अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, नई दिल्ली/अलीगढ़। भारत सरकार के तहत आयोजित 'India AI Impact Summit 2026' में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के युवा शोधकर्ता दीपांशु पाराशर को वक्ता के रूप में नामित किया गया है। यह पांच दिवसीय वैश्विक AI समिट 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रही है, जिसमें दीपांशु पाराशर 19 फरवरी को अपना सत्र संबोधित करेंगे।
यह समिट ग्लोबल साउथ में पहली बार आयोजित होने वाला सबसे बड़ा AI सम्मेलन है, जिसमें 35,000 से अधिक वैश्विक रजिस्ट्रेशन, 100+ देशों की भागीदारी, 15-20 राष्ट्राध्यक्ष, 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मंत्री और 40+ प्रमुख भारतीय-वैश्विक CEO (जैसे Google के Sundar Pichai, OpenAI के Sam Altman, Nvidia के Jensen Huang, Meta के Alexandr Wang, Microsoft के Brad Smith आदि) शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। यह समिट AI को लोगों, पर्यावरण और प्रगति के लिए प्रभावी बनाने पर केंद्रित है, जो UK AI Safety Summit, France AI Action Summit जैसे वैश्विक मंचों के बाद एक महत्वपूर्ण कदम है।
दीपांशु पाराशर, जो अलीगढ़ जिले की इगलास तहसील के गांव गुरसेना के मूल निवासी हैं,और वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं, Software Technology Parks of India (STPI) और Atal Incubation Mission (AIM) से जुड़े सत्र में बोलेंगे। इन सरकारी पहलों के मंच पर युवा शोधकर्ता का वक्ता बनना उनके कार्य की नीति-निर्माण और उद्योग स्तर पर मान्यता दर्शाता है।
ऐसे अभूतपूर्व वैश्विक मंच पर जहां दुनिया के शीर्ष AI नेता, नीति-निर्माता और निवेशक एक साथ आ रहे हैं—दीपांशु पाराशर का स्पीकर के रूप में चयन, चयनित वक्ताओं की सूची में दीपांशु सबसे कम उम्र के वक्ता हैं, महज 23 वर्ष की आयु में इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर जगह बनाकर उन्होंने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
दीपांशु पाराशर की यात्रा प्रेरणादायक है। मात्र 14 वर्ष की आयु में उन्होंने साइबर सुरक्षा और हैकिंग पर पुस्तक "The Hacking Dimension" लिखकर तकनीकी जगत का ध्यान खींचा था। कम उम्र में इतना गहन शोध और लेखन उनकी प्रतिभा का प्रमाण था, जो अब AI और उभरती तकनीकों में उनके योगदान का आधार बना है। ऐसे वैश्विक मंच पर उनकी आवाज न केवल तकनीकी चर्चाओं को गहराई देगी, बल्कि दुनिया भर के नीति-निर्माताओं, CEO और विचारकों के निर्णयों पर अमिट प्रभाव छोड़ेगी।
यह उपलब्धि युवाओं के लिए मिसाल है कि दृढ़ संकल्प से वैश्विक मंच पर नाम कमाया जा सकता है। गांव गुरसेना का यह बेटा अब भारत के AI भविष्य को आकार देने वाले मंच पर अपनी आवाज बुलंद करेगा।

