अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़, 19 अगस्त: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) प्रशासन ने आज कुलपति प्रो. नइमा खातून के नेतृत्व में आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। यह बैठक सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में हुई, जिसका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान करना था।
बैठक में कुलपति ने छात्रों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना। उनकी शंकाओं और प्रश्नों का उत्तर दिया गया तथा उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के मिनट्स के अनुसार, यह निर्णय लिया गया कि एएमयू छात्रसंघ चुनाव विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के बाद और दिसंबर 2025 की शीतकालीन छुट्टियों से पहले कराए जाएंगे।
फीस वृद्धि के मुद्दे पर प्रशासन ने दोहराया कि अकादमिक काउंसिल पहले ही यह तय कर चुकी है कि कंटीन्यूइंग छात्रों की फीस वृद्धि 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। कुलपति ने आश्वस्त किया कि किसी भी छात्र को आर्थिक कठिनाई के कारण शिक्षा से वंचित नहीं होना पड़ेगा। ज़रूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी जो सहायता के तौर-तरीकों का सुझाव देगी। विश्वविद्यालय द्वारा विस्तृत फीस संरचना सार्वजनिक की जाएगी और आवश्यकतानुसार फीस जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएगी।
कुलपति ने यह भी कहा कि उपस्थिति या अन्य कारणों से रोके गए छात्रों के मामले व्यक्तिगत रूप से देखे जाएंगे और ज़रूरत पड़ने पर जल्द हल किए जाएंगे। हाल ही में विरोध प्रदर्शन के दौरान निलंबित छात्रों के मामले भी एक सप्ताह के भीतर अनुशासन समिति की बैठक में प्राथमिकता से लिए जाएंगे।

