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’’हमारा डीएम कैसा हो-इन्द्र विक्रम सिंह जैसा हो’’ जैसे नारों से गुंजायमान हुआ कलैक्ट्रेट |AligarhNews

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अधिकारियों से लेकर आमजन को याद रहेगा जिलाधिकारी का बेतकल्लुफ अंदाज, एकसमान भाव, अनुकरणीय कार्यशैली एवं अनुशासन

सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने कविता पाठ के माध्यम से मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत की जिलाधिकारी की कार्यशैली


अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़|  अलीगढ़ से स्थानान्तरण होने के बाद जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह का सम्मान समारोह कलैक्ट्रेट में आयोजित किया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों ने इन्द्र विक्रम सिंह के प्रशासनिक कार्यकाल की सराहना एवं उपहार भेंट कर अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई दी। इस अवसर पर राजनेता, समाजसेवी, उद्यमी, व्यापारी, अधिकारी, अधिवक्ता, मीडिया बन्धु और भारी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे। सभी लोगों ने अपने-अपने तरीके से, भगवार श्रीराम का मंदिर, पुष्प गुच्छ, शॉल, स्मृति चिन्ह, गमला, पुस्तक भेंट कर अपने जिलाधिकारी को अगले कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए विदाई दी। सभाकक्ष के बाहर जनसामान्य का हुजूम उमड़ा और इन्द्र विक्रम सिंह जिन्दाबाद और हमारा जिलाधिकारी कैसा हो इन्द्र विक्रम सिंह जैसा हो जैसे नारों से समूचा कलैक्ट्रेट गुंजायमान हो उठा।

सीडीओ आकांक्षा राना ने अपने को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें इतने मोटीवेशनल जिलाधिकारी मिले। उन्होंने जिंदगी को कैसे जिंदादिली के साथ कैसे जिया जाता है, जीना सिखाया। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने कहा कि उन्होंने नए आयाम प्रस्तुत करते हुए सभी को स्मार्ट वर्किंग का तरीका सिखाया। एडीएम वित्त मीनू राणा ने उनके बेतकल्लुफ अंदाज, अनुशासन, अनुकरणीय कार्यशैली, एकसमान भाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। नगर मजिस्ट्रेट रामशंकर डीएम इन्द्र विक्रम सिंह को प्रशासनिक क्षमता का धनी बताते हुए कार्य के प्रति निष्ठावान बताया। सम्मान समारोह में सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने जिलाधिकारी के कार्यकाल एवं अनूठी कार्यशैली को शब्दो में पिरोकर एक मनमोहक कविता पाठ के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थितजनों ने मुक्तकंठ एवं करतल ध्वनि से सराहना की।


जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुधार की गुंजाइश सदैव बनी रहती है। आप जहां जिस पद, क्षेत्र में हैं कार्य करने की नई-नई संभावनाओं को तलाशें और पूरी क्षमता से सेवाओं को दें। परिस्थितियां कभी आइडियल नहीं होती हैं। हर जगह अच्छे, बुरे, सामान्य लोग मिलते हैं और उन्हीं के मध्य रहकर कार्य करना होता है। उन्होंने युवा अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि मन में कभी श्रेष्ठता का भाव नहीं आना चाहिए।


इस अवसर पर विकास परिवार की ओर से डीडीओ आलोक आर्य, पीडी भाल चन्द्र त्रिपाठी, डीसी एनआरएलएम दीनदयाल वर्मा, डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, डीपीओ श्रेयश कुमार, एसई सिंचाई चन्द्रभान यादव, एसीएम संजय मिश्रा, के0बी0 सिंह, मो0 अमान, विनीत, डीआईओ एनआईसी आसिम रजा, डीएसओ अभिनव सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सर्वेश मिश्रा, आपदा विशेषज्ञ भावना सिंह, अधिवक्ता शैलेन्द्र पचौरी, ईडीएम मनोज राजपूत, खाद्य सुरक्षा अधिकारी इबादउल्लाह, वरिष्ठ कोषाधिकारी योगेश कुमार, कोषाधिकारी प्रिया सिंह, सोहनलाल, अरूण सिंह, कविता सिंह समेत सभी कलैक्ट्रेट कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिरीष द्वारा किया गया।

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