- मण्डलायुक्त ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कमिश्नरी परिसर में फहराया तिरंगा
- सम्प्रदाय, जाति एवं धर्म से ऊपर उठकर देश की बेहतरी के लिए करना होगा कार्य, अधिकारी अपने दायित्वों का करें निर्वहन
- मण्डलायुक्त ने मानसिक स्वास्थ्य पर दिया विशेष बल: बच्चों को परिवार, समाज व देश के महत्व समझाएं
- अच्छी प्रस्तुति के लिए छात्राओं एवं शिक्षकों को किया पुरस्कृत
अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़: आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ श्रीमती संगीता सिंह ने 79 वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कमिश्नरी परिसर में तिरंगा फहराने के पश्चात सभी अधिकारियों व कार्मिकों के साथ राष्ट्रगान किया और कमिश्नरी सभागार में मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर स्वतंत्रता दिवस समारोह का विधिवत ढ़ंग से शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय रजा नगर एवं हरदुआगंज के स्कूली छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, वंदे मातरम, राजस्थानी लोक गीत एवं देश-भक्ति की भावना से ओतप्रोत गीतों पर भावनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि आज का स्वतंत्रता दिवस समारोह हमारे लिए यूनीक है क्योंकि इस सभागार में उपस्थित सभी लोग ऐसे हैं जिनको आजादी विरासत में मिली है और उन्होंने अपने पूर्वजों के माध्यम स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन को महसूस किया है। अब हमें विरासत में मिली स्वतंत्रता को लेकर आगे बढ़ना है और इसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे पहुॅचाना है। हर व्यक्ति अपने क्षेत्र का लीडर है और उसे अपने क्षेत्र में सबसे बेहतर करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। अपने समाज और देश का हित करने के लिए लक्ष्य स्वयं निर्धारित करें और फिर उनको पूरा करने के लिए अपना सब-कुछ झोंक दें। हमें अपने जीवन के हर आयाम में अपना विशेष देने की आवश्यकता है। मण्डलायुक्त ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष बल देते हुए सभी अभिभावकों से आव्हान किया कि बच्चों को परिवार, समाज और देश के महत्व को समझाएं। बच्चा जब अपने परिवार व समाज से जुड़ेगा तो देश से अपने आप ही जुड़ जाएगा।
अपर आयुक्त प्रशासन अरूण कुमार ने कहा कि बचपन से लेकर आज तक स्वतंत्रता दिवस का स्वरूप नहीं बदला है, प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त पर हमे एक नई ऊर्जा मिलती है। किसी भी देश को आगे बढ़ाने के लिए देशभक्ति की भावना बहुत जरूरी है। हमारा स्वतंत्रता संग्राम अपने आप में अति विशिष्ट है क्योंकि इसमें प्रबुद्धजनों से लेकर समाज के हर तबके, वर्ग और सम्प्रदाय के लोंगों ने अपना योगदान दिया। इतिहास में गलतियां होती हैं और उससे हमें सबक लेकर आगे बढ़ने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि किस तरह रातों-रात एक मेज पर रखे हुए नक्शे पर लकीर खींचकर देश का विभाजन किया गया और उसके पश्चात जो निर्दोष लोगों की जान गई उसे सभ्य समाज में कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। आजादी के बाद हम रूके नहीं और विश्व के सबसे बड़े संविधान का निर्माण किया। आज सबसे बड़ी आबादी होने के बावजूद सभी को समान अवसर व अधिकार हैं। हमें अपने अधिकारों व जिम्मेदारियों में संतुलन बनाकर रखना चाहिए।
अपर आयुक्त वी0के0 सिंह ने कहा कि 1947 के स्वतंत्रता दिवस के उल्लास को महसूस ही किया जा सकता है। आज हम आजादी की 78वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। 78 साल किसी व्यक्ति के जीवन में लंबा समय हो सकता है लेकिन एक राष्ट्र के लिए नहीं। जो चुनौतियां आज से 50 वर्ष पहले थीं आज नहीं हैं आज नए प्रकार की चुनौतियां हैं। देश की सेवा के लिए शासकीय सेवा में रहना जरूरी नहीं है। उन्होंने स्वच्छता अपनाने, विद्युत, जल समेत अन्य उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करने एवं भारत भ्रमण कर अपने देश को समझने पर बल देते हुए कहा कि अच्छे नागरिकों से ही अच्छे देश का निर्माण होता है।
संयुक्त विकास आयुक्त मंशाराम यादव ने स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन के सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि हमारी स्वतंत्रता की ये विकास यात्रा यहीं पूरी नहीं हुई है ये सदैव शास्वत बनी रहे इसके लिए हम जिस पद या क्षेत्र में है अपने दायित्वों का पूरी कर्तव्यनिष्ठा से निर्वहन करते हुए एक संगठित और सशक्त भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
कमिश्नरी बार एसोशिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र पचौरी ने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन के पश्चात लगभग 90 वर्ष के संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली। आजादी के आन्दोलन को महात्मा गॉधी समेत अन्य वकीलों द्वारा लीड किया गया। आजादी के बाद हमें विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान भी बाबा साहेब जैसे वकील की ही देन है। उन्होंने कहा कि आदाजी के आन्दोलन के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देना औपचारिकता नहीं होना चाहिए बल्कि किस प्रकार हमें अपनी आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखना है उसके लिए सतत प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार संविधान के माध्यम से आज समाज के हर तबके के शोषित व पीेड़ितों को न्याय मिल रहा है, यही सच्ची आजादी है।
इस अवसर पर मण्डलायुक्त ने एमपीएस हरदुआगंज की सहायक अध्यापिका जयमाला ठाकुर व सरिता कौशिक एवं सहायक अध्यापिका रजा नगर ललिता वर्मा, लोधा को प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के साथ सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं को उपहार भेंट कर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन न्याय सहायक नवीन जैन द्वारा किया गया। इस अवसर उप निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्या आर0के0 वर्मा, एडीपीआरओ एटा मो0 राशिद समेत कमिश्नरी के अन्य अधिकारी कर्मचारी व अधिकवक्तागण उपस्थित रहे।
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