#Harduaganj: पूजा नर्सिंग होम संचालिका कुसुम वर्मा के खिलाफ दूसरी FIR दर्ज, ACMO डॉ रोहित गोयल भी आरोपों में शामिल

Aligarh Media Desk
(पूजा नर्सिंग होम का फाईल फोटो: Aligarh Media Digital)
गजेंद्र कुमार, अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, हरदुआगंज| पूजा नर्सिंग होम बुढासी रोड, हरदुआगंज क़ी संचालिका डॉ कुसुम वर्मा के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया हैं| डॉ पूनम वर्मा पर सफ़ेदपुरा गाँव क़ी रहने वाली एक प्रसूता के ईलाज में बड़ी लापरवाही के साथ उसकी मौत करने के गंभीर आरोप में इससे पूर्व मुक़दमा दर्ज कराया था, इस मुक़दमे में गाँव क़ी आशा कार्यकत्री आशा शर्मा क़ी भूमिका को प्रसूता क़ी मौत के लिए भी जिम्मेदार बताते हुये मृतिका के पति नें आशा को भी नामजद किया था|लेकिन आशा क़ी भूमिका पुलिस जाँच और विभागीय जाँच में दोष मुक्त पाई गई थीं| जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो नें मामले में अर्जी-फ़र्जी कार्रवाई करते हुये प्रकरण को झंडे वस्ते में डाल दिया| जाँच रिपोर्ट सामान्य मिलने पर पुलिस नें भी मामूली धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया|लेक़िन मृतिका का पति इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं मृतिका के पति यतेंद्र नें एसएसपी के पास जाकर प्रकरण नें जाँच करने वाले डॉ रोहित गोयल समेत अन्य दोषी लोगों के साथ साथ डॉ कुसुम वर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पुनः हरदुआगंज थाने में मुक़दमा अपराध संख्या 10/2026 दर्ज कराया हैं| हालांकि यह पहला प्रकरण हैं कि पुलिस नें किसी पहले से दर्ज मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज क़ी हो|

पढ़िए, शिकायती पत्र

   महोदय, सविनय निवेदन है कि में यतेंद्र कुमार पुत्र स्व०श्री कल्याण सिंह निवासी ग्राम सफेदपुरा, पोस्ट साधु आश्रम, थाना हरदुआगाज, जनपद अलीगढ, अत्यंत पीडित अवस्था में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहा है। घटना का संक्षिप्त विवरण दिनांक 04.10.2025 को लगभग सायं 4 बजे मेरी पत्नी जावित्री (लगभग 7 माह गर्भवती) की तबीयत अचानक बिगड गई। ग्राम की संबंधित ASHA कार्यकर्ता द्वारा सरकारी अस्पताल ने जाकर यह कहकर वहाँ डक्टर उपलब्ध नहीं है, अपनी पहचान का हवाला देते हुए पूजा नर्सिंग होम बुढासी रोड, हरदुआगंज में भर्ती कराया गया। वहाँ डॉ. कुसुम वर्मा एवं डॉ पूनम द्वारा उपचार किया गया तथा अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें बच्चे की हार्टवीट कम बताई गई। मेरी पत्नी की स्थिति गंभीर होने के बावजूद दिनांक 06.10.2025 को मेरी स्पष्ट आपत्ति एवं रेफर किए जाने के अनुरोध के बावजूद विना समुचित चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाए नर्मल डिलीवरी कर दी गई, जिसमें बच्चा मृत पैदा हुआ। डिलीवरी के बाद मेरी पत्नी की स्थिति लगातार बिगडती गई। समय पर उचित उपचार एवं रेफर न किये जाने के कारण दिनांक 07.10.2025 को प्रातः लगभग 9 बजे बरुण हस्पीटल, अलीगढ़ में मेरी पत्नी की भी मृत्यु हो गई। शिकायत एवं प्रशासनिक घटनाक्रम.. दिनांक 09.10.2025 को मैने थाना हरदुआगंज में शिकायत दी। दिनांक 10.10.2025 CMO कार्यालय अलीगढ़ में भी शिकायत दी गई। इसके पक्षात जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने पर ACMO ड. रोहित गोयल द्वारा तथ्यहीन एवं भ्रामक रिपोर्ट लगाई गई, जिसमें नर्सिंग होम को 2 वर्ष से बंद दर्शाया गया, जबकि यह तथ्य असत्य था (शिकायत संख्या 40014325047986) (दिनाक 05.12.2025 को जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें नर्सिंग होम खुला एवं अवैध रूप से संचालित पाया गया तथा 05.12.2025 को इसके 02 कमरे सील किए गए । दिनांक 10.12.2025 को थाना हरदुआगंज में FIR दर्ज की गई, जिसमें शिकायतकर्ता के रूप में ACMOड. रोहित गोयल का नाम अंकित है, जबकि मेरी पत्नी एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु को FIR में आपराधिक कृत्य से जोड़ते हुए कोई धारा अंकित नहीं की गई है। निवेदन प्रार्थना अतः महोदय में विनम्र निवेदन है कि- FIR में मृत्यु एवं गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही से संबंधित उचित धाराएँ जोड़ी जाएं । ड कुसुम वर्मा, ड. पूनम, नर्सिंग होम संचालक, संबंधित ASHA कार्यकर्ता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ACMO ‌द्वारा लगाई गई गलत रिपोर्ट की स्वतंत्र जांच कराई जाए । प्रकरण की विवेचना वरिष्ठ स्तर की निगरानी में कराई जाए । महोदय, यह प्रकरण मेरी पत्नी एवं अजन्मे बच्चे की मृत्यु में जुडा है। कृपया न्यायहित में शीघ्र व निष्पक्ष कार्रवाई करने की कृपा करें। संलग्नक (Documents Attached) 1. पूजा नर्सिग होम में सम्बन्धित उपचार/डिलीवरी के दस्तावेज 2. ऑनलाइन UPI भुगतान का प्रमाण 3 अमर उजाला समाचार पत्र की कटिम 4 अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट 4. मृत्यु प्रमाण पत्र 5. CMO कार्यालय की जांच रिपोर्ट 6.FIR कपी 7. CMO जचरिपोर्ट 8. मेरे पास 02/12/2025 का वीडियो प्रमाण उपलब्ध है, जिसमें Pooja Nursing Home खुला हुआ है कुसुम डक्टर व पूरा स्टाफ मौजूद है। 

BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 106 (1) 'लापरवाही से मृत्यु कारित करना' से संबंधित है, जो किसी व्यक्ति द्वारा जल्दबाजी या लापरवाही से किए गए ऐसे कार्य के कारण होने वाली मृत्यु के लिए सज़ा का प्रावधान करती है, जो 'आपराधिक मानव वध' की श्रेणी में नहीं आता; इसके तहत अधिकतम 5 साल की कैद और जुर्माने की सज़ा हो सकती है, जिसमें रजिस्टर्ड डॉक्टर की लापरवाही पर कम सज़ा (2 साल तक) और वाहन चलाते हुए लापरवाही (हिट एंड रन) के लिए अधिक सज़ा (10 साल तक, हालांकि यह प्रावधान अभी रुका हुआ है) के विशेष प्रावधान हैं, जो IPC की धारा 304A की जगह लेता है। 

चिकित्सा लापरवाही (Medical Negligence): यदि कोई रजिस्टर्ड डॉक्टर अपनी चिकित्सीय प्रक्रिया के दौरान लापरवाही से किसी की मृत्यु करता है, तो उसे 2 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है (कम सज़ा)।

धारा 106(1) अभी भी जमानती अपराध है, जबकि धारा 106(2) को गैर-जमानती बना दिया गया है।