चारों लेबर कोडों को रद्द करने, एम एसपी कानूनी गारंटी और संपूर्ण कर्जा माफी समेत तमाम लंबित मांगों पर आंदोलन

Aligarh Media Desk

  •  संयुक्त किसान मोर्चा एवं केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का साझा मंच
  • किसानों-मजदूरों का संयुक्त प्रदर्शन; राष्ट्रपति को 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा
  • स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में लाल डिग्गी घेराव – शहरी उपभोक्ताओं ने भी मीटर हटाने की मांग उठाई
  •  स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में 9 दिस. को महापड़ाव

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में 13 महीनों तक चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन की पाँचवीं वर्षगाँठ पर आज देशभर की तरह अलीगढ़ में भी किसान-मजदूर संगठनों ने जिला मुख्यालय पर विशाल विरोध-प्रदर्शन किया।

सुबह 11 बजे से घंटाघर स्थित अंबेडकर पार्क में ट्रैक्टरों व निजी वाहनों के साथ किसानों-मजदूरों का जुटान शुरू हुआ। सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा की राज्य कमेटी के सदस्य शशिकांत ने कहा कि—

 “9 दिसंबर 2021 को सरकार ने MSP की कानूनी गारंटी, आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी तथा बिजली संशोधन बिल को वापस लेने जैसे महत्वपूर्ण वादे किए थे, लेकिन सरकार अपने सभी वचनों से पीछे हट गई है। किसानों-मजदूरों के साथ यह सरासर धोखा है।”


उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा चारों श्रम संहिताओं को लागू करना मजदूरों पर हमला है और आने वाले समय में किसान-मजदूर-कर्मचारी एक बड़े संघर्ष के लिए तैयार हैं।

इसी क्रम में भाकियू के जिला अध्यक्ष सुन्दर सिंह बाल्यान ने कहा कि 380 दिनों के संघर्ष और 736 किसानों की शहादत को याद करने का दिन है, जब हम सभी किसान -मजदूर मिलकर एकबार फिर अपनी मांगों को लेकर सशक्त आंदोलन का आगाज करेंगें। मजदूर नेता रमेशचन्द्र विद्रोही ने कहा कि ऐतिहासिक 8 घंटे काम के अधिकार को पलट कर मौजूदा सरकार ने कारपोरेट के हाथों मजदूरों के दोहरे शोषण का रास्ता खोल दिया है। सीटू नेता राजकुमार शर्मा ने चारों श्रम कोडों की खामियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अब नियोक्ताओं को स्थायी कर्मचारियों को संविदा कर्मी के रूप बदलने की आजादी मिल जाएगी। नई श्रम संहिताएं निजीकरण और कारपोरेट लूट को बढ़ावा देने की ओर एक कदम है।

करीब डेढ़ बजे अंबेडकर पार्क से तस्वीर महल होता हुआ हजारों किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों का पैदल मार्च कलेक्ट्रेट पहुँचा। मार्च के दौरान आंदोलनकारी पोस्टर, बैनर और झंडों के साथ अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे। कलेक्ट्रेट पहुँचकर अपर जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम 16 सूत्रीय संयुक्त मांगपत्र सौंपा गया।


 मुख्य मांगें : 

1. सभी फसलों के लिए C2+50 के आधार पर MSP की कानूनी गारंटी और सुनिश्चित सरकारी खरीद।

2. चारों श्रम संहिताएँ रद्द, ठेका-आउटसोर्सिंग प्रथा बंद, श्रम शक्ति नीति 2025 की वापसी।

3. सभी श्रमिकों के लिए ₹26,000 राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन, ₹10,000 मासिक पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा लाभ।

4. किसानों एवं खेतिहर मजदूरों की संपूर्ण कर्जमाफी और कम ब्याज पर ऋण सुविधा।

5. सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण बंद; बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों का कारपोरेटीकरण रोका जाए; राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन रद्द।

6. स्मार्ट मीटर योजना पर रोक, कृषि पंपों को मुफ्त बिजली, घरेलू व दुकानदार उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली; बिजली संशोधन बिल 2025 की वापसी।

