खैर में हुये दोहरे हत्याकांड का ख़ुलासा, महज दो लाख के लिए 'टपका' दिए दोनों!

Aligarh Media Desk

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़| पिछले गुरुवार को खैर इलाके के गाँव उदयपुरा जंगल में रिनोल्ट ट्राइबर गाड़ी UP81DD5288 में दो शव मिले थे| जिनकी शिनाख्त बॉबी पुत्र स्व० श्री कमल सिंह व मोहित पुत्र शिशुपाल निवासीगण ताजपुर रसूलपुर थाना लोधा अलीगढ़ के रूप में हुई थी|

 जिसके सम्बन्ध में वादी की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0-921/2025 धारा 103 (1)/238 बीएनएस पंजीकृत किया गया था। घटनास्थल का निरीक्षण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा फील्ड यूनिट टीम द्वारा किया गया था,और उक्त घटना के खुलासे हेतु एसएसपी द्वारा थाना खैर पुलिस व क्रिमिनल इंटेलीजेंस विगं देहात की संयुक्त टीमों का गठन किया गया था| एसएसपी टीमों द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए सम्पूर्ण घटनाक्रम से सम्बन्धित सड़क मार्ग पर लगे लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया, सीसीटीवी/ सर्विलांस की मदद से गंभीरता से जाच, इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर मु0अ0सं0- 921/2025 धारा 103(1)/238 बीएनएस में वांछित अभियुक्तगण धर्मेन्द्र उर्फ धलुआ पुत्र ओमप्रकाश निवासी जिरौली डोर थाना लोधा अलीगढ़ बौस प्रताप सिंह उर्फ देव पुत्र रामकुमार सिंह निवासी ग्राम जिरौली डोर थाना लोधा अलीगढ़ को गौण्डा रोड नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के पास से 24000/- रुपये तथा रक्त लगे कपड़े व एक जोड़ी जूते बरामद हुये।

पुछताछ में अभियुक्त धर्मेन्द्र उर्फ धलुआ ने पुलिस को बताया कि मृतक बॉबी के मेरे ऊपर 2-2.5 लाख रुपये कर्ज के हो गये थे, कर्ज से परेशान होने के कारण मैंने तथा बौस प्रताप सिंह उर्फ देव ने हरीश व उसके दो अन्य साथियों के साथ मिलकर बॉबी को मारने की योजना बनाई थी। हमने बॉबी को गाड़ी खरीदने के बहाने महरावल पुल के पास बुलाया था, बॉबी अपने साथ मोहित को भी लेकर आया था तो मजबूरी में बॉबी के साथ साथ मोहित की भी हत्या करनी पड़ी थी। बॉबी और मोहित की गोली मारकर हत्या कर लाशों को गाड़ी रिनोल्ट ट्राइबर UP81D528 रखकर सोमना रोड पर ग्राम उदयपुर के जंगल में खड़ी कर दी थी। रिनोल्ट ट्राईब के डेसबॉर्ड से 50 हजार रुपये निकाले थे जिनमें से 25 हजार रुपये हरीश व हरीश के दो अन्य तथा 25 हजार रुपये हम दोनों ने आपस में बांट लिये थे। 


पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डिल्ल JP81BY2139 बरामद हुई है जिससे इनके साथियों को सीसीटीवी फुटेज में आते-जाते गया है तथा अभियुक्तों के पास से मृतक के रक्त से सने हुए कपड़े व जूते भी बरामद हुये हैं| लेकिन पुलिस हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद नहीं कर सकी हैं| हत्या के पीछे के कारण को भी पुलिस क़ी कहानी में झोल क़ी और इशारा कर रही हैं|