत्सव के अंतर्गत एक स्केच प्रतियोगिता और ‘चंद्रयान-3 महा क्विज’ का आयोजन किया गया, जिसका विषय ‘चंद्रमा दूर नहीं है’ था। सौम्या आबेदी ने पहला पुरस्कार हासिल किया, जबकि दूसरा पुरस्कार जुवेरिया आलम और तीसरा पुरस्कार उज्मा आफरीन को मिला। चैथा पुरस्कार अहमद सिद्दीकी और नबीला रहमान ने साझा किया जबकि पांचवां पुरस्कार साइमा अमीन को दिया गया।


विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एमजे. वारसी ने चंद्रमा पर अपने हालिया अभियान में भारत की सफलता की कहानी पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नाजरीन बी. लश्कर थीं।


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एएमयू के एसटीएस स्कूल द्वारा अंतर-विद्यालय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन

अलीगढ़, 11 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एस.टी.एस. द्वारा आयोजित एक दिवसीय अंतर-विद्यालय विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन करते स्कूल शिक्षा निदेशालय के निदेशक निदेशक प्रोफेसर असफर अली खान ने कहा कि विज्ञान हमेशा प्रेरणा और नवाचार का स्रोत रहा है और छात्रों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और दिन-प्रतिदिन के जीवन में आने वाली चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए विज्ञान प्रदर्शनी बहुत महत्वपूर्ण है।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने सभी प्रतिभागियों को विज्ञान के चमत्कारों की खोज जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।


प्रदर्शनी में भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी का जश्न मनाया गया, जिसमें ‘पर्यावरण बचाओ’ ‘ऊर्जा संरक्षण’ और ‘जैविक खेती को बढ़ावा देने’ विषयों से संबंधित नवीन विचारों और परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का प्राथमिक विषय ‘पर्यावरण बचाओ’ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ प्रथाओं के महत्व पर जोर देता है, जबकि ‘ऊर्जा संरक्षण’ ऊर्जा खपत को कम करने के लिए अभिनव समाधान खोजने पर केंद्रित है।


विभिन्न एएमयू स्कूलों के छात्रों ने वर्किंग मॉडल, नॉन-वर्किंग मॉडल और चार्ट के रूप में अपने नवाचार और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।


स्कूल शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक प्रो. आबिद अली खान कार्यक्रम के सम्मानित अतिथि थे। इस अवसर पर जी-20 कार्यक्रमों की समन्वयक श्रीमती आमना मलिक भी उपस्थित थीं।


इस अवसर पर प्रोफेसर अनवर शहजाद, वनस्पति विज्ञान विभाग, एएमयू, डॉ. रियाज अहमद, एसोसिएट प्रोफेसर, जूलॉजी विभाग, एएमयू और श्री मोहम्मद जैद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, एएमयू ने जूनियर और सीनियर श्रेणियों में विज्ञान प्रदर्शनी को जज किया।


विज्ञान प्रदर्शनी ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने और जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने में सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।


एएमयू स्कूलों के लिए जी-20 कार्यक्रमों की आयोजन समिति के समन्वयक एसटीएस स्कूल प्राचार्य श्री फैसल नफीस ने विभिन्न स्कूलों में आयोजित इंटर और इंट्रा स्कूल कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत श्रीमती नौशीन फात्मा ने किया।


डॉ. आलमगीर, प्रिंसिपल, एएमयू सिटी गर्ल्स स्कूल (काजी पाड़ा), श्रीमती समीना, प्रिंसिपल, एएमयू एबीके हाई स्कूल (बॉयज), डॉ. सबा हसन, वाइस-प्रिंसिपल, एएमयू एबीके हाई स्कूल (गर्ल्स), श्रीमती उमरा जहीर, कार्यक्रम में अब्दुल्ला स्कूल के अधीक्षक भी विज्ञान प्रदर्शनी में शामिल हुई।


जुल्फिकार अली, नौशीन फातमा, सूफिया खान, आलेमा हसीन, हलीमा बेगम, मो. रहमान, शाहनवाज जमीर और रिजवान अहमद ने छात्रों को वर्किंग मॉडल, नॉन-वर्किंग मॉडल और चार्ट की तैयारी के लिए मार्गदर्शन किया।


प्रदर्शनी के दौरान श्री मोहम्मद तारिक, प्रभारी विज्ञान प्रदर्शनी, डॉ. तनवीर हुसैन खान, डॉ. नसीम अहमद, डॉ. इलियास मियां, श्री सैयद इकराम हैदर जाफरी मौजूद रहे। श्रीमती नसरीन फातिमा, सांस्कृतिक समन्वयक, श्रीमती समीना यूसुफ खान, श्री मुदस्सिर अली रिजवी, श्रीमती एस फातिमा हाशमी, श्रीमती नाजिया सियार शमीम, श्री फरहान हबीब, श्री मोहम्मद अदनान खान, श्रीमती रूही असलम, श्री मोहम्मद आसिम, श्री मोहम्मद मंसूर खान और श्री आसिफ अहमद सिद्दीकी ने व्यवस्था, सजावट और कार्यक्रम के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती गजाला तनवीर ने किया।

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