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सरकारी चिकित्सालयों के बाहर सक्रिय हैं एम्बुलेंस माफिया, जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने दिए ये निर्देश...

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डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न


सभी चिकित्सक अपने तैनाती स्थल पर ही करें रात्रि प्रवास, अन्यथा होगी कड़ी कार्यवाही


प्रिंसिपल जेएनएमसी के साथ पृथक से बैठक करने के दिये निर्देश


अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़| जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने कहा कि जनपद में सरकारी चिकित्सालयों के बाहर एम्बुलेंस माफिया सक्रिय हैं जो सरकारी अस्पताल के बाहर से ही मरीजों को बरगलाकर निजी चिकित्सालयों में ले जाते हैं। इसमें आपके अधिनस्थ पैरामेडिकल स्टाफ की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। अभी हाल ही में एसडीएम इगलास द्वारा ऐसे ही प्रकरण में एक एनएनएम के विरूद्ध कार्यवाही की गयी है। डीएम ने समस्त चिकित्सा अधीक्षकों एवं एमओआईसी को निर्देशित किया कि आपके अस्पताल परिसर के आसपास प्राइवेट एम्बुलेंस न दिखे। सरकार द्वारा मरीजों के आवागमन के लिए सरकारी एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय परिसर में भ्रमणशील रहकर स्वास्थ्य सेवाओं का सही फीडबैक प्राप्त करते हुए उनका समुचित लाभ जरूरतमंदों को प्रदान कराना आपकी नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी है, इसका बखूवी निर्वहन किया जाए। डीएम ने सभी एमओआईसी समेत अन्य चिकित्सक अपने तैनाती स्थल पर ही रात्रि निवास करें अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।


बैठक में जननी सुरक्षा योजना में जेएनएमसी द्वारा 6196 प्रसवों के सापेक्ष 3465 (55 प्रतिशत) का ही भुगतान होने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी प्रकट की। जिस पर जेएनएमसी से आईं चिकित्सक जेहरा मोहसिन ने बताया कि महिलाओं का बैंक खाता नहीं है। इस पर डीएम ने कहा कि अधिकांश महिलाओं को सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ सीधे उसके बैंक खाते में प्राप्त हो रहा है, ऐसी बहानेबाजी न करें। उन्होंनें लाभ न प्राप्त करने वाले मरीजों की सूची उपलब्ध कराने के साथ ही हुए अलग से अन्य बिन्दुओं पर भी प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज के साथ बैठक कराने के निर्देश दिये। मेटरनल डेथ की समीक्षा में डीएम ने स्पष्ट किया कि डेथ ऑडिट का आमजन को तब तक कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा जब तक उसकी मृत्यु के स्पष्ट कारणों का पता न चले। उन्होंने कहा कि कोई महिला अपने गर्भधारण के प्रथम तीन माह से ही आशा बहनों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की रडार में आ जाती है, जिससे आपको उसकी मेडिकल हिस्ट्री की पूरी जानकारी रहती है, बस आवश्यकता है तो गर्भावस्था के दौरान उसकी समुचित मॉनिटरिंग और डिलीवरी के समय समुचित इलाज की। इसके साथ ही बैठक में आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति, आशाओं के भुगतान, ई-कचच पर फीडिंग, अंटाईड फंड के सदुपयोग समेत अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत रूप से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।



10 दिसम्बर से शुरू होगा पोलियो उन्मूलन अभियान:

सीएमओ डा0 नीरज त्यागी ने बताया कि जनपद में 10 दिसम्बर से पोलियो उन्मूलन अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके लिए ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर बैठक कर ली गयीं हैं, 05 दिसम्बर तक माइक्रो प्लान तैयार हो जाएगा। 11-15 दिसम्बर तक घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। डीएम ने कहा कि पोलियो की दवा पिलाने के साथ ही टीकाकरण से छूटे अन्य बच्चों को भी मौके पर आच्छादित किया जाए, इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड बनाने को भी गति प्रदान की जाए। उन्होंने पोलियो उन्मूलन के लिए 09 दिसम्बर को प्रस्तावित जनपद स्तरीय जागरूकता रैली के स्थान पर जीवनगढ़, शाहजमाल जैसे अन्य ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में छोटी-छोटी रैलियां निकालने के निर्देश दिये ताकि सभी वर्ग एवं समुदाय के लोग जागरूक हो सकें। उन्होंने एचएमआईएस पोर्टल पर अपलोड डाटा के अनुसार जीरो डोज लेने वाले बच्चों की ब्लॉकवार समीक्षा में बड़ी संख्या पाए जाने पर सुपरवाइजर का स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिये।



रानी लक्ष्मीबाई सहायता कोष का 60 महिलाओं को मिलेगा लाभ:

 जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह द्वारा रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष द्वारा एसिड अटैक, पाक्सो एवं अन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में कोई भी प्रकरण लम्बित न रहे। उन्होंने सीएमओ को सभी प्रकरणों में मेडिकल रिपोर्ट को समय से ऑनलाइन अपलोड कराने के निर्देश दिये। जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह द्वारा बैठक में 70 प्रकरण प्रस्तुत किये गये। जिनमें पॉक्सो एक्ट के 49, 376 डी के 11 एवं 10 प्रकरण ऐसे रहे जिनमें अभी परीक्षण नहीं हुआ है। डीएम ने 60 प्रकरणों को स्वीकृत करते हुए कहा कि समय से पीड़ितों को लाभ दिलाया जाए और शेष मामलों में जल्द से परीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए।


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