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एस्ट्राजेनेका कंपनी ने कबूला,कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से हार्टअटैक,ब्रेनस्ट्रोक का खतरा

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अलीगढ़ मीडिया डॉट कॉम-भारत में 27 जनवरी 2020 से प्रारंभ कोरोना महामारी (कोविड-19) संक्रमण को रोकने के लिए कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाले एस्ट्रेजनेका कंपनी के ब्रिटेन की अदालत में कोविशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी घातक बीमारियों की बात कबूली है इसके बाद कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले भारतीयों की चिंता बढ़ गई है।


वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स को लेकर दायर हुआ था मुकदमा

एस्ट्रोजेनिक कंपनी को जेमी स्टॉक नाम के व्यक्ति द्वारा क्लास-एक्शन मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है जेमी स्टॉक के मुताबिक अप्रैल 2021 में यूनिवर्सिटी आफ ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर बनाई गई एस्ट्रेजनेका वैक्सीन, जो कोविशील्ड के नाम से लोगों को लगाई गई थी उनका आरोप है। कि इस वैक्सीन को लेने के बाद ब्रेन डैमेज का शिकार हुए थे, इसके साथ ही अन्य परिवारों ने भी ऐसे आरोप लगाते हुए अदालत में इसकी शिकायत के साथ मुआवजे की मांग की थी। जेमी स्कॉट द्वारा कोर्ट में चल रही याचिका पर अब कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी ने इस बात को कबूल किया है। दुर्लभ मामलों में वैक्सीन द्वारा साइडइफेक्ट हो सकते हैं, हालांकि कंपनी ने इससे होने वाली बीमारियों या बुरे प्रभावों के दावों को भी नकारा है।


वैक्सीन के टीके से हो सकती है खून के थक्के जमने की शिकायत 

कोविशील्ड वैक्सीन के टीके के बाद दुष्प्रभावों में थ्रांबोसाइटोपेनिया सिंड्रोम(टीटीएस) से शरीर में खून के थक्के जमने की वजह बन सकती है शरीर में थक्का जमने से व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक की आशंकाएं बढ़ जाती है इसके साथ ही यह सिंड्रोम बॉडी में प्लेटलेट्स गिरने का भी कारण बन सकता है


एस्ट्राजेनेका कंपनी के साइड इफेक्ट की बात कबूलने पर सियासत तेज

कॉविड-19 की रोकथाम के लिए बनाई गई कोविशील्ड वैक्सीन पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मौजूदा सरकार पर वैक्सीन कंपनी से चंदा लेने को लेकर हमला बोला है उन्होंने कहा है लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। ऐसी जानलेवा दवाइयां को अनुमति देना किसी की हत्या के षड्यंत्र के बराबर है और इसके सभी जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए सत्ताधारी दल ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से राजनीतिक चंदा वसूलकर जनता की जान की बाजी लगाई है। इस पर न उन्हें कानून माफ करेगा, न जानता। साथ ही इस मामले की सर्वोच्च स्तर पर न्यायिक जांच करने की मांग की है।


टीकाकरण पर विशेषज्ञयों का क्या है कहना

हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा कहा जा रहा है कि दुष्प्रभाव तो पहली डोज के बाद कुछ समय में ही सामने आ जाते हैं। कई अध्ययनों में साबित हो चुका है, कि कोविड संक्रमण खून का थक्का बनने की आशंका बढ़ता है। किंतु थक्के को टीकाकरण से ही जोड़ना सही नहीं है। हालांकि लगातार हो रहे अध्ययन में भी डेल्टा  वेरिएंट को बीपी, हृदय रोग का बड़ा कारण बताया जा रहा है

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