7. सभी को पेंशन, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली।

8. जबरन भूमि अधिग्रहण बंद; भूमि अधिग्रहण कानून 2013 व वन अधिकार अधिनियम का कड़ाई से पालन।

9. रोजगार की गारंटी, मनरेगा में 200 दिन काम व ₹700 दैनिक मजदूरी; मनरेगा का शहरी क्षेत्रों तक विस्तार।

10. महंगाई पर नियंत्रण, जन वितरण प्रणाली सुदृढ़, सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य-शिक्षा; 60 वर्ष पर ₹10,000 पेंशन; अति-धनी पर कर।

11. कोई नया मुक्त व्यापार समझौता न हो; सभी समझौते संसद में पेश किए जाएँ।

12. समाज में बढ़ती साम्प्रदायिकता रोकने के लिए सख्त कानून और प्रभावी क्रियान्वयन; संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता की रक्षा।

13. महिलाओं, दलितों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों पर अत्याचार व साम्प्रदायिक हिंसा पर कड़ी रोक।

स्मार्ट मीटर के विरोध में लाल डिग्गी बिजलीघर का घेराव, मांगें पूरी न होने पर 9 दिसंबर महापड़ाव का ऐलान

कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के बाद किसान-मजदूरों ने लाल डिग्गी स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय का लगभग दो घंटे घेराव किया। मौके अधीक्षण अभियंता अंशुमान यादव किसानों के बीच पहुंचे। 

जबरन स्मार्ट मीटर लगाने, किसानों पर फर्जी बिजली चोरी के मुकदमे थोपने, और बढ़ते बिलों से परेशान जनता ने तीखा विरोध जताया।

नगला कलार, बैंक कॉलोनी, बीमा नगर, चर्च कॉलोनी, नगला मसानी आदि शहरी उपभोक्ताओं ने भी स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने डिजिटल मीटर लगाने की माँग की। जिरौली डोर क्षेत्र के किसानों पर लगाए सभी फर्जी केस वापस लेने की मांग भी जोरदार ढंग से उठी। साथ ही वर्तमान एसडीओ और जेई को हटाने की मांग की।

 किसानों ने खुला ऐलान किया कि गांव में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगें, विभाग कटे कनैक्शन तत्काल जोड़े। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो 9 दिसंबर को लाल डिग्गी पर किसानों -मजदूरों का स्मार्ट मीटर के विरोध में महापड़ाव होगा।

भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा, क्रांतिकारी किसान यूनियन, भाकियू हरपाल, भारतीय किसान सेना, भाकियू सुनील, भारतीय हलधर किसान यूनियन, किसान एकता संघ, किसान मजदूर संगठन, यूपी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, सीटू, इंटक, एटक, निर्माण श्रमिक संगठन, आल इंडिया लॉयर्स यूनियन, विद्युत कर्मचारी संगठन, विद्युत संविदा कर्मचारी यूनियन, विद्युत पेंशनर्स एसोसिएशन, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, पीयूसीएल आदि संगठन प्रमुख सहभागी रहें।

शशिकांत, सुन्दर सिंह बाल्यान, नगेंद्र चौधरी, अशोक नगोला, वीरेन्द्र अत्री, लवलेश ठाकुर, मंगल सिंह, डी.सी. वार्ष्णेय, मुन्नी लाल उपाध्याय, कृष्णकांत सिंह, सर्वेश सिंह, सत्यवीर सिंह सत्तो, कामरेड ऐहतेशाम बेग, नबाब सिंह, हिना विजारत, मुनेश पाल सिंह, रूपेश कुमार, कैलाश बघेल, विजय पाल सिंह, सुरेश चंद्र गांधी, रमेश चंद्र विद्रोही, एडवोकेट ओ.पी. शर्मा, इदरीश मोहम्मद, सूरजपाल उपाध्याय, राजकुमार शर्मा, वीरेन्द्र धूसिया, बलवीर सिंह , विनोद गौतम, सत्यवीर चौधरी, सुल्तान, पुष्पेंद्र चौधरी, देवेंद्र यादव, शकुंतला गांधी,  सहित अनेक किसान-मजदूर नेताओ नें आपना वक्तव्य दिया।