अलीगढ मीडिया डिजिटल, उत्तर प्रदेश| आगरा की सड़कों पर 38 साल से टैक्सी चला रहा हूं, पहली बार किसी ने मुझे 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया। नहीं बोलने पर मेरी दाढ़ी खींची, थप्पड़ मारे।’
कैब ड्राइवर रहीस ये सब कहते हुए डरे-सहमे नजर आते हैं। बुजुर्ग के चेहरे की झुर्रियों के बीच चिंता की लकीरें ज्यादा साफ दिखने लगती हैं। अब मेरा परिवार दहशत में है। बेटे कहते हैं कि अब्बा बाहर मत निकलो, आप घर पर ही रहिए। टैक्सी बेच देंगे। दोबारा ऐसा होगा, कोई अनहोनी हो जाएगी, तो क्या होगा…?
दरअसल, 24 नवंबर को 2 लड़कों ने ताजमहल मेट्रो पार्किंग में रहीस से जय श्रीराम बोलने को कहा था। नहीं बोलने पर धमकी दी कि 3 दिन में बोलोगे ही…।

