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"हक की बात जिलाधिकारी के साथ’’ कार्यक्रम में डीएम से रूबरू हुईं छात्राएं| AligarhMEDIA

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डीएम ने सोशल मीडिया, शासकीय, राजनैतिक, सामाजिक, शैक्षिक, घर-परिवार, यौन एवं घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर छात्राओं की जिज्ञासाओं को किया शांत

आप अपनी जिंदगी के नायक-नायिका, प्रोड्यूसर, लेखक स्वयं हैं और तैयार फिल्म भी आपको ही देखनी है

          -डीएम, इन्द्र विक्रम सिंह


अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ| बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अन्तर्गत ’’हक की बात जिलाधिकारी के साथ’’ कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को कलैक्ट्रेट सभागार में किया गया। डीएम ने कार्यक्रम को एक पायदान और ऊपर पहुॅचाते हुए ’’झिझक तोड़ें, करें अपने हक की बात यूपी है महिलाओं के साथ’’ से प्रदेश सरकार की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि आपके मन में जो भी जिज्ञासाएं हैं उन्हें बिना किसी संकोच एवं झिझक के प्रकट करने का यह बेहतरीन मंच है। उन्होंने छात्राओं से आव्हान किया कि आप शासकीय, राजनैतिक, सामाजिक, शैक्षिक, घर-परिवार, सोशल मीडिया, यौन एवं घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं और मन के द्वंद को शांत करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। शासन-प्रशासन द्वारा आपको जो अवसर दिया गया है उसका बेबाकी से लाभ उठाएं। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। 

जिलाधिकारी के आव्हान पर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा वैष्णवी वार्ष्णेय ने एआई तकनीक के दुरूपयोग के संबंध में प्रश्न किया कि सरकार इसे प्रतिबंधित क्यों नहीं कर रही है। डीएम ने इस पर कहा कि हर तकनीक के दो पहलू होते हैं, आपको देखना है कि आपको उसका किस प्रकार से उपयोग करना है। टैक्नोलॉजी दो धारी तलवार की तरह होती है, आपको समझ विकसित करनी होगी कि किस प्रकार से उसका उपयोग करें। सोशल मीडिया पर पर्सनल फोटो अपलोड करने से बचें और सदैव सतर्कता और सावधानी बरतें। माता-पिता, अभिभावक और शिक्षकों को अपना दुश्मन न समझें और इनकी बताई हुई बातों को मानें। फिर भी अगर कहीं कोई समस्या आती है तो पुलिस विभाग की साईबर और सोशल मीडिया टीम को जरूर अवगत कराएं। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की हिमानी ने प्रश्न किया कि बाजार में ऐसे बहुत से मेडिसिन प्रोडक्ट हैं जिनके दुरूपयोग की संभावना है, इनको बंद क्यों नहीं किया जाता। इस पर डीएम ने कहा कि बैन किसी समस्या का समाधान नहीं होता, इससे एक समस्या का तो समाधान होता है परन्तु कई अन्य समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। दवाओं का उपयोग भी हमारे विवेक पर निर्भर करता है। 

राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की अंजली वार्ष्णेय ने पूछा कि छोटे बच्चे भीख क्यों मांगते हैं। डीएम ने समाधान किया कि समाज में आत्मसम्मान सर्वोपरि होना चाहिए, ऐसा करना गलत है। सरकार द्वारा ऐसे बच्चों के लिए अनाथालय एवं स्कूल खोले गये हैं, परन्तु प्रायः देखने में आता है कि ऐसे बच्चों के माता-पिता ही इनसे ये काम कराते हैं। गरीबी कोई समस्या नहीं है, हमारी सोच उत्कृष्ट होनी चाहिए। सरकार ने नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा पाठ्यक्रम को भी जोड़ा है। एक अन्य छात्रा ने प्रश्न किया कि सरकार को ’’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ अभियान संचालित करने की क्यों आवश्यकता हुई। डीएम ने कहा कि इसके लिए कुछ महिलाएं ही दोषी हैं। उन्होंने बेटियों को बेटों के समान न तो शिक्षा दी और न ही समाज में उचित स्थान। सरकार द्वारा महिलाओं के शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा एवं स्वावलम्बन के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। डीएम ने महेश्वर गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा मोनिका के दहेज की समस्या से संबंधित प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि अब समय बदल चुका है, इस हीन भावना से बाहर आएं। जब आप आत्मनिर्भर बनोगी तो इस प्रकार कर समस्या नहीं आएगी। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज अतरौली की वंशिका वार्ष्णेय ने उच्च शिक्षा के बाद आत्मनिर्भर बनने और कैरियर बनाने की संभावनाओं पर प्रश्न किया। डीएम ने कहा कि सरकार द्वारा अधिकांश शिक्षा निःशुल्क है, पढ़ने-लिखने के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। आपका जुझारूपन और बिल पावर ही आपको सफलता दिलाती है, जब जागो तभी सवेरा। इसके साथ ही छात्राओं ने जिलाधिकारी से उनकी स्ट्रगल जर्नी के बारे में भी पूछा। इस पर डीएम ने अपने बारे में बालिकाओं के प्रश्नों का बेबाकी से उत्तर देते हुए कहा कि किसी की कहानी जानकर हम थोड़ी देर के लिए प्रेरित तो हो सकते हैं, परन्तु आपके जीवन में परिवर्तन तो आपकी स्वयं की मेहनत से ही आएगा। योग्यता का कोई मापदण्ड नहीं होता यह बदलती रहती है, हर इंसान अपने आप में योग्य और विशिष्ठ होता है। आप अपनी जिंदगी के नायक-नायिका, प्रोड्यूसर, लेखक स्वयं हैं और यह फिल्म भी आपको ही देखनी होती है। 


मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में वितरित किए लैपटॉप:

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड के अन्तर्गत 13 लाभार्थी बच्चों- पीयूष शर्मा, प्रियांशी, रचना, सचिन कुमार, वेदांत चन्द्रा, अपराजिता चौहान, कुनाल शर्मा, पीयूष गुप्ता, श्रद्धा सिंह, सुमित उपाध्याय, रूद्रराज सिंह, मो0 सुबहान मुजाहिद, लकी चौहान को लैपटॉप वितरित किये गये। 

कार्यक्रम में एडीआई संदीप कुमार, सीओ साइबर क्राइम नीलम शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयश कुमार, उप निरीक्षक वर्षा शर्मा समेत विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं उपस्थित रहीं।

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